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Indian Railways और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे देशभर में काम कर रहे लाखों रेलवे कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा. शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) की मौजूदगी में इंडियन रेलवे और SBI के बीच एक अहम समझौता (MoU) साइन हुआ. इस MoU के तहत रेलवे कर्मचारियों को अब पहले से कई गुना ज्यादा इंश्योरेंस कवर मिलने जा रहा है.
रेलवे देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है और करीब 7 लाख कर्मचारी अपनी सैलरी का खाता SBI में रखते हैं. ऐसे में इस समझौते से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को फायदा पहुंचेगा.
अब तक रेलवे कर्मचारियों को CGEGIS (Central Government Employees Group Insurance Scheme) के तहत काफी कम इंश्योरेंस कवर मिलता था.
लेकिन अब इस नई योजना के तहत ये कवर सीधा 1 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है. मतलब अगर किसी रेलवे कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा.
इस समझौते के तहत रेलवे कर्मचारियों को हवाई दुर्घटना (Air Accident) में मौत की स्थिति में 1.6 करोड़ रुपये का कवर मिलेगा. इतना ही नहीं, इसके साथ ही RuPay डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त 1 करोड़ रुपये तक का कवर भी मिलेगा. यानी अगर कोई कर्मचारी ऑफिसियल ट्रैवल के दौरान हवाई हादसे का शिकार होता है तो उसके परिवार को 2.6 करोड़ रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिल सकता है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने MoU साइनिंग के दौरान कहा कि ये कदम रेलवे कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है. फ्रंटलाइन पर काम करने वाले ग्रुप C के कर्मचारी अक्सर सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं. चाहे ट्रैक पर काम करना हो, ट्रेन ऑपरेशन संभालना हो या फिर दूसरी जिम्मेदारियां – इनमें खतरा बना रहता है. ऐसे में यह इंश्योरेंस योजना उनके परिवार के लिए बेहद राहतभरी होगी.
सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों को इसके लिए अलग से प्रीमियम भरने की जरूरत नहीं है. बस उन्हें SBI में अपनी सैलरी अकाउंट बनाए रखना होगा. इसके अलावा किसी मेडिकल टेस्ट की भी जरूरत नहीं होगी.
रेलवे और SBI के इस MoU से लाखों परिवारों की चिंता कम हो जाएगी. अब तक ज्यादातर परिवारों को सिर्फ नाम मात्र का इंश्योरेंस कवर मिलता था, जो किसी बड़ी दुर्घटना के समय काम नहीं आता था. लेकिन अब अगर कोई अनहोनी होती है, तो परिवार को आर्थिक संकट झेलना नहीं पड़ेगा.
पिछले कुछ सालों में मोदी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के कल्याण पर कई बड़े फैसले लिए हैं. ये MoU भी उसी दिशा में एक और अहम कदम है. रेल मंत्री ने साफ कहा कि रेलवे सिर्फ यात्रियों की ही नहीं, बल्कि अपने कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी समझता है.
जानकारों का कहना है कि रेलवे और SBI आगे भी ऐसे कई कदम उठा सकते हैं. कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस, बच्चों की एजुकेशन सपोर्ट और रिटायरमेंट बेनिफिट्स जैसी योजनाओं पर भी काम किया जा सकता है.
रेलवे कर्मचारियों के लिए यह MoU किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है. अब उन्हें और उनके परिवारों को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षा मिलेगी. इतना बड़ा इंश्योरेंस कवर पब्लिक सेक्टर में अपने आप में मिसाल है. यह कदम दिखाता है कि भारतीय रेलवे और SBI अपने कर्मचारियों के हितों को लेकर कितने गंभीर हैं.
Q1. इंडियन रेलवे और SBI के बीच साइन हुए इस नए MoU का फायदा किन-किन कर्मचारियों को मिलेगा?
Ans. यह MoU उन सभी रेलवे कर्मचारियों को फायदा देगा, जिनका सैलरी अकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है. इसमें खासतौर पर फ्रंटलाइन ग्रुप C कर्मचारी भी शामिल हैं.
Q2. इस MoU के तहत रेलवे कर्मचारियों को कितनी इंश्योरेंस कवरेज मिलेगी?
Ans. अब रेलवे कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपये तक का एक्सीडेंटल डेथ कवरेज मिलेगा. इसके अलावा एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 1.6 करोड़ रुपये और रूपे डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त 1 करोड़ रुपये तक का कवर भी उपलब्ध होगा.
Q3. क्या इस इंश्योरेंस कवर के लिए कर्मचारियों को कोई प्रीमियम देना होगा?
Ans. नहीं, इस MoU के तहत कर्मचारियों को किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना होगा और न ही मेडिकल चेकअप की जरूरत होगी. यह बेनिफिट मुफ्त में दिया जाएगा.
Q4. इस MoU के तहत नेचुरल डेथ पर भी कवरेज दिया जाएगा?
Ans. हां, रेलवे कर्मचारियों को अब नेचुरल डेथ (स्वाभाविक मृत्यु) पर भी 10 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा.
Q5. इस MoU से कितने रेलवे कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे?
Ans. लगभग 7 लाख रेलवे कर्मचारी, जिनके सैलरी अकाउंट SBI में हैं, इस MoU से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे.
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