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इंश्योरेंस कई तरह के होते हैं. आमतौर पर बात जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) और लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) की होती है. लेकिन ये भी कई तरह के होते हैं. आपकी जरूरतों के हिसाब से इन्हें डिजाइन किया गया है और सबके कवरेज, सुविधाएं और उपयोगिताएं भी अलग-अलग हैं. तमाम लोगों को इसकी जानकारी नहीं है. आसान शब्दों में जानिए लाइफ इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस का फर्क और ये कितनी तरह के होते हैं.
लाइफ इंश्योरेंस आपके जीवन को कवरेज देने का काम करता है. इसमें एक व्यक्ति और इंश्योरेंस प्रोवाइडर के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट होता है. इस कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक अगर इंश्योर्ड व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना होती है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी की ओर से उसके नॉमिनी या परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद के तौर पर एक निश्चित राशि दी जाती है. लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने के लिए व्यक्ति को प्रीमियम का भुगतान करना होता है.
वो सभी इंश्योरेंस जो नॉन लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट हैं यानी लाइफ इंश्योरेंस के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें जनरल इंश्योरेंस कहा जाता है. इसमें एक प्रीमियम के भुगतान के बदले इंश्योरेंस कंपनी किसी भी संपत्ति के नुकसान, दुर्घटना, बीमारी आदि के बदले मुआवजे की गारंटी देती है. यानी तमाम संपत्तियों की इकनॉमिक वैल्यू की सुरक्षा के लिहाज से जनरल इंश्योरेंस कराया जाता है.
टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान: ये प्लान एक निश्चित समय के लिए खरीदा जाता है. चुने गए टेन्योर में ये पूरी तरह से रिस्क कवर करता है. इसमें मैच्योरिटी बेनिफिट शामिल नहीं होता है.
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान: इस प्लान में सुरक्षा और निवेश दोनों शामिल होते हैं. इसमें निवेश वाले हिस्से को बॉन्ड और शेयर में लगाया जाता है और म्यूचुअल फंड की तरह आपको यूनिट मिल जाती है. ऐसे में रिटर्न मार्केट के उतार-चढ़ाव पर बेस्ड होता है.
एंडोमेंट प्लान: इस तरह के प्लान में बीमा और निवेश दोनों शामिल होते हैं. इसमें एक निश्चित समय के लिए रिस्क कवर होता है और उस अवधि के खत्म होने के बाद बोनस के साथ सम एश्योर्ड पॉलिसीधारक को वापस कर दिया जाता है.
मनीबैक: इसमें भी निवेश और बीमा का मेल एक निश्चित समय के लिए होता है. लेकिन इंश्योरेंस पॉलिसी में बोनस के साथ सम एश्योर्ड की वापसी किस्तों में की जाती है. पॉलिसी खत्म होने के समय पर आखिरी किस्त मिलती है.
होल लाइफ इंश्योरेंस प्लान: इस पॉलिसी का कोई टर्म नहीं होता यानी आपको पूरी लाइफ के लिए इंश्योरेंस कवर मिलता है. पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर, नॉमिनी को बीमा का क्लेम मिलता है.
लाइफ इंश्योरेंस के दायरे में न आने वाले सभी तरह के इंश्योरेंस जैसे हेल्थ इंश्योरेंस, वाहन इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस और ट्रैवल इंश्योरेंस आदि सभी जनरल इंश्योरेंस का हिस्सा होते हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस: इसमें मेडिकल से जुड़ी तमाम स्थितियों से निपटने के लिए कवरेज मिलता है. तमाम बीमारियों के साथ अस्पताल में भर्ती होने के खर्च भी इसमें कवर होता है.
वाहन इंश्योरेंस: वाहन को क्षति, दुर्घटना, चोरी जैसी घटनाओं के बदले इसमें कवरेज प्रदान किया जाता है. ये दो तरह का होता है थर्ड पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव.
होम इंश्योरेंस: आज के समय में मकान बनवाना बहुत मुश्किल है. ऐसे में होम इंश्योरेंस आपके घर और घर में मौजूद वस्तुओं को कवरेज देने का काम करता है.
ट्रैवल इंश्योरेंस: यात्रा के दौरान सामान खो जाने, यात्रा रद्द होने या उड़ान में देरी के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस कराया जाता है.