कार्ड ब्लॉक कर दिया.. मतलब बंद हो गया? जी नहीं.. रोज Credit Card इस्तेमाल करने वाले भी नहीं जानते RBI का ये नियम!

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) को ब्लॉक करना और उसे बंद (Credit Card Closure) करना दोनों अलग-अलग चीजें हैं. RBI के नियम मानें तो कार्ड ब्लॉक होने पर अकाउंट खत्म नहीं होता, बल्कि सिर्फ ट्रांजेक्शन रुकते हैं. वहीं कार्ड क्लोजर (Card Account Closure) यानी कार्ड और बैंक का पूरा रिश्ता खत्म. गलत समझ की वजह से कई लोग ब्लॉक को ही क्लोजर मान लेते हैं और नुकसान उठा लेते हैं.
कार्ड ब्लॉक कर दिया.. मतलब बंद हो गया? जी नहीं.. रोज Credit Card इस्तेमाल करने वाले भी नहीं जानते RBI का ये नियम!

आजकल ज्यादातर लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card Usage) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग इसके असली नियम समझते हैं. खासकर जब बात आती है कार्ड को ब्लॉक (Card Block), डीएक्टिवेट (Card Deactivate) या क्लोज (Card Closure) करने की. अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर कार्ड ब्लॉक कर दिया गया है तो अकाउंट अपने आप बंद हो जाता है, लेकिन RBI के नियम इसके बिल्कुल उलट हैं.

RBI ने साफ कर दिया है कि क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने का मतलब अकाउंट बंद होना (Account Termination) नहीं है. यानी बैंक और आपके बीच कार्ड का रिश्ता बना रहता है. कई लोग यही गलती करते हैं और समझ लेते हैं कि ब्लॉक कर दिया तो कार्ड बंद हो गया. इसका नुकसान यह होता है कि आपका कार्ड अकाउंट चालू रहता है, चार्ज लगते रहते हैं और आपका सिबिल (Cibil Score) भी प्रभावित हो सकता है.

क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करना क्या होता है?

जब आप अपना कार्ड ब्लॉक या डीएक्टिवेट करते हैं, तो इसका मतलब सिर्फ एक होता है:

  • कार्ड से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा
  • लेकिन बैंक और आपके बीच कार्ड अकाउंट चालू रहेगा
  • कार्ड नंबर और अकाउंट सिस्टम में एक्टिव रहेगा
  • चार्जेस लागू रह सकते हैं (जैसे लेट फी, इंटरेस्ट इत्यादि, यदि कोई बकाया हो)
  • RBI के अनुसार, ब्लॉकिंग सिर्फ ट्रांजेक्शन रोकती है, अकाउंट बंद नहीं करती.

कार्ड क्लोजर क्या होता है?

जब आप कार्ड बंद करवाते हैं तो इसका मतलब:

  • आपका कार्ड अकाउंट हमेशा के लिए बंद
  • बैंक और कार्डहोल्डर का रिश्ता खत्म
  • आगे कोई चार्ज या बिलिंग नहीं
  • बैंक को कार्ड क्लोजर 7 वर्किंग डेज़ में पूरा करना होता है

बैंक को CICs यानी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करना होगा कि अकाउंट बंद हो गया

RBI का पूरा नियम: कार्ड ब्लॉक ≠ कार्ड क्लोज

पॉइंटकार्ड ब्लॉक/डीएक्टिवेशनकार्ड क्लोजर
ट्रांजेक्शनरुक जाते हैंहमेशा के लिए बंद
अकाउंटचालू रहता हैहमेशा बंद
चार्जेसलग सकते हैंबंद
सिबिल रिपोर्टअकाउंट एक्टिव दिखता हैअकाउंट क्लोज दिखता है
प्रोसेसतुरंत7 वर्किंग डेज़
आउटस्टैंडिंगक्लियर न हो तब भी ब्लॉक हो सकता हैआउटस्टैंडिंग क्लियर होना जरूरी

बैंक 7 दिन में कार्ड क्यों बंद करता है?

