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सोना ऐसी धातु है जिस पर महंगाई की मार नहीं पड़ती. (Reuters)
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में इस साल अक्षय तृतीया पर जोरदार लिवाली देखने को मिल सकती है. भारत में धनतेरस के बाद सबसे ज्यादा सोने की खरीददारी अक्षय तृतीया पर होती है, जिसकी तैयारी सर्राफा बाजार में कुछ दिन पहले ही शुरू हो जाती है. इस सप्ताह मंगलवार को अक्षय तृतीया है, जिसे सोने की खरीदारी के लिए काफी शुभ माना जाता है. जानकारों के मुताबिक सोना ऐसी धातु है जिस पर महंगाई की मार नहीं पड़ती. बीते कई वर्षों में देखा गया है कि सोने पर निवेश से काफी अच्छा रिटर्न मिला है.
बुलियन बाजार विश्लेषक बताते हैं कि पिछले दिनों सोने और चांदी में आई गिरावट के बाद जेवराती मांग बढ़ गई है. कार्वी कॉमट्रेड लिमिटेड सीईओ रमेश वरखेडकर ने कहा कि शादी का सीजन इस समय जोरों पर है, इसलिए सोने और चांदी में अच्छी लिवाली देखी जा रही है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का जून एक्सपारी वायदा अनुबंध 108 रुपये की तेजी के साथ 31,453 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी के बाद सोने में आई तेजी से घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला जिससे सोने में तेजी रही. इससे पहले गुरुवार को एमसीएक्स पर सोने का भा 1.24 फीसदी टूटा था. चांदी का जुलाई अनुबंध एमसीएक्स पर शुक्रवार को 718 रुपये यानी 1.96 फीसदी की तेजी के साथ 37,423 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था.
एंजेल कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (करेंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता ने कहा कि डॉलर में कमजोरी से सोने के प्रति निवेश मांग बढ़ जाती है, इसलिए सोने में दोबारा तेजी देखी जा रही है. गुप्ता ने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर इस बार गिरावट पर जोरदारी लिवाली से सर्राफा बाजार गुलजार रहेगा.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने भी अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा कि दूसरी तिमाही में शादी का सीजन और अक्षय तृतीया का त्योहार होने के कारण भारत में सोने की मांग बढ़ सकती है.
डब्ल्यूजीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) द्वारा मानसून के पूर्वानुमान से देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी जिससे सोने की मांग पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा.
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने में सपोर्ट देखा जा रहा है. क्योंकि बदले वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान इस साल लगातार बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने से सोने में तात्कालिक गिरावट दिखी लेकिन उसके बाद तेजी लौट आई क्योंकि फेड के रुख से सोने में लंबी अवधि में सपोर्ट मिलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में अस्थिरता रहने से महंगी धातुओं के भाव को सपोर्ट मिल रहा है.
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर शुक्रवार को सोने का जून वायदा अनुबंध 8.30 डॉलर यानी 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 1,280.30 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था. इससे पहले दो मई को सोने का भाव 1,267.45 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गया था. चांदी का जुलाई अनुबंध कॉमेक्स पर 2.28 फीसदी की तेजी के साथ 14.95 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था.
अजय केडिया ने कहा कि भारत में इस बार किसानों को फसलों का अच्छा दाम मिल रहा है क्योंकि प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आगे ग्रामीण आबादी की आमदनी बढ़ने से सोने की हाजिर मांग में बढ़ोतरी होगी.
उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया को सोने-चांदी की खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए इस सप्ताह घरेलू हाजिर बाजार में सोने की अच्छी मांग रह सकती है, जिससे वायदा भाव को भी सपोर्ट मिलेगा.