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आज के समय में निवेश के लिए सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी भी लोगों की पसंद बनती जा रही है. खासकर जब महंगाई बढ़ती है या बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, तब सिल्वर को एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है. लेकिन फिजिकल चांदी खरीदना, उसे संभालकर रखना और बेचते वक्त शुद्धता की पहचान करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता.
इसी परेशानी का हल है Silver ETF. ये एक ऐसा निवेश तरीका है, जिसमें बिना चांदी खरीदे आप चांदी की कीमतों से कमाई कर सकते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सिल्वर ETF क्या होता है, इसके फायदे क्या हैं और इसमें निवेश कैसे किया जाता है.
Silver ETF यानी Silver Exchange Traded Fund. ये एक म्यूचुअल फंड स्कीम होती है, जो चांदी की कीमत को ट्रैक करती है. इसका मतलब ये है कि Silver ETF का रिटर्न सीधे चांदी के बाजार भाव से जुड़ा होता है. इसमें निवेश करने पर आपको फिजिकल चांदी नहीं मिलती, बल्कि आपके निवेश के बदले यूनिट्स मिलती हैं, जो स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह खरीदी और बेची जाती हैं.
Silver ETF में फंड हाउस आपके पैसे से हाई-प्योरिटी सिल्वर खरीदकर सुरक्षित वॉलेट में रखता है. जैसे-जैसे चांदी की कीमत बढ़ती या घटती है, वैसे-वैसे ETF की कीमत भी बदलती है. निवेशक स्टॉक मार्केट के जरिए इसे रियल टाइम में खरीद या बेच सकते हैं.
इसमें न स्टोरेज की चिंता होती है और न चोरी या शुद्धता का डर रहता है.
Silver ETF में आप बहुत छोटी रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं, जो हर निवेशक के लिए आसान है.
स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होने की वजह से जरूरत पड़ने पर इसे तुरंत बेचा जा सकता है.
सिल्वर ETF आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस करता है और रिस्क को कम करने में मदद करता है.
लंबे समय में चांदी को महंगाई के खिलाफ एक अच्छा हेज माना जाता है.
हर निवेश के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं. सिल्वर ईटीएफ के साथ भी ऐसा है-
Silver ETF में निवेश करना बेहद आसान है.
Step 1: डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें
Silver ETF खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है.
Step 2: सही Silver ETF चुनें
बाजार में मौजूद अलग-अलग Silver ETF में से ट्रैक रिकॉर्ड और एक्सपेंस रेशियो देखकर सही ऑप्शन चुनें.
Step 3: स्टॉक एक्सचेंज से खरीदारी करें
NSE या BSE पर शेयर की तरह सिल्वर ETF की यूनिट्स खरीद सकते हैं.
Step 4: लॉन्ग टर्म नजरिया रखें
सिल्वर ETF में बेहतर रिटर्न के लिए लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है.
Silver ETF बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें जोखिम रहता है, लेकिन ये फिजिकल चांदी से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
Silver ETF में स्टोरेज की झंझट नहीं होती, जबकि फिजिकल चांदी में शुद्धता और सुरक्षा की चिंता रहती है.
Silver ETF पर टैक्स डेब्ट फंड की तरह लगता है और होल्डिंग पीरियड पर निर्भर करता है.
हां, कुछ फंड हाउस SIP ऑप्शन भी ऑफर करते हैं.