टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान खरीदने जा रहे हैं तो इन 5 बातों पर जरूर कर लीजिएगा गौर, कहीं बाद में न हो पछतावा

आपके बाद आपकी फैमिली का क्‍या होगा? ये सोचकर तमाम लोग इंश्‍योरेंस करवाते हैं. लेकिन कुछ लोग टर्म और लाइफ इंश्‍योरेंस के बीच कन्‍फ्यूज हो जाते हैं. यहां जानिए इनके बीच का फर्क और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्‍यान रखने की जरूरत है.
टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान खरीदने जा रहे हैं तो इन 5 बातों पर जरूर कर लीजिएगा गौर, कहीं बाद में न हो पछतावा

जिंदगी का कोई भरोसा नहीं, कल क्या हो जाए, कौन जानता है. ऐसे में सबसे बड़ी फिक्र अपने परिवार की होती है कि अगर हमें कुछ हो गया तो उनका क्या होगा? इसी फिक्र को दूर करने के लिए लोग 'इंश्योरेंस' करवाते हैं, जो एक तरह का सुरक्षा कवच है. लेकिन जब इंश्योरेंस लेने जाते हैं, तो दो नाम सबसे ज्यादा कन्फ्यूज करते हैं- लाइफ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस. कुछ लोगों को इन दोनों का फर्क ही नहीं पता होता.आइए इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं और जानते हैं कि टर्म इंश्योरेंस क्या है, लाइफ इंश्योरेंस से कैसे अलग है और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्‍यान रखने की जरूरत है.

समझिए टर्म और लाइफ इंश्‍योरेंस का फर्क

Life Insurance पॉलिसी जीवन को कवरेज देने का काम करता है. इसमें अगर इंश्योर्ड व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना होती है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी की ओर से उसके नॉमिनी या परिवार के सदस्‍यों को आर्थिक मदद के तौर पर डेथ और मैच्योरिटी बेनेफिट दोनों मिलते हैं.

Term Insurance एक तरह की जीवन बीमा पॉलिसी है जो सीमित अवधि के लिए निश्चित भुगतान दर पर कवरेज देती है. ऐसे में यदि बीमित व्‍यक्ति की मृ‍त्‍यु पॉलिसी की अवधि के दौरान हो जाए तो तो कवर की राशि नामांकित व्यक्ति को एकमुश्त दी जाती है. इससे परिवार को वित्‍तीय सुरक्षा मिल जाती है. टर्म इंश्योरेंस में लाइफ इंश्योरेंस की तरह मैच्योरिटी रिटर्न नहीं मिलता है.

टर्म इंश्‍योरेंस खरीदते समय इन 5 बातों का रखें खयाल

  1. अपने इनकम बेस को समझिए और उसके आधार पर इंश्योरेंस कवर तय कीजिए. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान इनकम का 10-15 गुना होना चाहिए.
  2. टर्म इंश्योरेंस को आप जितनी जल्दी खरीदेंगे, उतने फायदे में रहेंगे. कम उम्र में आप सस्ते प्रीमियम पर इंश्योरेंस को लॉक कर पाएंगे.
  3. आमदनी के सोर्स, लोन और देनदारियां, पारिवारिक जिम्‍मेदारियां, लाइफस्‍टाइल, फाइनेंशियल गोल्‍स आदि का आकलन करने के बाद ही टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान खरीदें.
  4. टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान को खरीदते समय उसकी शर्तों को अच्‍छे से पढ़ लें. ये देख लें कि किन वजहों से हुई मृत्यु को पॉलिसी में कवर किया जाएगा क्‍योंकि टर्म इंश्‍योरेंस में हर तरह की मृत्यु कवर नहीं होती. क्लेम का पैसा तभी मिलता है, जब पॉलिसीधारक की मृत्यु टर्म प्लान के तहत कवर होने वाली वजहों के चलते हुई हो.
  5. टर्म इंश्‍योरेंस का प्‍लान ऑनलाइन खरीदना ज्‍यादा बेहतर है. इसमें आपको इंटरमीडियरी को कमीशन नहीं देना होता. प्रीमियम सस्‍ता होता है. आप खुद सारी डीटेल्‍स भरते हैं, इसके कारण गलती की गुंजाइश कम होती है.

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