एक ही महीने में 2 Credit Card लेने से क्या होता है? ऑफर के चक्कर में लोग कर देते हैं अप्लाई, बाद में पछताते हैं!

एक ही महीने में दो क्रेडिट कार्ड लेना सुनने में आसान लगता है, लेकिन इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर और भविष्य की लोन पात्रता पर डराने वाला हो सकता है. कई बार जल्दबाजी में लिए गए कार्ड बैंक के लिए रेड फ्लैग बन जाते हैं. जानिए इसका पूरा गणित, नुकसान और सही तरीका.
एक ही महीने में 2 Credit Card लेने से क्या होता है? ऑफर के चक्कर में लोग कर देते हैं अप्लाई, बाद में पछताते हैं!

आज के समय में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) सिर्फ शौक नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है. ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग, EMI, कैशबैक और रिवॉर्ड्स के लालच में कई लोग एक साथ एक से ज्यादा कार्ड के लिए अप्लाई कर देते हैं. खासकर जब बैंक खुद कॉल करके ऑफर देते हैं, तो मना करना मुश्किल हो जाता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ही महीने में दो क्रेडिट कार्ड लेना आपके फाइनेंशियल प्रोफाइल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इसका असर तुरंत नहीं, लेकिन धीरे-धीरे दिखता है और कई बार नुकसान का अंदाजा तब होता है जब लोन रिजेक्ट हो जाता है.

क्रेडिट स्कोर पर सीधा असर

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जब भी आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, बैंक आपके क्रेडिट स्कोर की जांच करता है. इसे हार्ड इंक्वायरी (Hard Inquiry) कहा जाता है. एक महीने में दो कार्ड के लिए अप्लाई करने पर दो बार हार्ड इंक्वायरी होती है.

इसका नतीजा यह होता है कि आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score Impact) कुछ पॉइंट्स गिर सकता है. अगर स्कोर पहले से बॉर्डर लाइन पर है, तो गिरावट ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है.

बैंक को दिखती है पैसों की जल्दी

जब कोई व्यक्ति कम समय में कई क्रेडिट प्रोडक्ट्स के लिए अप्लाई करता है, तो बैंक इसे रिस्क के तौर पर देखता है. बैंक को लगता है कि ग्राहक को अचानक पैसों की जरूरत पड़ गई है. इसे ओवर क्रेडिट हंगर (Credit Hungry Behavior) माना जाता है. इससे भविष्य में आपकी प्रोफाइल पर निगेटिव असर पड़ सकता है, भले ही आप समय पर बिल भरते हों.

क्रेडिट लिमिट बढ़ी, लेकिन खतरा भी

दो क्रेडिट कार्ड लेने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट बढ़ जाती है. यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन असल खेल यहीं बिगड़ता है. अगर आप बढ़ी हुई लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं, तो क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (Credit Utilization Ratio) बढ़ जाता है. 30 प्रतिशत से ज्यादा यूटिलाइजेशन को खराब माना जाता है और इससे स्कोर और गिरता है.

भविष्य के लोन पर असर

क्रेडिट स्कोर सिर्फ कार्ड तक सीमित नहीं रहता. यही स्कोर आगे चलकर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन में काम आता है. अगर स्कोर गिर गया तो-

  • लोन रिजेक्ट हो सकता है
  • ज्यादा ब्याज लग सकता है
  • कम अमाउंट का लोन मिलेगा

कई लोग यहीं गलती समझ पाते हैं, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है.

क्या हर किसी के लिए नुकसानदायक है

यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति के लिए दो कार्ड लेना गलत हो. अगर आपकी इनकम अच्छी है, पुराना क्रेडिट इतिहास मजबूत है और आप बिल समय पर भरते हैं, तो असर सीमित हो सकता है. लेकिन नए यूजर्स या जिनका स्कोर 700 के आसपास है, उनके लिए यह कदम जोखिम भरा माना जाता है. हालांकि, एक ही महीने में दो कार्ड के लिए अप्लाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि भले ही आपकी इनकम ज्यादा ही हो, आपके सिबिल स्कोर पर हार्ड इंक्वायरी का असर तो दिखेगा ही.

सही तरीका क्या होना चाहिए?

अगर आपको एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड चाहिए, तो थोड़ी प्लानिंग जरूरी है.

  • दो कार्ड के बीच कम से कम 3–6 महीने का गैप रखें
  • पहले कार्ड का बिलिंग रिकॉर्ड मजबूत बनाएं
  • क्रेडिट लिमिट का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें
  • फ्री ऑफर के लालच में अप्लाई न करें

Conclusion

एक ही महीने में दो क्रेडिट कार्ड लेना तुरंत नुकसान न दिखाए, लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहता है. क्रेडिट स्कोर गिरना, बैंक का भरोसा कम होना और लोन में दिक्कत आना इसका सबसे बड़ा खतरा है. बेहतर यही है कि क्रेडिट कार्ड सोच-समझकर और सही समय पर लिया जाए.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्रेडिट स्कोर क्या होता है?

यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री का नंबर होता है.

2- हार्ड इंक्वायरी क्या है?

जब बैंक आपका स्कोर चेक करता है.

3- क्रेडिट स्कोर कितना होना अच्छा है?

750 या उससे ऊपर अच्छा माना जाता है.

4- क्रेडिट कार्ड की लिमिट क्या होती है?

अधिकतम खर्च की तय सीमा.

5- बिल देर से भरने पर क्या होता है?

स्कोर गिर सकता है.

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