Retirement Planning: क्यों NPS है आपके बुढ़ापे का सहारा? ये हैं वो 5 फायदे जो शायद आपको न पता हों

National Pension Scheme (NPS) एक सुरक्षित और फ्लैक्सिबिल रिटायरमेंट प्लान है जिसमें निवेशक अपनी रिस्क के हिसाब से इक्विटी और डेट चुन सकते हैं. जानिए NPS के 5 बड़े फायदे, टैक्स बेनिफिट्स और क्यों इसे रिटायरमेंट प्लान में शामिल करना चाहिए.
Retirement Planning: क्यों NPS है आपके बुढ़ापे का सहारा? ये हैं वो 5 फायदे जो शायद आपको न पता हों

रिटायरमेंट के बाद हर किसी को ऐसी इनकम की ज़रूरत होती है जिससे उनकी ज़िंदगी आराम से चल सके. पहले लोग ज्यादातर PPF, FD और पेंशन फंड में निवेश करते थे, लेकिन इनसे मिलने वाला रिटर्न कम होता था. अब National Pension Scheme (NPS) एक ऐसा ऑप्‍शन बन गया है जो न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि अच्छे रिटर्न भी देता है. चाहे आप सरकारी कर्मचारी हों, निजी क्षेत्र में काम करते हों, या अपना व्यवसाय करते हों, आप NPS में आसानी से योगदान कर सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद इसका फायदा उठा सकते हैं. यहां जानिए इसके 5 ऐसे फायदे जो शायद आपको न पता हों.

1. NPS व्यवस्थित और ऑनलाइन है

एक अच्छे पेंशन प्लान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह व्यवस्थित और अनुशासित होना चाहिए. NPS में आप नियमित रूप से ऑनलाइन योगदान कर सकते हैं. अपना NPS खाता और PRAN नंबर सक्रिय होने के बाद, आप NPS वेबसाइट के माध्यम से सभी निवेश ऑनलाइन कर सकते हैं. आप अपने निवेश की स्थिति और बाजार मूल्य भी ऑनलाइन देख सकते हैं, जिससे घर बैठे ही अपने खाते का प्रबंधन करना आसान हो जाता है.

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2. NPS विश्वसनीय है

NPS को PFRDA रेगुलेट करता है. पीएफआरडीए का पूरा नाम Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) है. ये एक सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना वृद्धावस्था आय सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हुई थी. इसका मुख्य काम भारत के पेंशन क्षेत्र को रेगुलेट करना और विकसित करना है.

3. NPS फ्लेक्सिबिल और डायवर्सिफाई है

निवेशक सुरक्षा और अच्छे रिटर्न के अलावा अपने निवेश से डायवर्सिफिकेशन और फ्लैक्सिबिलिटी की भी उम्मीद करते हैं. NPS आपको ये सब प्रदान देता है. आपको केवल एक Permanent Retirement Account Number (PRAN) की जरूरत होती है. NPS में आप एक्टिव या पैसिव फंड्स के बीच चयन कर सकते हैं. आप इक्विटी, सरकारी और निजी ऋण के बीच भी चयन कर सकते हैं, जिससे आपको अपने जोखिम के अनुसार अपने पोर्टफोलियो को बदलने की सुविधा मिलती है.

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4. रिटायरमेंट फंड और पेंशन दोनों का इंतजाम

NPS में आपको दो तरह के अकाउंट खोलने के विकल्प मिलते हैं. Tier-1 (अनिवार्य, लंबी अवधि) और Tier-2 (वॉलेंटरी, पैसे निकालने की सुविधा). NPS की सबसे अच्छी बात ये है कि इस स्‍कीम के जरिए आप रिटायरमेंट के समय एकमुश्त राशि और पेंशन दोनों का इंतजाम कर सकते हैं. इसमें से 60% रकम को आप एकमुश्‍त निकाल सकते हैं और 40% फंड के जरिए आपको जीवन भर पेंशन दी जाती है.

5. NPS कई मायनों में पोर्टेबल है

NPS की एक खासियत ये है कि ये आसानी से पोर्टेबल है. आपका PRAN आपके नियोक्ता द्वारा नहीं, बल्कि PFRDA द्वारा जारी किया जाता है. इसलिए, जब आप अपनी मौजूदा कंपनी से इस्तीफा देते हैं, तो आपको केवल अपने NPS योगदान को एक नियोक्ता से दूसरे में पोर्ट करने की आवश्यकता होती है. इसके अलावा, यदि आप चाहें तो अपने PF खाते को NPS खाते में भी बदल सकते हैं. इसके अलावा NPS में निवेश से टैक्स बेनिफिट भी मिलता है जैसे-

  • NPS में निवेश पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट सेक्शन 80C के तहत.
  • इसके अलावा 50,000 रुपए की अतिरिक्त छूट सेक्शन 80CCD(1B) के तहत.
  • रिटायरमेंट के समय मिलने वाला लम्पसम और पेंशन कॉर्पस टैक्स फ्री.

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FAQs

Q1. क्या NPS सुरक्षित है?

हां, NPS पूरी तरह PFRDA द्वारा रेग्युलेटेड है और सुरक्षित माना जाता है.

Q2. NPS में न्यूनतम निवेश कितना है?

सालाना कम से कम 1,000 रुपए का निवेश जरूरी है.

Q3. क्या NPS में पैसे कभी भी निकाले जा सकते हैं?

Tier-1 अकाउंट लंबी अवधि के लिए होता है. Tier-2 अकाउंट से पैसे कभी भी निकाले जा सकते हैं.

Q4. NPS और PPF में क्या अंतर है?

PPF फिक्स्ड रिटर्न देता है जबकि NPS में इक्विटी और बॉन्ड से ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है.

Q5. NPS में टैक्स छूट कितनी मिलती है?

1.5 लाख (80C) + 50,000 (80CCD 1B), यानी कुल 2 लाख रुपए तक.

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