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मान लीजिए कि आपको आपको कोई एक कार्ड दिया जाए जिसमें सिर्फ 20 छेद करने की जगह हो और आपसे कहा जाए कि इसमें 20 छेद करो, तो आप हर छेद बहुत सोच समझकर करेंगे. अगर एक भी गलत छेद किया तो वो मौका दोबारा नहीं मिलेगा. सफल निवेशक वॉरेन बफे ने यही सीख निवेश के मामले में दी है. उनका कहना था कि अगर आपको जीवन में निवेश करने के सिर्फ 20 मौके दिए जाएं तो आप हर निवेश बहुत सोच समझ कर करेंगे. उससे पहले नफा-नुकसान का हिसाब-किताब करेंगे और पूरी रिसर्च करने के बाद पैसे को बेस्ट से बेस्ट जगह पर निवेश करने का प्रयास करेंगे. वॉरेन बफे के इस नियम को ‘20 पंच कार्ड रूल’ कहा जाता है. ये नियम शेयर मार्केट की दुनिया में बहुत काम का है.
वॉरेन बफे का मानना है कि ज्यादातर निवेशक असफल इसलिए होते हैं क्योंकि वे हर चमकती चीज के पीछे भागते हैं और दूसरों की देखा-देखी बहुत सारे सौदे कर लेते हैं. 20 पंच कार्ड रूल इसी आदत को तोड़ने का एक मानसिक अभ्यास (Mental Exercise) है. बफे के मुताबिक निवेश को ऐसे देखना चाहिए कि आपको आपकी जिंदगी में गिने-चुने मौके मिल रहे हैं.
हर निवेश जीवन के सिर्फ 20 मौकों में से एक है. इस तरह की सोच अगर आप रखेंगे तो आप यूं ही किसी के कहने पर कहीं भी निवेश नहीं करेंगे. कहीं भी अपना पैसा लगाने से पहले अच्छे से पड़ताल करेंगे, रिसर्च करेंगे और हजार बार सोचने के बाद पैसे को निवेश करेंगे. निवेश के मामले में ये प्रैक्टिस आपको बेवजह के रिस्क से बचाती है, साथ ही भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना को भी बढ़ाती है.
1. क्या यह '20 पंच कार्ड रूल' छोटे निवेशकों के लिए भी काम करता है?
जी हां, यह नियम हर आकार के निवेशक के लिए है. इसका मकसद पैसों की मात्रा नहीं, बल्कि निवेश करने की सोच को अनुशासित करना है. एक छोटा निवेशक भी इस नियम से गलतियों से बचकर अच्छी संपत्ति बना सकता है.
निवेश में 100% सफलता किसी को नहीं मिलती. लेकिन जब आप हर फैसला इतनी रिसर्च के साथ लेंगे, तो आपके गलत होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी. आपके कुछ बड़े सही फैसले, छोटे-मोटे गलत फैसलों के नुकसान की भरपाई कर देंगे.
यह एक जीवन-सिद्धांत है. आप इसे रियल एस्टेट, स्टार्टअप में निवेश या अपने करियर के फैसले लेने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आपको जीवन के हर महत्वपूर्ण निर्णय को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करता है.
ये डायवर्सिफिकेशन का विरोधी नहीं है, बल्कि उसे और बेहतर बनाता है. डायवर्सिफिकेशन का मतलब ये नहीं कि आप 50-100 अनजान शेयर खरीद लें. इस नियम के अनुसार, आप 15-20 अच्छी तरह से रिसर्च की हुई, अलग-अलग सेक्टर की मजबूत कंपनियों में निवेश करके भी एक बेहतरीन और सुरक्षित पोर्टफोलियो बना सकते हैं.