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Indian Railways fake photos: दिवाली, दुर्गा पूजा और छठ पूजा जैसे त्योहारों के बीच जब लाखों लोग ट्रेन से सफर कर रहे हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स पुराने और भ्रामक फोटो-वीडियो शेयर कर रहे हैं. इन तस्वीरों में ट्रेनों में भीड़, अव्यवस्था और यात्रियों की परेशानी दिखाई जा रही है, ताकि रेलवे की छवि खराब की जा सके. भारतीय रेलवे ने अब इस पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. बीते 5 दिनों में 40 से अधिक पोस्ट को “पुराना और भ्रामक” बताते हुए आधिकारिक रूप से स्टैम्प किया गया है.
रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इन्फ्लुएंसर्स पुराने फोटो खरीदकर उन्हें मौजूदा हालात से जोड़कर पेश कर रहे हैं. इन फोटोज की कीमत ₹7,000 से ₹23,000 के बीच बताई जा रही है, और इसे बिना संदर्भ के आज के हालात जैसा दिखाया गया. रेलवे ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 12,011 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं और भीड़ नियंत्रण के लिए हर जोन पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुछ डिजिटल मीडिया हाउसेज़ और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स “व्यूज़ और ट्रैफिक बढ़ाने” के लिए पुरानी तस्वीरें खरीद रहे हैं. वे इन्हें नए संदर्भ में दिखाकर घबराहट और भ्रम फैला रहे हैं. इससे न केवल रेलवे की साख पर असर पड़ता है, बल्कि यात्रियों में अनावश्यक डर और असुरक्षा की भावना भी फैलती है.
रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 5 दिनों में 40 से अधिक पुरानी और गलत पोस्ट्स को ‘फैक्ट-चेक’ कर पुराना बताया गया है. कई मामलों में संबंधित अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस तरह के भ्रामक कंटेंट पोस्ट करने वाले लोगों पर Railways Act, IT Act और भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyaya Sanhita), 2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे ने कहा है कि किसी भी तरह की गलत जानकारी या अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है. यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस समय रेलवे देशभर में त्योहारों के दौरान यात्रा के लिए 12,000 से ज्यादा विशेष ट्रेनें चला रहा है. सभी जोनों के CPRO (Chief Public Relations Officers) को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी वायरल फोटो या वीडियो की तुरंत जांच की जाए और अगर वह पुराना पाया जाए, तो उसे “Misleading and Old” का स्टैम्प लगाकर सार्वजनिक किया जाए.
रेल मंत्रालय ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि किसी भी वायरल तस्वीर या वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई जांचें. रेलवे के आधिकारिक ट्विटर/X हैंडल्स और PIB Fact Check चैनल्स को फॉलो करें ताकि सही जानकारी मिल सके. जल्द ही रेलवे इस तरह की गलत जानकारी से बचाने के लिए एक डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन भी चलाने जा रहा है.
त्योहारों के सीजन में जब देशभर में लाखों लोग ट्रेनों में सफर कर रहे हैं, ऐसे में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और मीडिया हाउसेज़ द्वारा पुरानी तस्वीरें बेचकर झूठ फैलाना चिंता की बात है. भारतीय रेलवे ने इस पर तुरंत एक्शन लेकर यह साफ संदेश दिया है कि फेक न्यूज़, फोटो मैनिपुलेशन और मिसलीडिंग कंटेंट अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. अगर आप भी किसी संदिग्ध पोस्ट को देखें, तो उसे रिपोर्ट करें या रेलवे के आधिकारिक हैंडल पर टैग करें.
1. क्या वास्तव में पुरानी तस्वीरें दोबारा वायरल की जा रही हैं?
हां, कई सोशल मीडिया हैंडल्स पुराने फोटो बेचकर मौजूदा हालात से जोड़ रहे हैं.
2. रेलवे ने कितनी ऐसी पोस्ट्स पर कार्रवाई की है?
पिछले 5 दिनों में 40 से अधिक पोस्ट्स को “पुराना और भ्रामक” बताते हुए स्टैम्प किया गया है.
3. क्या इसके खिलाफ केस भी दर्ज किए जा रहे हैं?
हां, कई मामलों में FIR दर्ज की गई है और IT Act, Railway Act के तहत कार्रवाई चल रही है.
4. क्या रेलवे ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है?
हां, रेलवे के कई जोनल हैंडल्स और CPROs ने सार्वजनिक पोस्ट्स के जरिए स्थिति स्पष्ट की है.
5. यात्रियों को क्या करना चाहिए?
केवल रेलवे या PIB Fact Check की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें.
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