रेलवे ट्रैक पर सिग्नल ठीक कर रहे थे 3 कर्मचारी, अचानक आ गई लोकल ट्रेन, मौके पर ही हो गई मौत

Indian Railways: वेस्टर्न रेलवे के सिग्नलिंग विभाग के तीन कर्मचारी पीक आवर्स के दौरान वसई स्टेशन के पास एक उपनगरीय लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए.
रेलवे ट्रैक पर सिग्नल ठीक कर रहे थे 3 कर्मचारी, अचानक आ गई लोकल ट्रेन, मौके पर ही हो गई मौत

(Source: Reuters)

Indian Railways: एक चौंकाने वाली घटना में पश्चिम रेलवे के सिग्नलिंग विभाग के तीन कर्मचारी पीक आवर्स के दौरान वसई स्टेशन के पास एक उपनगरीय लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुख्य प्रवक्ता सुमित ठाकुर के अनुसार, मृतकों में भायंदर में मुख्य सिग्नलिंग इंस्पेक्टर वासु मित्रा, वसई में इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर सोमनाथ यू. लैम्बुट्रे और एक सहायक सचिन वानखेड़े शामिल हैं. ये सभी मुंबई डिवीजन से थे.

सिग्नल ठीक करने गए थे कर्मचारी

सोमवार शाम कुछ सिग्नलिंग प्वाइंट फेल हो गये थे. तीनों देर रात उन्हें ठीक करने गए थे. रात करीब 8.55 बजे तीनों अधिकारी अप स्लो लाइन पर वसई रोड और नायगांव स्टेशन के बीच गुजर रही एक उपनगरीय लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए. उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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घटना की खबर सुनते ही, पश्चिम रेलवे मंडल रेल प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिवारों को हरसंभव मदद दी. साथ ही इस त्रासदी की पूरी जांच के आदेश दिए.

मृतकों के परिवार को मिली सहायता राशि

पश्चिम रेलवे ने तत्काल राहत के रूप में प्रति परिवार 55 हजार रुपये की राशि का भुगतान किया है, और आगे की अनुग्रह राशि और अन्य भुगतान/बकाया 15 दिन के भीतर सभी मृत कर्मचारियों के परिवारों को वितरित कर दिए जाएंगे. ठाकुर ने कहा कि मित्रा का परिवार लगभग 1.24 करोड़ रुपये का हकदार था, जबकि लंबुतरे और वानखेड़े के परिवारों को लगभग 40-40 लाख रुपये मिलेंगे.

अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, तीन कर्मचारियों के अन्य आधिकारिक निपटान बकाया का भुगतान भी परिवार के सदस्यों को किया जाएगा और यह प्रक्रियाधीन है.

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