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रेल हादसों को टालने के लिए रेलवे की ओर से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा (फाइल फोटो)
रेलवे ने मिशन जीरो एक्सीडेंट लागू कर रेल यात्रा को और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. रेलवे की ओर से 450 किलोमीटर लम्बे ट्रैक पर सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाने को योजना को मंजूरी दे दी गई है. रेलवे में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सिग्नलिंग के लिए कई आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा. रेलवे को उम्मीद है कि इस कदम से रेल हादसों की संख्या में कमी आएगी.
450 किलोमीटर रूट पर लगेगा आधुनिक सिस्टम
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लगभग 450 किलोमीटर लम्बे रेलवे ट्रैक पर एकीकृत सिग्नल सिस्टम लगाने को मंजूरी दे दी गई है. इस पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली - चेन्नई रूट के झांसी - बीना सेक्शन पर लगभग 150 किलोमीटर ट्रैक पर सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके अलावा रेनिगुंडटा सेक्शन पर लगभग 155 किलोमीटर व विजयनगरम सेक्शन पर लगभग 140 किलोमीटर के सेक्शन पर रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम को बेहद आधुनिक बनाया जाएगा.
इन रूटों पर अपडेट होगा सिग्नलिंग सिस्टम
रेलवे के इन रूटों पर यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम के अलावा एलटीई बेस्ड मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्यूनिकेशन सिस्टम लगाया जाएगा. वहीं दूर दराज के इलाकों में दो स्टेशनों के बीच मालगाड़ियों का पता लगानेक के लिए डाग्नोस्टिक एंड प्रोटेक्टिव सिस्टम लगाए जाएंगे.