&format=webp&quality=medium)
Vande Bharat ट्रेनों को देश के लोगों ने जितना पसंद किया है, उसके बाद सभी को बड़ी ही बेसब्री से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार है. अब लगता है कि ये इंतजार अब खत्म होने वाला है. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. रेलमंत्री ने बताया कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में फिलहाल कुछ “माइनर” बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि पैसेंजर्स को बेहतर आराम और सुरक्षित सफर मिल सके. रेलमंत्री ने कहा कि ट्रेन दिसंबर में लॉन्च कर दी जाएगी. लम्बे सफर के लिए बनने वाली यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को उच्च स्तर की सुविधा और तेजी दोनों देने वाली है.
रेल मंत्री ने साफ कहा कि बदलाव छोटे हैं, लेकिन रेलवे उन्हें बहुत गंभीरता से ले रहा है क्योंकि यात्री आराम और सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. “हम शॉर्टकट्स में विश्वास नहीं करते. आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें बेहतरीन ट्रेन बनानी है,” उन्होंने कहा.
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रेक कई स्तरों पर टेस्ट किया गया था. परीक्षण के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि सीटों और बोगी में कुछ हल्के सुधार करने से यात्रियों का अनुभव और बेहतर हो सकता है. रेल मंत्री ने बताया कि परीक्षण में जो भी सुझाव मिले हैं, उन्हें पहली और दूसरी दोनों ट्रेनों में लागू किया जा रहा है.
इस समय यह पहला प्रोटोटाइप रेक BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) के पास है, जहाँ रेट्रोफिटिंग यानी सुधार का काम चल रहा है. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी RDSO (Research Designs and Standards Organisation) और Commissioner of Railway Safety कर रहे हैं.
BEML के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि ट्रेन वापस उनके पास आई है और सुझावों के आधार पर सभी तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रोटोटाइप में सुधार होना बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि पहला मॉडल हमेशा गहराई से परीक्षण और सुधार के बाद ही फाइनल होता है.
रेल मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को RDSO को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखते हुए कई सुरक्षा सुधारों का सुझाव दिया था. इसमें आग सुरक्षा और दुर्घटना सुरक्षा से जुड़े यूरोपीय मानकों को लागू करने की बात शामिल है.
सुधारों में शामिल हैं:
⦁ Arc Fault Detection Device (आग लगने की संभावना रोकने के लिए)
⦁ AC duct की नई पोजीशन, ताकि एयर सर्कुलेशन बेहतर हो
⦁ CCTV के लिए fire-survival केबल
⦁ EN 45545 (फायर प्रोटेक्शन) का थर्ड-पार्टी ऑडिट
⦁ EN 15227 (क्रैशवर्थीनेस) का थर्ड-पार्टी ऑडिट
टेस्टिंग के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई—किन्हीं कोचों में इमरजेंसी अलार्म बटन ऊपर की बर्थ के कनेक्टर के पीछे छिपा हुआ था, जिससे यात्रियों को आपात स्थिति में उसे दबाने में दिक्कत हो सकती थी. रेल मंत्रालय ने साफ निर्देश दिया है कि आगे बनने वाले सभी कोचों में यह बटन ऐसी जगह लगाया जाए जहाँ हर यात्री आसानी से पहुंच सके.
एक अन्य पत्र में रेलवे ने फर्निशिंग क्वालिटी और कोच के अंदर किए गए काम पर भी सवाल उठाए हैं. मंत्रालय ने कहा कि डिजाइन और फिनिशिंग को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि ट्रेन न केवल दिखने में प्रीमियम लगे, बल्कि लंबे सफर में मजबूत और टिकाऊ भी साबित हो.
जब पत्रकारों ने रेल मंत्री से पूछा कि ट्रेन कब लॉन्च होगी, तो उन्होंने साफ जवाब दिया—दिसंबर में. पहले यह ट्रेन 15 अक्टूबर को लॉन्च होनी थी, लेकिन गुणवत्ता सुधार और सुरक्षा टेस्टिंग की वजह से तारीख आगे बढ़ानी पड़ी. अब जबकि अंतिम सुधार तेजी से किए जा रहे हैं, रेलवे को भरोसा है कि दिसंबर में यह ट्रेन यात्रियों को मिल जाएगी.
FAQs
Q1. पहली Vande Bharat Sleeper Train कब लॉन्च होगी?
रेल मंत्री के अनुसार, दिसंबर में.
Q2. ट्रेन में कौन-कौन से सुधार किए जा रहे हैं?
बोगी, सीट आराम, AC duct, फायर सर्किट, और इमरजेंसी बटन की लोकेशन में सुधार.
Q3. ट्रेन किस कंपनी ने बनाई है?
BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड).
Q4. टेस्टिंग कौन कर रहा है?
RDSO और Commissioner of Railway Safety.
Q5. सुधारों का मकसद क्या है?
यात्री सुविधा, सुरक्षा और विश्व-स्तरीय अनुभव देना.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)