RBI के मास्टर डायरेक्शन के मुताबिक कार्ड क्लोजर रिक्वेस्ट मिलते ही बैंक को 7 वर्किंग डेज़ में कार्ड बंद करना होगा. लेकिन अगर कार्ड पर कोई बकाया (Outstanding) है, तो बैंक तुरंत बिल भेज देगा. ग्राहक के पेमेंट करने तक 7 दिनों की अवधि नहीं गिनी जाएगी.

कई लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं. अक्सर लोग कार्ड ब्लॉक करते हैं और सोचते हैं कि अकाउंट बंद हो गया. कई महीने बाद उन्हें लेट फी, इंटरेस्ट और चार्जेस दिखते हैं, फिर सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. यह इसलिए होता है क्योंकि ब्लॉक करना केवल सुरक्षा फीचर है, क्लोजर नहीं.

कब कार्ड ब्लॉक करना चाहिए और कब बंद करना चाहिए?

क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करें जब कार्ड खो गया हो, फ्रॉड सस्पेक्ट हो या कुछ समय के लिए कार्ड यूज नहीं करना हो. उसे क्लोज तब करें जब कार्ड आपके किसी काम का नहीं रह जाए. वहीं अगर सालाना फीस बहुत ज्यादा हो या आपके पास बहुत सारे कार्ड हो गए हों या फिर आप क्रेडिट एक्सपोजर कम करना चाहते हों, तो कार्ड बंद करें.

कार्ड बंद करवाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  • कस्टमर केयर को कॉल करें
  • कार्ड क्लोजर की रिक्वेस्ट डालें.
  • बकाया राशि क्लियर करें
  • बैंक तुरंत बकाया बता देगा.
  • कन्फर्मेशन मेल लें कि क्लोजर प्रोसेस शुरू हो गई है.
  • 7 वर्किंग डेज़ की अवधि देखें, यह तभी शुरू होगी जब पैसे क्लियर हो जाएं.
  • कार्ड काटकर नष्ट करें, कार्ड सिर्फ फेंकें नहीं, स्ट्रिप और चिप को काटें.
  • सिबिल में देखें कि अकाउंट क्लोज हुआ या नहीं

कार्ड ब्लॉक करने के बाद क्या-क्या गलतफहमियां होती हैं?

  • लोग सोचते हैं कार्ड बंद हो गया
  • महीनों बाद चार्जेस आते हैं
  • सिबिल रिपोर्ट में अकाउंट एक्टिव दिखता है
  • बैंक ओवरड्यू दिखा देता है
  • नए लोन और कार्ड रिजेक्ट हो सकते हैं
  • CIC में रिपोर्टिंग कैसे होती है?

बैंक को क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian, CRIF, Equifax) को रिपोर्ट करना होता है कि कार्ड बंद हुआ या सिर्फ ब्लॉक किया गया. अगर कार्ड बंद है, तो “Closed” स्टेटस लिखा होता है. अगर सिर्फ ब्लॉक है, तो “Active” दिखता है.

Conclusion

क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने और कार्ड बंद करने में बड़ा अंतर है. ब्लॉक सिर्फ ट्रांजेक्शन रोकता है, लेकिन अकाउंट खुला रहता है. जबकि कार्ड क्लोजर बैंक और ग्राहक के बैलेंस, रिश्ता और सभी चार्जेस को खत्म कर देता है. RBI ने साफ कर दिया है कि कार्ड क्लोजर 7 वर्किंग डेज़ में पूरा होना चाहिए, लेकिन आउटस्टैंडिंग पहले क्लियर करना अनिवार्य है. इसलिए यदि आप अपना कार्ड सच में बंद करना चाहते हैं, तो ब्लॉक करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक औपचारिक क्लोजर रिक्वेस्ट देनी होगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्रेडिट कार्ड क्या होता है?

एक पेमेंट कार्ड जिससे उधार पैसा खर्च कर सकते हैं.

2- क्रेडिट स्कोर क्या होता है?

आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर एक स्कोर.

3- लेट फी क्यों लगती है?

समय पर पेमेंट न करने पर.

4- कार्ड लिमिट कैसे तय होती है?

इनकम, स्कोर और बैंक की पॉलिसी के आधार पर.

5- इनएक्टिव कार्ड बंद हो सकता है?

हां, लंबे समय तक न इस्तेमाल होने पर.

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