Railway: देश के 1300 रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत, PM Modi 22 मई को करेंगे 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन

Amrit Bharat Station Scheme 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 22 मई को राजस्थान के बीकानेर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 103 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे.
Railway: देश के 1300 रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत, PM Modi 22 मई को करेंगे 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन

Amrit Bharat Station Scheme 2025: भारतीय रेलवे में जल्द ही एक नया इतिहास रचा जाने वाला है. रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. अमृत भारत स्टेशन योजना के पहले चरण में देशभर के लगभग 1300 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है. इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 22 मई को राजस्थान के बीकानेर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 103 पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे.

यह योजना यात्रियों के लिए एक सुखद और सहज रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है. अक्सर देखा गया है कि रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों को भीड़, अव्यवस्था और असुविधा का सामना करना पड़ता है. इन्हीं समस्याओं के समाधान हेतु 2023 में अमृत भारत योजना की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य स्टेशनों को न केवल अत्याधुनिक बनाना है बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और धरोहर से जोड़ना भी है.

स्टेशनों पर क्या-क्या होंगे बड़े बदलाव?

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हर स्टेशन को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन किया गया है. इसमें लंबी अवधि की बुनियादी सुविधाओं जैसे रूप प्लाज़ा, पार्सल हब, बेहतर शहर से कनेक्टिविटी और ग्रीन ज़ोन शामिल होंगे. वेटिंग एरिया को हाई-ग्रेड सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें कैफेटेरिया, छोटे स्टॉल, एग्जीक्यूटिव लॉन्ज और छोटी मीटिंग्स के लिए अलग जोन होंगे.

प्लेटफार्मों का भी कायाकल्प किया जा रहा है. सभी स्टेशन पर 760-840 मिमी ऊंचाई वाले और 600 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं. साथ ही बेहतर जल निकासी और सौंदर्यीकृत नालियां विकसित की जाएंगी.

स्टेशन परिसर में फ्री वाई-फाई, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, और डिजिटल अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे, जिन्हें विशेष डेकोरेटिव बॉक्स में छिपाया जाएगा ताकि स्टेशन की सुंदरता बनी रहे.

दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष ध्यान रखा गया है. स्टेशन पर रैम्प, ब्रेल सिग्नेज, विशेष शौचालय और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी.

स्टेशनों की पुरानी और बेकार इमारतों को डिमोलिश किया जाएगा और नए भवन सिर्फ आवश्यकता अनुसार ही बनाए जाएंगे ताकि अधिकतम जगह यात्री सुविधाओं को दी जा सके. धूल-प्रतिरोधी, धोने योग्य और कम रखरखाव वाली सामग्री का प्रयोग किया जाएगा.

स्टेशन होंगे स्थानीय पहचान के प्रतीक

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि प्रत्येक स्टेशन को उस क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा के अनुसार डिज़ाइन किया जा रहा है. उदाहरण के तौर पर, अहमदाबाद स्टेशन का डिज़ाइन मोटेरा के सूर्य मंदिर से प्रेरित है, वहीं गुरुग्राम स्टेशन आईटी थीम को दर्शाता है. बालेश्वर (उड़ीसा) स्टेशन को जगन्नाथ मंदिर, और तमिलनाडु के स्टेशनों में चोल कला की छाप देखने को मिलेगी.

कितने राज्य में कितने स्टेशन बनेंगे?

इस योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं. इनमें प्रमुख राज्यों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • उत्तर प्रदेश – 157 स्टेशन
  • महाराष्ट्र – 132 स्टेशन
  • पश्चिम बंगाल – 101 स्टेशन
  • बिहार – 98 स्टेशन
  • गुजरात – 87 स्टेशन
  • राजस्थान – 85 स्टेशन
  • मध्य प्रदेश – 80 स्टेशन
  • तमिलनाडु – 77 स्टेशन
  • आंध्र प्रदेश – 73 स्टेशन
  • कर्नाटक – 61 स्टेशन
  • पूर्वोत्तर (असम सहित) – 60 स्टेशन
  • ओडिशा – 59 स्टेशन
  • झारखंड – 57 स्टेशन
  • तेलंगाना – 40 स्टेशन
  • हरियाणा – 34 स्टेशन
  • छत्तीसगढ़ – 32 स्टेशन
  • पंजाब – 30 स्टेशन
  • केरल – 35 स्टेशन
  • उत्तराखंड – 11 स्टेशन
  • दिल्ली – 13 स्टेशन
  • हिमाचल प्रदेश – 4 स्टेशन
  • जम्मू कश्मीर – 4 स्टेशन
  • गोवा – 3 स्टेशन
  • पांडिचेरी – 3 स्टेशन
  • चंडीगढ़ – 1 स्टेशन

अयोध्या धाम, गोमती नगर और चल्लापल्ली जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है.

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