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GNWL, RLWL और PQWL में क्या अंतर है और कौन सी टिकट कन्फर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं? (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
ट्रेन टिकट बुक करते समय अगर स्क्रीन पर WL 15, WL 25 या RAC 40 लिखा दिख जाए तो ज्यादातर लोग तुरंत एक ही सवाल पूछते हैं टिकट कन्फर्म हो जाएगी न?
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रेलवे की वेटिंग लिस्ट को लेकर सबसे ज्यादा गलतफहमियां यहीं से शुरू होती हैं. कई लोग मानते हैं कि कम वेटिंग नंबर का मतलब कन्फर्म टिकट पक्का है, जबकि कुछ लोग RAC और WL का अंतर तक नहीं जानते।.असल में रेलवे का रिजर्वेशन सिस्टम सिर्फ एक नंबर का खेल नहीं है. GNWL, RLWL, PQWL, RAC और चार्ट प्रिपरेशन जैसे कई फैक्टर तय करते हैं कि आपकी सीट मिलेगी या नहीं.
आइए समझते हैं रेलवे की वेटिंग लिस्ट से जुड़े 5 सबसे बड़े मिथक.
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है
सिर्फ वेटिंग नंबर देखकर कोई यह नहीं बता सकता कि टिकट कन्फर्म होगी या नहीं
उदाहरण के लिए:
| वेटिंग टाइप | WL 25 की संभावना |
| GNWL | अपेक्षाकृत ज्यादा |
| RLWL | काफी कम |
| PQWL | कम |
यानी कि WL 25 का मतलब हर ट्रेन में एक जैसा नहीं होता
असलियत में रेलवे कई तरह की वेटिंग लिस्ट जारी करता है
GNWL (General Waiting List)
PQWL (Pooled Quota Waiting List)
नहीं
RAC का मतलब है:
Reservation Against Cancellation
यानी आपकी यात्रा लगभग तय है
टिकट स्टेटस यात्रा कर सकते हैं?
| Confirm | हां |
| RAC | हां |
| Waiting List | नहीं (ई-टिकट में) |
RAC में पूरी बर्थ नहीं मिलती लेकिन यात्रा की अनुमति होती है
चार्ट बनने के बाद भी बदलाव संभव है
कई बार:
हालांकि ई-टिकट वेटिंग वाले यात्रियों के लिए चार्ट तैयार होना अंतिम फैसला माना जाता है
तत्काल वेटिंग का गणित अलग होता है
कई लोग मान लेते हैं कि तत्काल वेटिंग मिलने का मतलब अब टिकट नहीं मिलेगी
लेकिन वास्तविकता यह है कि:
तत्काल कोटा की भी कैंसिलेशन होती हैं
| कोड | पूरा नाम | कन्फर्मेशन चांस |
| GNWL | General Waiting List | सबसे ज्यादा |
| RLWL | Remote Location Waiting List | मध्यम |
| PQWL | Pooled Quota Waiting List | अपेक्षाकृत कम |
| RAC | Reservation Against Cancellation | यात्रा लगभग तय |
आमतौर पर ट्रेन रवाना होने से लगभग 4 घंटे पहले अंतिम चार्ट तैयार किया जाता है
यहीं तय होता है:
रेलवे की वेटिंग लिस्ट सिर्फ एक नंबर नहीं है.WL 10 या WL 25 देखकर यह मान लेना कि टिकट पक्की हो जाएगी, सही नहीं है। सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी वेटिंग किस कैटेगरी GNWL, RLWL या PQWL में है.
तो याद रखिए, रेलवे रिजर्वेशन में वेटिंग नंबर से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका प्रकार (Type of Waiting List) होता है. कई बार GNWL 40 भी कन्फर्म हो जाती है, जबकि RLWL 5 भी आखिरी समय तक अटक सकती है। यही वजह है कि टिकट बुक करने के बाद सिर्फ नंबर नहीं, उसका कोड भी जरूर पढ़ें.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या वेटिंग टिकट लेकर ट्रेन में चढ़ सकते हैं?
अगर ई-टिकट वेटिंग है, तो बिल्कुल नहीं, वो अपने आप कैंसिल हो जाती है. लेकिन खिड़की वाली वेटिंग टिकट है, तो आप ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर कर सकते हैं
Q2 अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग ही रही, तो रिफंड कैसे मिलेगा?
ई-टिकट का पैसा 3-4 दिनों में अपने आप आपके बैंक खाते में आ जाएगा,खिड़की वाली टिकट के लिए आपको स्टेशन के काउंटर पर जाकर रिफंड लेना होगा
Q3 'विकल्प' (VIKALP) स्कीम क्या है, क्या इससे टिकट कन्फर्म होती है?
टिकट बुक करते समय इसे चुनने पर अगर आपकी ट्रेन में वेटिंग रह गई, तो रेलवे आपको उसी रूट की दूसरी ट्रेन में कन्फर्म सीट दे सकता है
Q4 अगर ग्रुप में 4 में से 2 की टिकट कन्फर्म और 2 की वेटिंग है, तो क्या होगा?
ऐसे में सभी यात्री ट्रेन में जा सकते हैं, वेटिंग वाले यात्रियों का नाम चार्ट में आता है और TTE उन्हें खाली सीट अलॉट कर सकता है
Q5 क्या मोबाइल ऐप्स की 'Confirmation Probability' पर भरोसा कर सकते हैं?
ये ऐप्स पुराने डेटा के आधार पर सिर्फ अंदाजा बताते हैं, ये 80-90% तक सही हो सकते हैं, लेकिन इसे 100% गारंटी न मानें, अंतिम फैसला रेलवे चार्ट का ही होता है.