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आजकल ज्यादातर लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card Usage) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग इसके असली नियम समझते हैं. खासकर जब बात आती है कार्ड को ब्लॉक (Card Block), डीएक्टिवेट (Card Deactivate) या क्लोज (Card Closure) करने की. अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर कार्ड ब्लॉक कर दिया गया है तो अकाउंट अपने आप बंद हो जाता है, लेकिन RBI के नियम इसके बिल्कुल उलट हैं.
RBI ने साफ कर दिया है कि क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने का मतलब अकाउंट बंद होना (Account Termination) नहीं है. यानी बैंक और आपके बीच कार्ड का रिश्ता बना रहता है. कई लोग यही गलती करते हैं और समझ लेते हैं कि ब्लॉक कर दिया तो कार्ड बंद हो गया. इसका नुकसान यह होता है कि आपका कार्ड अकाउंट चालू रहता है, चार्ज लगते रहते हैं और आपका सिबिल (Cibil Score) भी प्रभावित हो सकता है.
जब आप अपना कार्ड ब्लॉक या डीएक्टिवेट करते हैं, तो इसका मतलब सिर्फ एक होता है:
जब आप कार्ड बंद करवाते हैं तो इसका मतलब:
बैंक को CICs यानी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करना होगा कि अकाउंट बंद हो गया
| पॉइंट | कार्ड ब्लॉक/डीएक्टिवेशन | कार्ड क्लोजर |
|---|---|---|
| ट्रांजेक्शन | रुक जाते हैं | हमेशा के लिए बंद |
| अकाउंट | चालू रहता है | हमेशा बंद |
| चार्जेस | लग सकते हैं | बंद |
| सिबिल रिपोर्ट | अकाउंट एक्टिव दिखता है | अकाउंट क्लोज दिखता है |
| प्रोसेस | तुरंत | 7 वर्किंग डेज़ |
| आउटस्टैंडिंग | क्लियर न हो तब भी ब्लॉक हो सकता है | आउटस्टैंडिंग क्लियर होना जरूरी |
RBI के मास्टर डायरेक्शन के मुताबिक कार्ड क्लोजर रिक्वेस्ट मिलते ही बैंक को 7 वर्किंग डेज़ में कार्ड बंद करना होगा. लेकिन अगर कार्ड पर कोई बकाया (Outstanding) है, तो बैंक तुरंत बिल भेज देगा. ग्राहक के पेमेंट करने तक 7 दिनों की अवधि नहीं गिनी जाएगी.
कई लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं. अक्सर लोग कार्ड ब्लॉक करते हैं और सोचते हैं कि अकाउंट बंद हो गया. कई महीने बाद उन्हें लेट फी, इंटरेस्ट और चार्जेस दिखते हैं, फिर सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. यह इसलिए होता है क्योंकि ब्लॉक करना केवल सुरक्षा फीचर है, क्लोजर नहीं.
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करें जब कार्ड खो गया हो, फ्रॉड सस्पेक्ट हो या कुछ समय के लिए कार्ड यूज नहीं करना हो. उसे क्लोज तब करें जब कार्ड आपके किसी काम का नहीं रह जाए. वहीं अगर सालाना फीस बहुत ज्यादा हो या आपके पास बहुत सारे कार्ड हो गए हों या फिर आप क्रेडिट एक्सपोजर कम करना चाहते हों, तो कार्ड बंद करें.
बैंक को क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian, CRIF, Equifax) को रिपोर्ट करना होता है कि कार्ड बंद हुआ या सिर्फ ब्लॉक किया गया. अगर कार्ड बंद है, तो “Closed” स्टेटस लिखा होता है. अगर सिर्फ ब्लॉक है, तो “Active” दिखता है.
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने और कार्ड बंद करने में बड़ा अंतर है. ब्लॉक सिर्फ ट्रांजेक्शन रोकता है, लेकिन अकाउंट खुला रहता है. जबकि कार्ड क्लोजर बैंक और ग्राहक के बैलेंस, रिश्ता और सभी चार्जेस को खत्म कर देता है. RBI ने साफ कर दिया है कि कार्ड क्लोजर 7 वर्किंग डेज़ में पूरा होना चाहिए, लेकिन आउटस्टैंडिंग पहले क्लियर करना अनिवार्य है. इसलिए यदि आप अपना कार्ड सच में बंद करना चाहते हैं, तो ब्लॉक करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक औपचारिक क्लोजर रिक्वेस्ट देनी होगी.
एक पेमेंट कार्ड जिससे उधार पैसा खर्च कर सकते हैं.
आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर एक स्कोर.
समय पर पेमेंट न करने पर.
इनकम, स्कोर और बैंक की पॉलिसी के आधार पर.
हां, लंबे समय तक न इस्तेमाल होने पर.
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