रेलवे के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने वालों की खैर नहीं! 20 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स पर होगी FIR

Indian Railways: त्योहारों के सीजन में सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़े भ्रामक और पुराने वीडियो वायरल करने वालों पर अब रेलवे प्रशासन सख्त एक्शन ले रहा है. रेलवे ने 20 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
रेलवे के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने वालों की खैर नहीं! 20 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स पर होगी FIR

Indian Railways: दिवाली और छठ जैसे त्योहारी मौसम में जब रेलवे स्टेशनों पर स्वाभाविक रूप से भीड़ बढ़ जाती है, तभी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पुराने या भ्रामक वीडियो शेयर करने शुरू कर दिए. इन वीडियो में कई जगहों पर दिखाया गया कि रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था है, ट्रेनें रद्द हैं या यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे के अनुसार, इनमें से अधिकांश वीडियो कई साल पुराने या संपादित (edited) हैं, जिन्हें जानबूझकर वायरल किया जा रहा है ताकि लोगों में असंतोष फैले.

रेलवे का बड़ा बयान: “अब बख्शा नहीं जाएगा”

रेलवे प्रशासन ने साफ कहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. अधिकारियों के अनुसार, अब तक 20 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेलवे ने यह भी बताया कि उनके पास अब एक स्पेशल सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम है जो 24 घंटे प्लेटफॉर्म्स पर नज़र रखती है. यह टीम फेक न्यूज, गलत जानकारी या पुराने वीडियो को पहचानने के बाद तुरंत रिपोर्ट करती है ताकि भ्रम फैलने से पहले कार्रवाई हो सके.

क्या है मामला?

त्योहारों के दौरान ट्रेन टिकटों की भारी मांग, वेटिंग लिस्ट और भीड़भाड़ सामान्य होती है. लेकिन इस बार कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर ऐसी क्लिप्स पोस्ट कीं जिनमें दिखाया गया कि यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर रात गुजारनी पड़ रही है या ट्रेनें बेतहाशा लेट हैं. जबकि ये वीडियो पुराने त्योहारों या किसी अन्य रूट से जुड़े थे. रेलवे ने कहा कि इन भ्रामक पोस्टों की वजह से यात्रियों में भ्रम फैला और कुछ जगहों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति बन गई.

फेक न्यूज फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

रेलवे ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या सोशल मीडिया हैंडल बिना सत्यापन के कोई भ्रामक वीडियो या पोस्ट साझा करेगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट और रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कुछ मामलों में जांच भी आगे बढ़ चुकी है. इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ दंड देना नहीं बल्कि झूठी खबरों के प्रसार को रोकना है.

24 घंटे की निगरानी, हर पोस्ट पर नजर

रेलवे ने अपनी सोशल मीडिया टीम को और मज़बूत किया है. अब 24x7 मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत रेलवे से जुड़े सभी प्लेटफॉर्म्स - X (Twitter), Facebook, Instagram, YouTube - पर निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा, रेलवे हेल्पलाइन और ऐप्स से मिलने वाली शिकायतों की भी जांच की जा रही है ताकि कोई गलत जानकारी यात्रियों तक न पहुंचे.

रेलवे ने पैसेंजर्स की अपील

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना तथ्यों की जांच किए किसी भी वीडियो या पोस्ट को साझा न करें. रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी आधिकारिक जानकारी केवल इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है:

  • X (Twitter): @RailMinIndia
  • Facebook: @RailMinIndia
  • Instagram: @RailMinIndia
  • YouTube: @RailMinIndia

रेलवे ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी गलत सूचना से बचें और केवल आधिकारिक अपडेट्स पर भरोसा करें.”

त्योहारों में रेलवे की तैयारी

त्योहारों के समय यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे पहले से ही स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त कोच चला रहा है. इसके बावजूद फेक न्यूज से यात्रियों में भ्रम फैलना रेलवे के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. इसलिए अब रेलवे प्रशासन ने तय किया है कि फर्जी खबर फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.

सोशल मीडिया यूजर्स के लिए चेतावनी

रेलवे ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर फेक वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया पर व्यूज़ और फॉलोअर्स बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि अब यह मज़ाक नहीं बल्कि अपराध है.

रेलवे ने स्पष्ट कहा - “हमारे पास पर्याप्त तकनीकी साधन हैं, और हर वायरल पोस्ट का डिजिटल ट्रेस हम तक पहुंचता है. झूठ फैलाने वालों को पकड़ना अब मुश्किल नहीं.”

FAQs

Q1. रेलवे किन सोशल मीडिया हैंडल्स पर कार्रवाई कर रहा है?

अब तक 20 से ज्यादा ऐसे हैंडल्स की पहचान की गई है जिन्होंने रेलवे से जुड़े भ्रामक या पुराने वीडियो पोस्ट किए थे.

Q2. क्या रेलवे 24 घंटे सोशल मीडिया मॉनिटर करता है?

हां, रेलवे की एक विशेष टीम 24x7 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करती है.

Q3. क्या यात्रियों को ऐसे वीडियो शेयर करने पर सज़ा हो सकती है?

अगर कोई व्यक्ति बिना सत्यापन के भ्रम फैलाने वाला वीडियो साझा करता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई संभव है.

Q4. रेलवे की आधिकारिक जानकारी कहां से मिल सकती है?

रेलवे के सभी आधिकारिक अपडेट्स केवल @RailMinIndia (X, Facebook, Instagram, YouTube) पर ही जारी किए जाते हैं.

Q5. रेलवे क्या कदम उठा रहा है ताकि भ्रम न फैले?

रेलवे ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी है, पुरानी या फेक पोस्ट्स की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है, और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की गई है.

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