सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, UPS से NPS में जाने की ये है डेडलाइन, चूक गए तो फिर नहीं मिलेगा मौका!

UPS to NPS Deadline: केंद्र सरकार ने UPS से NPS में स्विच करने का नियम लागू किया है. अब सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारी एक बार के लिए यह ऑप्शन चुन सकते हैं. जानें पूरी डिटेल और शर्तें.
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, UPS से NPS में जाने की ये है डेडलाइन, चूक गए तो फिर नहीं मिलेगा मौका!

UPS to NPS Deadline: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट प्लानिंग में ज्यादा विकल्प और लचीलापन देने के लिए अहम कदम उठाया है. Department of Pension and Pensioners’ Welfare ने 2 सितंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर Central Civil Services (Implementation of the Unified Pension Scheme under the National Pension System) Rules, 2025 को लागू किया है. इन नियमों में खास प्रावधान किया गया है कि जो कर्मचारी Unified Pension Scheme (UPS) में शामिल हैं, उन्हें NPS (National Pension System) में स्विच करने का एक बार का मौका मिलेगा.

क्या है नया नियम?

सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह स्विचिंग का ऑप्शन 30 सितंबर 2025 तक उपलब्ध रहेगा. अगर कोई कर्मचारी तय समय में आवेदन नहीं करता है तो वह आगे भी UPS के अंतर्गत ही रहेगा.

UPS से NPS में स्विच करने के नियम

  • कर्मचारी केवल एक बार UPS से NPS में स्विच कर सकते हैं.
  • एक बार NPS में आने के बाद दोबारा UPS में लौटने की अनुमति नहीं होगी.
  • स्विचिंग का विकल्प रिटायरमेंट से कम से कम 1 साल पहले या VRS से 3 महीने पहले ही इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • अगर कर्मचारी को सजा के तौर पर नौकरी से हटाया गया है, डिस्मिस या कम्पल्सरी रिटायर किया गया है तो उसे यह सुविधा नहीं मिलेगी.
  • अगर किसी कर्मचारी पर विभागीय या अनुशासनात्मक जांच चल रही है तो भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.

क्या मिलेगा फायदा?

  • NPS में स्विच करने पर कर्मचारी को NPS के तहत मिलने वाले सभी बेनिफिट्स मिलेंगे.
  • इसके अलावा 4% का अतिरिक्त योगदान भी जोड़ा जाएगा.
  • यह नियम कर्मचारियों को ज्यादा फाइनेंशियल सिक्योरिटी और फ्लेक्सिबिलिटी देगा.

UPS क्यों लाया गया था?

केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में Unified Pension Scheme (UPS) को मंजूरी दी थी. इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया. UPS का मकसद कर्मचारियों को बेहतर रिटायरमेंट सिक्योरिटी देना था. इसके तहत सरकार और कर्मचारी दोनों का योगदान तय होता है.

किन मामलों को कवर करता है नया नियम?

  • UPS में नामांकन और योगदान का तरीका.
  • UPS से NPS में स्विच करने का ऑप्शन.
  • अगर समय पर रजिस्ट्रेशन न हो तो मुआवजा देने का नियम.
  • सर्विस के दौरान मौत या विकलांगता की स्थिति में मिलने वाले लाभ.
  • सुपरएन्नुएशन, प्रीमैच्योर रिटायरमेंट, VRS, पब्लिक सेक्टर या ऑटोनॉमस बॉडी में ट्रांसफर की स्थिति में बेनिफिट्स.
  • डिसमिसल, कम्पल्सरी रिटायरमेंट और विभागीय कार्रवाई के मामलों में नियम.

कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?

यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि इससे कर्मचारियों को अपने रिटायरमेंट फंड को ज्यादा सुरक्षित और फ्लेक्सिबल तरीके से प्लान करने का मौका मिलेगा. साथ ही, NPS में स्विच करने से मार्केट-लिंक्ड ग्रोथ का फायदा भी मिलता है, जबकि UPS ज्यादा स्टेबल रिटर्न पर आधारित है.

FAQs

Q1. क्या हर कर्मचारी UPS से NPS में स्विच कर सकता है?

नहीं, यह सुविधा केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी जिन्होंने समय पर UPS चुना था.

Q2. UPS से NPS में कितनी बार स्विच किया जा सकता है?

सिर्फ एक बार. इसके बाद दोबारा UPS में लौटने का विकल्प नहीं होगा.

Q3. NPS में स्विच करने पर क्या फायदे मिलेंगे?

कर्मचारी को NPS के सभी बेनिफिट्स मिलेंगे और 4% का अतिरिक्त योगदान भी जोड़ा जाएगा.

Q4. अगर विभागीय जांच चल रही हो तो क्या स्विचिंग संभव है?

नहीं, जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.

Q5. स्विच करने की आखिरी तारीख क्या है?

सरकार ने 30 सितंबर 2025 तक की डेडलाइन तय की है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6