कमाई छोड़ो...हर 100 रुपये के टिकट पर रेलवे जेब से देती है 45 रुपये, 1 साल में सिर्फ सब्सिडी पर खर्च हुआ इतना

Indian Railways subsidy: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने लोकसभा में बताया कि रेलवे पैसेंजर्स को सस्ता ट्रैवल देने के लिए हर टिकट पर करीब 45 हिस्सा खुद कवर करती है.
कमाई छोड़ो...हर 100 रुपये के टिकट पर रेलवे जेब से देती है 45 रुपये, 1 साल में सिर्फ सब्सिडी पर खर्च हुआ इतना

Indian Railways subsidy: अगर आप भी ट्रेन से सफर करते हैं और हालिया किराया बढ़ोतरी से थोड़े परेशान हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद अहम है. केंद्र सरकार ने संसद को बताया है कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2023–24 में यात्रियों को कुल ₹60,466 करोड़ की सब्सिडी दी है. यह सब्सिडी भारतीय रेलवे द्वारा हर साल करोड़ों पैसेंजर्स को सस्ती यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि ये सब्सिडी यात्रा की वास्तविक लागत का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा कवर करती है. यानी जो किराया आप देते हैं, रेलवे उसकी लगभग आधी लागत खुद वहन करता है. यही वजह है कि भारत में ट्रेन यात्रा दुनिया के सबसे सस्ते सफर में गिनी जाती है.

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कितना बढ़ा रेलवे का किराया?

रेल मंत्री ने बताया कि हालिया किराया संशोधन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ है और यह पिछले पांच सालों में पहली बार हुआ है. उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बढ़ोतरी बेहद मामूली है और ज्यादातर यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

  • 0.5 पैसे प्रति किलोमीटर – सेकंड क्लास (साधारण), स्लीपर, फर्स्ट क्लास (साधारण) यात्राओं में
  • 1 पैसा प्रति किलोमीटर – नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस श्रेणी
  • 2 पैसे प्रति किलोमीटर – आरक्षित एसी क्लास यात्राओं में

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यात्री 1,000 किलोमीटर का सफर कर रहा है, तो उसका किराया अधिकतम ₹10 से ₹20 तक ही बढ़ेगा, वो भी क्लास के हिसाब से.

इन पैसेंजर्स पर नहीं पड़ेगा असर

रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 500 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले सेकंड क्लास सामान्य कोच यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा मासिक सीजन टिकट (MST) और शहरी/लोकल ट्रेनों के किराये में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, ताकि दैनिक यात्री, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े.

उनका कहना था, "हमने किराए में बेहद सीमित बढ़ोतरी की है. उदाहरण के लिए, 500 किमी की यात्रा करने वाले यात्री के किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है."

हर साल कितने लोग करते हैं ट्रेन से यात्रा

रेल मंत्री ने संसद में यह भी बताया कि रेलवे हर साल 720 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को ट्रांसपोर्ट करता है, और ऐसे में रेलवे पर सब्सिडी का भार काफी भारी होता है. इसके बावजूद सरकार यात्रियों को राहत देने के लिए किराया न्यूनतम स्तर पर बनाए रखने की नीति पर कायम है.

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