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रात में ट्रेन में सफर करने से पहले कुछ रूल्स को जानना जरूरी होता है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
रात में ट्रेन में सफर करने वाले लोग अक्सर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे दूसरे यात्रियों को परेशानी हो जाती है. तो अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए.जी हां रेलवे के 'नाइट प्रोटोकॉल' का उल्लंघन करने पर न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि कोच में मौजूद RPF आपको अगले स्टेशन पर उतार भी सकती है.
तो फिर आइए जानते हैं रेलवे के वो 6 नियम, जिन्हें रात 10 बजे के बाद मानना आपके लिए बहुत जरूरी है.
आमतौर पर ऐसा होता है कि कई लोगों की आदत होती है कि वे रात में बिस्तर पर लेटकर मोबाइल पर जोर-जोर से रील्स देखते हैं या लाउडस्पीकर पर गाने सुनते हैं.लेकिन रेलवे नियम के मुताबिक, रात 10 बजे के बाद आप ट्रेन में तेज आवाज में संगीत नहीं बजा सकते और न ही मोबाइल पर लाउड आवाज में बात कर सकते हैं. अगर ऐसा किया तो आपके खिलाफ एक्शन हो सकता है.
ट्रेन के हर कोच में रात 10 बजते ही मेन लाइट बंद कर दी जाती हैं.रेलवे का वैसे तो नियम कहता है कि रात के समय केवल 'नाइट लाइट' ही जलनी चाहिए ताकि यात्रियों की आंखों में रोशनी न चुभे और वे आराम से सो सकें. अगर आप रात 12 बजे तक लाइट जलाकर रखते हैं और किसी दूसरे यात्री ने इस पर आपकी शिकायक की तो फिर आपकी आफत हो सकती है.
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ट्रेन की मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर लोअर बर्थ वाले यात्रियों से झगड़ा हो जाता है. रेलवे रूल के हिसाब से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ को खोलकर उस पर सोया जा सकता है. अगर आपकी मिडिल बर्थ है और आप शाम 7 बजे ही उसे खोलकर बैठना चाहते हैं, तो लोअर बर्थ वाला रोक सकता है. वहीं, अगर रात 10 बज चुके हैं और लोअर बर्थ वाला आपको मिडिल बर्थ खोलने नहीं दे रहा, तो आप सीधे TTE से इसकी शिकायत कर सकते हैं.
क्या आपको पता है कि TTE आपकी नींद खराब करके रात को टिकट चेक नहीं कर सकता? रेलवे के नियमों के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच TTE टिकट जबरदस्ती चेक नहीं करेगा. हालांकि, यह नियम उन यात्रियों पर लागू नहीं होता जो रात 10 बजे के बाद ही ट्रेन में चढ़े हैं.
अगर आप ग्रुप में ट्रेन में सफर कर रहे हैं और रात को शोर कर रहे हैं, तो यह रेलवे एक्ट के तहत अपराध है. ट्रेन में शांति बनाए रखना हर यात्री की जिम्मेदारी है. कोच में मौजूद स्टाफ और कैटरिंग वाले भी रात 10 बजे के बाद शोर नहीं मचा सकते.
अगर आप ऑनलाइन खाना मंगवाते हैं तो ध्यान रखें कि रात 10 बजे के बाद ई-कैटरिंग के जरिए खाना मिलना मुश्किल हो जाता है. रेलवे के नियम के मुताबिक, रात 10 बजे के बाद वेंडर्स को भी खाना सर्व करने की इजाजत नहीं होती. इसलिए कोशिश करें कि रात 8-9 बजे तक अपना डिनर निपटा लें.
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आपको बता दें कि ट्रेन में सफर के दौरान आपकी एक छोटी सी मिस्टेक न सिर्फ आपकी जेब ढीली कर सकती है, बल्कि आपकी इज्जत का भी फालूदा बना सकती है. जी हां रेलवे के ये नियम हम सबकी भलाई और शांति के लिए बनाए गए हैं. तो अगली बार जब आप ट्रेन में चढ़ें, तो इन नियमों को याद रखें और एक 'सभ्य यात्री' की तरह सफर का आनंद लें.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 रात में कोई परेशान करे तो शिकायत कहां करें?
आप तुरंत 139 पर कॉल करें या 'RailMadad' ऐप का इस्तेमाल करें. मदद के लिए कोच में मौजूद RPF से भी मिल सकते हैं
Q2 साइड लोअर बर्थ का रात में क्या नियम है?
रात 10 बजे के बाद साइड लोअर वाली सीट सिर्फ उस यात्री की है जिसकी वहां बुकिंग है, ऊपर वाला यात्री वहां बैठने की जिद नहीं कर सकता
Q3 क्या ट्रेन में सिगरेट या शराब पी सकते हैं?
ट्रेन में नशा करना कानूनी जुर्म है, पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और जेल की हवा खानी पड़ सकती है
Q4 क्या इमरजेंसी में रात को चेन खींच सकते हैं?
सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी या सुरक्षा का खतरा होने पर ही चेन खींचें, बेवजह चेन खींचने पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं