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रॉबर्ट ने कुछ वक्त पहले कहा था कि वह करीब 1.2 अरब डॉलर के कर्ज में हैं और फिर भी इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
अक्सर हमें सिखाया जाता है- “कर्ज मत लो”, “Loan खराब चीज है”, “Debt जिंदगी खराब कर देता है.” लेकिन करोड़पति निवेशक और लेखक Robert Kiyosaki इसका बिल्कुल उल्टा कहते हैं.
रॉबर्ट ने कुछ वक्त पहले कहा था कि वह करीब 1.2 अरब डॉलर (यानी लगभग ₹10,000 करोड़ से ज्यादा) के कर्ज में हैं और फिर भी इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं. अब सवाल ये उठता है कि ऐसा क्यों? वह खुद ही कहते हैं कि लोगों को अपने असेट बढ़ाने चाहिए ना कि लायबिलिटी, तो फिर लोन लेने को वह अच्छा क्यों कह रहे हैं?
उनका तर्क है: “गरीब लोग अपनी जेब से पैसा लगाते हैं, अमीर लोग दूसरों के पैसे से पैसा बनाते हैं.” यानी उनके मुताबिक सही तरह का Loan “Liability” नहीं बल्कि “Asset” बन सकता है.
यही पूरा खेल समझना सबसे जरूरी है. आसान भाषा में समझिए-
अगर आपने लोन लेकर ऐसी चीज खरीदी जो आपकी जेब से हर महीने पैसा निकालती रहे, तो वह Liability है.
लेकिन अगर आपने कर्ज लेकर ऐसा Asset खरीदा जो EMI से ज्यादा कमाई पैदा करे, तो वही Debt आपके लिए पैसा बनाने की मशीन बन सकता है.
हां. अगर लोन से खरीदी गई संपत्ति (जैसे किराए वाली प्रॉपर्टी या बिजनेस) आपकी EMI, ब्याज और खर्च से ज्यादा कैश फ्लो पैदा करे, तो वह “Good Debt” माना जाता है. यही मॉडल Robert Kiyosaki फॉलो करते हैं.
कियोसाकी का फोकस मुख्य रूप से 3 चीजों पर रहता है:
उन्होंने बताया कि वह बड़े अपार्टमेंट, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और इनकम पैदा करने वाली प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारी कर्ज लेते हैं.
उनका मॉडल कुछ ऐसा काम करता है:
Step-1: बैंक या निवेशकों से Loan लिया जाता है.
Step-2: उस पैसे से Rental Property खरीदी जाती है.
Step-3: किराए से हर महीने Cash Flow आता है.
Step-4: उसी Cash Flow से EMI और ब्याज चुकाया जाता है.
Step-5: Property की कीमत बढ़ती रहती है.
Step-6: टैक्स में भी कई कानूनी छूट मिलती हैं.
यानी उनका दावा है कि वह अपनी जेब से बहुत कम पैसा लगाते हैं, लेकिन Asset की वैल्यू लगातार बढ़ती रहती है.
कियोसाकी का यह बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है. उनका कहना है:
उनके मुताबिक- “अगर Asset खुद अपनी EMI चुका रहा है, तो Debt बुरा नहीं है.”
एक आसान उदाहरण से समझिए
मान लीजिए:
Situation A: Bad Debt
आपने ₹15 लाख का Car Loan लिया.ू
| चीज | असर |
| EMI | हर महीने जेब से जाएगी |
| कार की कीमत | समय के साथ घटेगी |
| Income | कोई नहीं |
यह Liability है.
Situation B: Good Debt
आपने ₹50 लाख का Home Loan लेकर छोटा Rental Apartment खरीदा.
| चीज | असर |
| EMI | ₹35,000 |
| किराया | ₹45,000 |
| हर महीने बचत | ₹10,000 |
| Property Value | समय के साथ बढ़ सकती है |
यह Good Debt कहलाता है.
बिल्कुल नहीं. यही सबसे बड़ा जोखिम भी है. कियोसाकी की रणनीति तभी काम करती है जब:
अगर Rental Income बंद हो जाए या Property की कीमत गिर जाए तो भारी Debt बड़ा संकट भी बन सकता है.
| Good Debt | Bad Debt |
| Income पैदा करे | जेब से पैसा निकाले |
| Asset Value बढ़े | Value घटे |
| Tax Benefit मिले | Tax फायदा नहीं |
| Cash Flow दे | Financial Stress बढ़ाए |
| Example: Rental Property | Example: Credit Card Debt |
हां. भारत में भी कई बड़े निवेशक और बिजनेस ग्रुप Leverage Model इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण:
कई कंपनियां Debt लेकर Expansion करती हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि भविष्य की कमाई ब्याज से ज्यादा होगी.
यहीं पर आम लोग गलती कर बैठते हैं.
कई लोग सोचते हैं- “अगर अमीर लोग Debt लेते हैं, तो हमें भी ज्यादा Loan लेना चाहिए.”
लेकिन बिना समझे लिया गया Debt खतरनाक हो सकता है.
ऐसी स्थिति में Debt “Asset” नहीं बल्कि “Financial Trap” बन सकता है.
Step 1: Cash Flow Asset चुनते हैं
जैसे Rental Property, Business, Commercial Space.
Step 2: Bank Financing लेते हैं
पूरा पैसा खुद नहीं लगाते.
Step 3: Asset से Income Generate करते हैं
किराया, बिजनेस प्रॉफिट, कमर्शियल इनकम.
Step 4: उसी Income से Loan चुकाते हैं
यानी Asset खुद अपनी EMI भरता है.
Step 5: Tax Benefit लेते हैं
Interest और depreciation पर deduction मिलता है.
Step 6: Asset Appreciation से Wealth बनती है
लंबे समय में Property Value बढ़ सकती है.
Debt अपने आप में अच्छा या बुरा नहीं होता. असली सवाल है:
“क्या वह Loan आपकी जेब में पैसा डाल रहा है या निकाल रहा है?”
इसी बात को Rich Dad Poor Dad में भी बार-बार समझाया गया है.
कियोसाकी ने खास तौर पर कहा कि Real Estate में उन्हें “Legal Tax Advantages” मिलते हैं.
भारत में भी Home Loan और कुछ बिजनेस लोन पर टैक्स बेनिफिट मिलते हैं.
हालांकि, हर निवेश पर टैक्स फायदा नहीं मिलता, नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं और सिर्फ टैक्स बचाने के लिए Loan लेना सही रणनीति नहीं मानी जाती.
Robert Kiyosaki का 1.2 अरब डॉलर वाला Debt मॉडल सुनने में भले चौंकाने वाला लगे, लेकिन इसका पूरा खेल “Cash Flow” और “Leverage” पर आधारित है. उनके मुताबिक सही Debt Wealth बना सकता है और गलत Debt Financial Crisis पैदा कर सकता है. यानी असली सवाल Loan का नहीं, उसके इस्तेमाल का है. अगर Debt आपकी आय बढ़ा रहा है, तो वह Asset बन सकता है. लेकिन अगर EMI आपकी सैलरी को दबा रही है, तो वही Loan सबसे बड़ी Liability भी बन सकता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या Loan हमेशा Liability होता है?
नहीं. अगर Loan Income पैदा करने वाले Asset के लिए लिया गया हो, तो उसे Good Debt माना जाता है.
Q2 Robert Kiyosaki किस तरह का Debt अच्छा मानते हैं?
वह मुख्य रूप से Real Estate और Cash Flow पैदा करने वाले निवेश के लिए लिए गए Debt को अच्छा मानते हैं.
Q3 क्या Credit Card Debt भी Good Debt हो सकता है?
आमतौर पर नहीं. क्योंकि इसका ब्याज बहुत ज्यादा होता है और यह Income पैदा नहीं करता.
Q4 क्या भारत में भी लोग leverage strategy इस्तेमाल करते हैं?
हां. कई बिजनेस और Real Estate Investors ऐसा करते हैं.
Q5 क्या आम नौकरीपेशा व्यक्ति को भी ज्यादा Loan लेना चाहिए?
नहीं. Loan लेने से पहले Income Stability, Emergency Fund और Risk को समझना जरूरी है.