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अगर आपने निवेश करने का मन बना लिया है और सोच रहे हैं कि बैंक सेविंग्स अकाउंट में ही पैसा रखा जाए या कहीं और लगाया जाए, तो एक विकल्प जो आज के समय में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, वह है लिक्विड फंड. अब सवाल उठता है कि आखिर लिक्विड फंड सेविंग्स अकाउंट से बेहतर कैसे हैं?
सेविंग्स अकाउंट में मौजूदा समय में ब्याज दरें लगभग 3% से 4% के बीच हैं. वहीं दूसरी ओर, लिक्विड फंड्स अभी करीब 7% तक रिटर्न दे रहे हैं. यानी सेविंग्स अकाउंट की तुलना में लगभग 3% ज्यादा. रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में ब्याज दरों में कटौती के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी गिरावट की संभावना बनी हुई है. ऐसे में बहुत से निवेशकों के लिए FD और सेविंग्स अकाउंट से बेहतर विकल्प की तलाश बढ़ गई है. इसी बीच लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स जैसे विकल्प आकर्षण का केंद्र बन गए हैं.
लिक्विड फंड एक तरह के डेब्ट म्यूचुअल फंड होते हैं जो सरकारी बॉन्ड, ट्रेजरी बिल और कॉर्पोरेट पेपर्स जैसे अल्पकालिक निवेश उपकरणों में पैसा लगाते हैं. इनका मेच्योरिटी पीरियड 91 दिनों तक का होता है और ये बाजार की ब्याज दरों और RBI की नीति दरों के हिसाब से रिटर्न देते हैं.
आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड के को-हेड फिक्स्ड इनकम कौस्तुभ गुप्ता के अनुसार, “आज के गिरते डिपॉजिट रेट वाले माहौल में लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स से बेहतर कैपिटल अलोकेशन तरीका दूसरा नहीं है. ये फंड्स आमतौर पर RBI की नीति दरों को ट्रैक करते हैं और सेविंग्स अकाउंट से 50 से 150 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं.”
इनकी एक और खासियत यह है कि आप इनमें से ₹50,000 तक की रकम को एक ही दिन में निकाल सकते हैं, वह भी T+0 यानी तुरंत. इसका मतलब यह हुआ कि जहां FD में लॉक-इन होता है, वहीं लिक्विड फंड में आपको पैसे निकालने में ज्यादा सुविधा मिलती है.
अगर आपके पास ऐसा पैसा है जिसे आप 7 से 30 दिनों के लिए कहीं सुरक्षित और फायदेमंद तरीके से लगाना चाहते हैं, तो लिक्विड फंड एक बेहतरीन विकल्प है. वहीं अगर अवधि और छोटी हो, यानी 1 से 7 दिन, तो ओवरनाइट फंड बेहतर विकल्प बन सकते हैं.