आपका लाडला भी कर रहा है कमाई! कौन करेगा टैक्‍स की भरपाई? जानिए नाबालिग की आमदनी पर Income Tax का नियम

अगर आपका 18 साल से कम उम्र का बच्‍चा किसी रिएलिटी शो या सोशल मीडिया के जरिए कमाई कर रहा है या माता-पिता ने बच्‍चे के नाम पर इन्‍वेस्‍टमेंट किया और ब्‍याज से अच्‍छी-खासी कमाई हो गई, इन सिचुएशंस में बच्‍चे की कमाई पर टैक्‍स की भरपाई कौन करेगा? माता-पिता या बच्‍चा खुद? जानिए इस मामले में क्‍या है नियम.
आपका लाडला भी कर रहा है कमाई! कौन करेगा टैक्‍स की भरपाई? जानिए नाबालिग की आमदनी पर Income Tax का नियम

आजकल के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ तमाम एक्टिविटीज में भी आगे रहते हैं. कई बार उनका टैलेंट कम उम्र से ही उनकी कमाई का जरिया बन जाता है. ऐसे में बच्‍चे कभी टैलेंट शो के जरिए तो कभी यूट्यूब और इंस्‍टाग्राम जैसे प्‍लेटफॉर्म के जरिए अच्‍छी खासी कमाई करने लगते हैं. कई बार माता-पिता बच्‍चों के भविष्‍य के लिए उनके नाम से पैसा इन्‍वेस्‍ट करते हैं तो उस पर भी अच्‍छी खासी ब्‍याज की कमाई होती है. इसे भी बच्‍चे की ही आमदनी माना जाएगा. ऐसे में एक बड़ा सवाल ये है कि अगर बच्चे की कमाई इनकम टैक्स के दायरे में आती है, तो उसका इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) कौन फाइल करेगा? बच्चा खुद या उसके माता-पिता?

क्या कहता है इनकम टैक्स का नियम? (The 'Clubbing of Income' Rule)

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 64(1A) के तहत, एक सामान्य नियम बनाया गया है जिसे 'इनकम का क्लबिंग' (Clubbing of Income) कहते हैं. इस नियम के अनुसार, अगर किसी नाबालिग बच्चे को कोई आमदनी होती है, तो उस आय को उसके माता-पिता की इनकम में जोड़ा जाएगा और फिर उस पर टैक्स लगेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source

माता या पिता, किसकी आय में जुड़ेगी बच्चे की इनकम?

माता या पिता जिसकी भी आमदनी ज़्यादा होगी, उसकी आय में बच्चे की इनकम को क्लब कर दिया जाएग. उदाहरण के लिए, अगर पिता की सालाना आय 10 लाख रुपए और मां की 7 लाख रुपए है, तो बच्चे की आय पिता की इनकम में जोड़ी जाएगी. अगर माता-पिता का तलाक हो गया है, तो बच्चे की आमदनी उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाएगी जो बच्चे की देखभाल कर रहा है.

मिलती है ₹1,500 की छूट

हालांकि, इस नियम में एक छोटी सी राहत भी है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(32) के तहत, माता-पिता को प्रति बच्चा ₹1,500 प्रति वर्ष की छूट मिलती है. इसका मतलब है कि बच्चे की कुल आय में से ₹1,500 घटाकर बची हुई रकम को ही माता-पिता की आय में जोड़ा जाएगा. उदाहरण से समझिए- मान लीजिए, आपने अपनी 10 साल की बेटी के नाम पर एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) किया है, जिससे उसे एक साल में ₹60,000 की आमदनी ब्याज से हुई. अब इस पर टैक्स कैसे लगेगा:

  • बच्चे की कुल आय: ₹60,000
  • सेक्शन 10(32) के तहत छूट: ₹1,500
  • टैक्सेबल आय (जो क्लब होगी): ₹58,500

इन 2 खास मामलों में बच्चे को खुद भरना होगा अपना ITR

क्लबिंग का नियम हर जगह लागू नहीं होता है. इनकम टैक्स कानून में दो ऐसी विशेष स्थितियां बताई गई हैं, जहां बच्चे की कमाई को माता-पिता की आमदनी में नहीं जोड़ा जाता और बच्चे को अपना ITR खुद (अपने अभिभावक के माध्यम से) दाखिल करना होता है.

1. जब बच्चे ने अपनी मेहनत या हुनर से कमाई की हो

अगर किसी बच्चे ने अपनी किसी शारीरिक प्रतिभा, कौशल, कला या विशेष ज्ञान का इस्‍तेमाल करके पैसा कमाया है, तो उस आय को क्लब नहीं किया जाएगा जैसे किसी बच्चे ने सिंगिंग रियलिटी शो जीता, किसी फिल्म में एक्टिंग की, किसी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट से कमाई की हो तो उसकी कमाई में क्‍लबिंग का नियम लागू नहीं होगा.

2. अगर बच्चा किसी गंभीर विकलांगता से पीड़ित हो

अगर बच्‍चा अनाथ है, तो उसे अपना आईटीआर खुद भरना होगा. वहीं अगर Section 80U में बताई गई किसी भी डिसेबिलिटी से बच्‍चा ग्रसित है और डिसेबिलिटी 40 फीसदी से ज्यादा है, तो उसकी आय को माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा.

बच्चे का ITR कैसे फाइल होता है?

जिन मामलों में बच्चे को अपना ITR खुद भरना होता है, वहां ये प्रक्रिया उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा पूरी की जाती है. इसके लिए सबसे पहले बच्चे का पैन कार्ड (PAN Card) बनवाना अनिवार्य है. ITR फाइल करते समय, अभिभावक अपनी डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके बच्चे की ओर से रिटर्न को वेरिफाई करते हैं.