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Driverless Metro: दिल्ली मेट्रो ने गुरुवार को 59 किलोमीटर की पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन (DTO) शुरू किया है. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो इस अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को संचालित करने वाले नेटवर्क के बीच चौथा मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बन गया.
दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवरलेस ट्रेन नेटवर्क को चलाने वाले दुनिया के मामले में तीन शहर सिंगापुर, शंघाई और कुआलालंपुर दिल्ली से आगे हैं.
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने गुरुवार को संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन को हरी झंडी दिखाई.
38 स्टेशनों के बीच फैले मजलिस पार्क और शिव विहार कॉरिडोर पर DTO पर कुछ महीनों की देरी के बाद शुरू होने के साथ DMRC के ड्राइवरलेस ऑपरेशन नेटवर्क का कुल विस्तार अब 97 किमी है.
अधिकारियों ने कहा कि इसके साथ ड्राइवरलेस ट्रेन नेटवर्क के मामले में दिल्ली मेट्रो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है और भारत में यह इकलौता नेटवर्क है.
DMRC ने कहा कि चौथे चरण का काम पूरा होने के बाद, पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ ही एरोसिटी-तुगलकाबाद सिल्वर लाइन पर ड्राइवरलेस ऑपरेशन उपलब्ध होंगे. इसी के साथ DMRC 160 किमी के कॉरीडोर के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा.
दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर भारत की पहली ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन का उद्घाटन पिछले साल 28 दिसंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
DMRC ने गुरुवार को एक बयान में कहा, दिसंबर में पहले चालक रहित परिचालन के उद्घाटन के साथ, दिल्ली मेट्रो ने "दुनिया के सात प्रतिशत महानगरों की एक कुलीन लीग में प्रवेश किया, जो फुली ऑटोमेटेड मेट्रो नेटवर्क संचालित करते हैं."