पत्थरबाजों की धरपकड़ से हादसों को रोकने तक, जानिए रेलवे की वो 11 जादुई AI तकनीकें, जिन्होंने बदल दी ट्रेन के सफर की सूरत

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि कैसे AI और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से वंदे भारत पर पत्थरबाजी करने वाले दोषियों को उनके घर से दबोचा गया. सुरक्षा से लेकर सिग्नलिंग और खाने की शुद्धता तक, रेलवे ने कवच (KAVACH) और Wobot जैसी 11 अत्याधुनिक AI तकनीकों को अपनाकर रेल हादसों में भारी कमी (135 से घटकर मात्र 11) लाने में सफलता प्राप्त की है.
पत्थरबाजों की धरपकड़ से हादसों को रोकने तक, जानिए रेलवे की वो 11 जादुई AI तकनीकें, जिन्होंने बदल दी ट्रेन के सफर की सूरत

हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी करने वालों को हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से पहचान कर गिरफ्तार किया गया. उन्होंने संसद में बताया कि मुजफ्फरनगर क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी की घटना में कैमरे में कैद एक व्यक्ति की बेहद छोटी-सी तस्वीर के आधार पर एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे दोषियों के घर तक पहुंचने में सफलता मिली.

पिछले कुछ सालों में रेलवे ने एआई का खूब इस्तेमाल किया है. कई तकनीकों में एआई को लगा दिया है. रेलवे के कई सारे कामों में एआई मदद कर रहा है. आइए जानते हैं ऐसे 10 काम, जिसमें रेलवे ने एआई की मदद ली है और उससे खूब फायदा हुआ है.

1- ट्रेन टक्कर रोकने में AI का बड़ा रोल (KAVACH सिस्टम)

Add Zee Business as a Preferred Source

भारतीय रेलवे ने जो KAVACH सिस्टम लॉन्च किया है, वह एक तरह का Automatic Train Protection (ATP) सिस्टम है. यह ट्रेन की स्पीड और सिग्नल को खुद मॉनिटर करता है. खतरे की स्थिति में खुद ब्रेक लगा सकता है. AI आधारित मॉनिटरिंग से दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रेन हादसे 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में 11 तक आ गए हैं.

2- AI से ट्रैक और ट्रेन की हेल्थ चेक (Predictive Maintenance)

अब रेलवे AI का इस्तेमाल करके पहले ही पता लगा लेता है कि ट्रैक में खराबी कब आएगी और ट्रेन के पार्ट्स कब खराब होंगे. इसकी वजह से पहले से ही रिपेयर प्लान हो जाता है और हादसों का खतरा कम होता है.

3- AI कैमरे और सेंसर से ट्रेन की जांच

अब रेलवे स्टेशनों पर AI कैमरे लगाए जा रहे हैं जो, ट्रेन के नीचे के पार्ट्स स्कैन करते हैं. वह टूट-फूट या डैमेज तुरंत पकड़ लेते हैं. इससे manual checking की जरूरत कम हो रही है. AI सिस्टम रियल टाइम में ट्रेन के पहिए, एक्सल आदि की जांच करता है और किसी तरह की खराबी या दिक्कत मिलते ही तुरंत अलर्ट करता है.

4- जानवरों को बचाने के लिए AI (Elephant Detection System)

रेलवे अब AI का इस्तेमाल करके जानवरों को भी बचाया रहा है. AI सेंसर ट्रैक के पास जानवरों की मौजूदगी पकड़ते हैं और लोको पायलट को पहले ही अलर्ट मिल जाता है. सिस्टम लोको पायलट और कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे जानवरों, खासकर हाथियों की जान बचाई जा सकती है. बता दें कि रेलवे ट्रैक पर हाथियों के ट्रेन से टकराने का खतरा काफी रहता है.

