U.P को रेलवे का बड़ा तोहफा, आज रेल लाइन से जुड़ेगा ये हिस्सा

रेल यात्रियों के लिए लखनऊ से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के लिए रेल यात्रा काफी असान हो जाएगी. बुधवार को रेलवे की ओर से लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सीतापुर रेलखंड को जोड़े जाने के बाद यहां बड़ी लाइन की गाड़ियों का परिचालन हो सकेगा.
U.P को रेलवे का बड़ा तोहफा, आज रेल लाइन से जुड़ेगा ये हिस्सा

उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों को रेलवे आज देगा ये तोहफा (फाइल फोटो)

रेल यात्रियों के लिए लखनऊ से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के लिए रेल यात्रा काफी असान हो जाएगी. बुधवार को रेलवे की ओर से लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सीतापुर रेलखंड को जोड़े जाने के बाद यहां बड़ी लाइन की गाड़ियों का परिचालन हो सकेगा. रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा बुधवार को इस बड़ी लाइन के रेलखंड पर पहली स्पेशल ट्रेन को खैराबाद अवध स्टेशन पर आयोजित समारोह में झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. यह परियोजना लगभग डेढ़ साल की देरी से शुरू हो पा रही है.

ऐशबाग से सीतापुर चलेगी ट्रेन
इस सुविधा के शुरू हो जाने से रेल यात्रियों को काफी सहूलियत होगी. अब तक लखनऊ से सीतापुर जाने के लिए रेल यात्रियों को बस में महंगा किराया दे कर ही यात्रा करनी पड़ती है. लेकिन सीतापुर रेलवे स्टेशन को बड़ी लाइन से जोड़े जाने के बाद इस रूट पर रेलगाड़ियों के जरिए भी बेहद कम किराया में पहुंचा जा सकेगा. वहीं रेलवे की योजना है कि 2020 तक सीतापुर से मैलानी के रेलखंड को भी ब्राड गेज में परिवर्ति कर दिया जाए. इसके बाद लखनऊ से उत्तराखंड के हिल स्टेशनों तक पहुंचना बेहद असान हो जाएगा और इस रूट पर कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी.

132 साल पहले शुरू हुआ था ये सेक्शन
लगभग 132 साल पहले रेलवे की ओर से 14 नवम्बर को 1886 में लखनऊ से सीतापुर के बीच छोटी लाइन की ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था. रुहेलखंड और कुमाऊं रेल कंपनी ने इसकी शुरूआत की थी. 13 साल पहले तक लखनऊ जंग्शन से इस रूट पर छोटी लाइन की ट्रेनों का संचालन होता था. अब यह पूरा रेलखंड बड़ी लाइन में तबदील कर दिया गया है.

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किया गया ये काम
लखनऊ से पीलीभीत के बीच मीटरगेज को ब्राड गेज में परिवर्तित किया जा रहा है. इसके तहत लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सीतापुर रेलवे स्टेशन के बीच के लगभग 88.25 किलोमीटर के हिस्से को परिवर्तित कर दिया गया है. इस परियोजना पर लगभग 374 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इस पूरे रूट पर लगभग 41 क्रासिंग, 06 सीमित ऊंचाई के सबवे, 08 रोड डायवर्जन तथा 07 स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज बनाए गए हैं. इस रूट का उद्घाटन हो जाने पर इस पर 03 जोड़ी पैसेंजर रेलगाड़ियों को चलाने का भी निर्णय लिया गया है.

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