ये हैं 5 सुपरहिट सरकारी स्कीम! कहीं भी लगाएं पैसा.. कम से कम 7.5% ब्याज तो मिलेगा ही, गारंटी के साथ मिलेगा रिटर्न

भारतीय बाजार में सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए कई ऐसी योजनाएं हैं जो 7.5% या उससे अधिक का ब्याज दर दे रही हैं. इन योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें से अधिकतर को सरकारी गारंटी प्राप्त है और ये टैक्स बचाने में भी मदद करती हैं.
ये हैं 5 सुपरहिट सरकारी स्कीम! कहीं भी लगाएं पैसा.. कम से कम 7.5% ब्याज तो मिलेगा ही, गारंटी के साथ मिलेगा रिटर्न

पैसे को सुरक्षित रखना भी है और बढ़ाना भी? भारत सरकार की इन 5 योजनाओं में मिल रहा है 7.5% से भी ज्यादा का पक्का ब्याज!

सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में कई ऐसी योजनाएं उपलब्ध हैं, जो 7.5% या उससे अधिक की वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रही हैं. इन योजनाओं की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें से अधिकांश को भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है, जो इन्हें रूढ़िवादी या जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए एक अत्यंत भरोसेमंद विकल्प बनाता है. इसके साथ ही, ये योजनाएं जमा राशि या मैच्योरिटी पर टैक्स लाभ भी प्रदान करती हैं, जिससे निवेशकों की वास्तविक कमाई में और इजाफा होता है.

वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बेटियों के भविष्य की सुरक्षा तक, ये निवेश विकल्प विभिन्न वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी स्कीम्स में मिल रहा 8.2% का ब्याज आज के समय में कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों से काफी बेहतर है. कम जोखिम के साथ पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली ये योजनाएं महंगाई को मात देने वाला रिटर्न प्रदान करने में सक्षम हैं. आइए जानते हैं ऐसी ही 5 योजनाओं के बारे में:

1. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

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यह योजना विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए बनाई गई है.

ब्याज दर: यह अपने निवेशकों को 8.2% की आकर्षक ब्याज दर प्रदान करती है.

निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश ₹1,000 है और अधिकतम सीमा ₹30 लाख तक है.

2. सुकन्या समृद्धि योजना (SSA)

यह बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए एक बेहतरीन बचत योजना है.

ब्याज दर: इसमें भी 8.2% की ऊंची ब्याज दर मिलती है.

टैक्स लाभ: पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ₹1.50 लाख तक की छूट मिलती है और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है.

अवधि: यह खाता खोलने की तारीख से 21 साल में मैच्योर होता है. हालांकि, निवेश केवल 15 साल तक ही करना पड़ता है.

3. आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड

सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प है.

ब्याज दर: वर्तमान में यह 8.05% ब्याज दे रहा है.

खासियत: इसकी कोई अधिकतम निवेश सीमा नहीं है और इसमें 'सॉवरेन गारंटी' (सरकारी सुरक्षा) मिलती है. इसकी मैच्योरिटी अवधि 7 साल है.

4. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

यह सरकार समर्थित एक लोकप्रिय बचत पत्र है.

ब्याज दर: इस पर 7.7% की दर से सालाना कंपाउंडिंग ब्याज मिलता है.

अवधि: इसकी मैच्योरिटी अवधि 5 साल है और निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है.

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5. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 साल)

बैंक एफडी की तरह यह भी एक सुरक्षित विकल्प है.

ब्याज दर: 5 साल की जमा राशि पर 7.5% ब्याज मिलता है.

टैक्स लाभ: 5 साल की टीडी (TD) पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80C में टैक्स छूट के लिए पात्र है.

investment

Conclusion

कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ये योजनाएं न केवल पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि महंगाई को मात देने वाला रिटर्न भी देती हैं. सुकन्या समृद्धि और वरिष्ठ नागरिक योजना जैसी स्कीम्स में मिल रहा 8.2% ब्याज किसी भी बड़े बैंक की एफडी से कहीं बेहतर है. अपनी वित्तीय जरूरतों और समय सीमा के अनुसार इनमें से सही विकल्प का चुनाव करना समझदारी है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 'सॉवरेन गारंटी' का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि आपके निवेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे भारत सरकार की है, जो इसे निवेश का सबसे सुरक्षित रूप बनाती है.

Q2 क्या इन योजनाओं में निवेश के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है?

हां, भारत में किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन और सरकारी बचत योजनाओं में निवेश के लिए पैन (PAN) कार्ड अनिवार्य है.

Q3 सुकन्या समृद्धि योजना में अधिकतम कितना पैसा जमा कर सकते हैं?

एक वित्तीय वर्ष में आप अधिकतम ₹1.50 लाख जमा कर सकते हैं.

Q4 आरबीआई बॉन्ड और बैंक एफडी में क्या अंतर है?

आरबीआई बॉन्ड का ब्याज दर 'फ्लोटिंग' होता है (बदलता रहता है) और यह अक्सर कई सार्वजनिक और निजी बैंकों की एफडी दरों से अधिक होता है.

Q5 एनएससी (NSC) में ब्याज कब मिलता है?

एनएससी में ब्याज सालाना कंपाउंड होता है, लेकिन इसका भुगतान 5 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर ही किया जाता है.