5- RailMitra ऐप: यात्रियों के लिए स्मार्ट सुविधा

रेलवे ने RailMitra ऐप लॉन्च किया है, जो AI और मशीन लर्निंग पर काम करता है. इस ऐप से आप ट्रेन का लाइव स्टेटस देख सकते हैं, PNR चेक कर सकते हैं, सीट मिलने की संभावना जान सकते हैं और ट्रेन में खाना ऑर्डर कर सकते हैं. यानी सफर से जुड़ी सारी जानकारी एक ही जगह.\

6- SMART कोच: ट्रेन खुद बताएगी अपनी हालत

रेलवे ने SMART Coach शुरू किया है. इसमें सेंसर लगे होते हैं, जो ट्रेन की हेल्थ (स्थिति) लगातार मॉनिटर करते हैं. खराबी पहले ही पता चल जाती है. इससे रेलवे अब predictive maintenance की तरफ बढ़ रहा है.

7- ट्रैक की मरम्मत अब AI तय करेगा

AI अब यह तय करता है कि ट्रैक कब खराब हो सकता है और कब रिपेयर करना चाहिए. इसके ये फायदे हैं कि ट्रेन समय पर चलती हैं और 90% तक समय पर संचालन संभव रहता है.

8- खाने की क्वालिटी पर भी AI की नजर (Wobot)

रेलवे ने कैटरिंग में AI सिस्टम (Wobot) लागू किया है. यह किचन में निगरानी करता है. अगर कोई स्टाफ नियम नहीं मान रहा (जैसे कैप नहीं पहनी), तो तुरंत रिपोर्ट भेजता है. इससे खाने की क्वालिटी और हाइजीन बेहतर होती है.

9- सिग्नल फेल होने से पहले ही अलर्ट

AI का इस्तेमाल अब सिग्नल सिस्टम में भी हो रहा है. यह पहले ही बता देता है कि सिग्नल कब खराब हो सकता है. डेटा मोबाइल नेटवर्क (3G/4G) से भेजा जाता है, इससे बड़ी दुर्घटनाओं से बचाव होता है.

10- कंटेनर टर्मिनल भी हो रहे हैं स्मार्ट (CONCOR AI सिस्टम)

रेलवे की कंपनी CONCOR AI का इस्तेमाल करके कंटेनर की एंट्री-एग्जिट ऑटोमैटिक कर रही है. सात ही माल को सही जगह गाइड कर रही है और पूरा सिस्टम डिजिटल बना रही है. इससे काम तेज, सटीक और कम खर्च में होता है.

11- AskDISHA 2.0: AI चैटबॉट से टिकट बुकिंग

IRCTC का AI चैटबॉट AskDISHA 2.0 भी एक बड़ा कदम है. आप आवाज से ही टिकट बुक कर सकते हैं. चैट या क्लिक से भी काम कर सकते हैं. इसमें OTP से लॉगिन होता है. इससे 70% तक यूजर एक्सपीरियंस बेहतर हुआ है.

Conclusion

भारतीय रेलवे का यह 'टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन' दिखाता है कि हम भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. एआई न केवल पत्थरबाजों और अपराधियों को पकड़ने में मददगार है, बल्कि यह हर यात्री के सफर को सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक बनाने की गारंटी भी दे रहा है. अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे अब 'डिजिटल इंडिया' का सबसे बड़ा चेहरा बन गया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या कवच (KAVACH) सिस्टम सभी ट्रेनों में लगा है?

इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जा रहा है, विशेषकर वंदे भारत और हाई-स्पीड रूट्स पर इसे प्राथमिकता दी जा रही है.

2- पत्थरबाजों को एआई कैसे पकड़ता है?

वंदे भारत जैसी ट्रेनों में लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे छोटी सी धुंधली तस्वीर को एआई डेटाबेस से मैच करते हैं, जिससे अपराधियों की पहचान आसान हो जाती है.

3- AskDISHA 2.0 पर टिकट कैसे बुक करें?

आप IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर जाकर चैटबॉट आइकन पर क्लिक कर सकते हैं और अपनी भाषा में बोलकर टिकट की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं.

4- Wobot एआई से खाने की क्वालिटी कैसे बढ़ती है?

यह किचन में लाइव मॉनिटरिंग करता है. अगर कोई रसोइया बिना कैप या ग्लव्स के काम करता है, तो एआई तुरंत ऑब्जेक्शन उठाता है, जिससे हाइजीन बनी रहती है.

5- क्या एआई के आने से रेल हादसों में कमी आई है?

जी हां, 2014 के मुकाबले हादसों की संख्या में 90% से ज्यादा की गिरावट आई है, जो एआई की सटीकता को दर्शाता है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6