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आज के समय में सिर्फ कमाना ही काफी नहीं है, बल्कि उस कमाई को सही जगह लगाना भी उतना ही जरूरी हो गया है. महंगाई तेजी से बढ़ रही है और भविष्य की जरूरतें भी पहले से कहीं ज्यादा हैं. ऐसे में लोग टैक्स बचाने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न देने वाले निवेश विकल्प तलाशते हैं.
FD, PPF और ELSS ये तीनों ही भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले निवेश विकल्पों में शामिल हैं. लेकिन सवाल यही है कि आपके लिए कौन सा विकल्प सही रहेगा? आइए समझते हैं...
PPF एक सरकारी बचत योजना है, जिसे लंबे समय के लिए निवेश करने वालों के लिए बनाया गया है. यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो जोखिम से दूर रहना चाहते हैं और अपने भविष्य के लिए एक मजबूत फंड तैयार करना चाहते हैं. PPF में हर साल तय ब्याज मिलता है, जिसे सरकार समय-समय पर तय करती है. फिलहाल इसमें लगभग 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगाया गया पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट तीनों ही टैक्स फ्री होते हैं.
हालांकि, इसमें पैसा लंबे समय के लिए फंसा रहता है क्योंकि इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है. यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर है जो रिटायरमेंट या बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं.
FD का फायदा यह है कि इसमें जोखिम लगभग नहीं के बराबर होता है. टैक्स सेविंग FD एक खास तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट होती है, जिसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। इस FD में पैसा कम से कम 5 साल के लिए लॉक रहता है, यानी इस अवधि से पहले इसे नहीं तोड़ा जा सकता. यह निवेश सुरक्षित माना जाता है. टैक्स सेविंग एफडी के जरिए आपके लिए टैक्स बचाने के साथ-साथ अनुशासित बचत करने का साधन भी है.
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ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम एक खास तरह का म्यूचुअल फंड होता है, जो टैक्स बचाने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है. इसमें निवेश करने पर पुराने टैक्स सिस्टम के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है.
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ELSS फंड अपना ज्यादातर पैसा शेयर बाजार में लगाते हैं, इसलिए इसमें जोखिम जरूर होता है, लेकिन लंबे समय में यह सबसे ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है. पिछले कुछ वर्षों में ELSS फंड्स ने औसतन 15% से 18% तक का सालाना रिटर्न दिया है. यह विकल्प उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो थोड़ा जोखिम लेकर ज्यादा रिटर्न चाहते हैं.
| पॉइंट्स | Tax Saving FD | PPF | ELSS |
| टैक्स छूट | 80C में ₹1.5 लाख तक | 80C में ₹1.5 लाख तक | 80C में ₹1.5 लाख तक |
| लॉक-इन पीरियड | 5 साल (फिक्स) | 15 साल (आंशिक निकासी संभव) | सिर्फ 3 साल |
| अनुमानित रिटर्न | 6% – 7% सालाना | 7% – 7.5% सालाना | 12% – 15%+ (मार्केट पर निर्भर) |
| जोखिम स्तर | बहुत कम | बिल्कुल सुरक्षित | मीडियम से हाई |
| ब्याज/रिटर्न पर टैक्स | टैक्सेबल | पूरा रिटर्न टैक्स फ्री | LTCG टैक्स लागू |
| किसके लिए सही | सुरक्षित निवेश चाहने वाले | लॉन्ग टर्म सेवर्स | ज्यादा रिटर्न चाहने वाले |
| पैसे बढ़ने की रफ्तार | धीमी | मध्यम | तेज |
अगर सिर्फ टैक्स बचत और सुरक्षा चाहिए तो PPF और टैक्स सेविंग एफडी बेहतर है, लेकिन ज्यादा रिटर्न के लिए ELSS सबसे दमदार विकल्प माना जाता है.
ELSS शेयर बाजार से जुड़ा होता है, लेकिन लंबे समय में यह FD और PPF से ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है.
नहीं, टैक्स सेविंग एफडी पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री नहीं होता है; इस पर इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है,
PPF का पूरा पैसा 15 साल बाद मिलता है, हालांकि कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी संभव होती है.
हां, ELSS में SIP के जरिए निवेश करना सबसे स्मार्ट तरीका माना जाता है, जिससे जोखिम भी कम होता है.