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हर माता-पिता का सपना होता है कि वो अपनी संतान के फ्यूचर को किसी भी हाल में सुरक्षित करें. वहीं जब आप एक बेटी के माता-पिता होते हैं तो उसके लिए जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है. उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी तक के लिए एक अच्छा-खासा फंड जोड़ने की फिक्र मन में सताती है. बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार भी एक स्कीम चलाती है. स्कीम का नाम है सुकन्या समृद्धि योजना (SSY). लॉन्ग टर्म की इस स्कीम में 8.2% का ब्याज दिया जा रहा है, जो आज की तमाम स्कीम्स की तुलना में बेहतर है.
लेकिन अगर इसकी तुलना सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) से की जाए तो फंड के मामले में कौन सी स्कीम भारी पड़ेगी. मोटा फंड कहां से बनेगा? सरकार की गारंटी पर भरोसा करें या बाजार की ताकत को आजमाएं. यहां जानिए इसके बारे में.
SSY सरकार की ओर से चलाई जाने वाली एक स्मॉल सेविंग स्कीम है, जो खासतौर पर बेटियों के लिए ही बनाई गई है. ये 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का एक हिस्सा है.
SIP कोई स्कीम नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका है. इसमें आप हर महीने एक तय रकम अपनी पसंद के म्यूचुअल फंड में लगाते हैं. ये पैसा इक्विटी (शेयर बाजार) या डेट (बॉन्ड) मार्केट में लगाया जाता है.
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर. चलिए एक उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए, आप अपनी 1 साल की बेटी के लिए हर महीने ₹10,000 (सालाना ₹1,20,000) का निवेश शुरू करते हैं. हम 21 साल बाद की कुल रकम देखेंगे.
कैलकुलेशन: 15 साल तक पैसा जमा करने के बाद, अगले 6 साल तक उस जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा. 21 साल के अंत में, आपको मैच्योरिटी पर लगभग ₹55,42,062 मिलेंगे. ये पूरी रकम 100% टैक्स फ्री होगी.
कैलकुलेशन: अगर आप 15 साल तक हर महीने ₹10,000 का निवेश करते हैं और उस पर औसतन 12% का रिटर्न मिलता है, तो 15 साल में आपका फंड बढ़कर लगभग ₹47,59,314 हो जाएगा.
लेकिन रुकिए, कहानी यहां खत्म नहीं होती. SSY की तरह अगर हम इस पैसे को और 6 साल तक (कुल 21 साल) निवेशित रहने दें (बिना कोई और SIP किए), तो पावर ऑफ कंपाउंडिंग अपना जादू दिखाएगी.
अगले 6 साल तक ₹47,59,314 पर 12% रिटर्न के हिसाब से, 21 साल के अंत में आपकी कुल रकम बढ़कर लगभग ₹93,94,042 हो जाएगी.
नतीजा: आंकड़ों में SIP साफ तौर पर जीतता हुआ दिख रहा है. SIP से बना फंड SSY के मुकाबले कहीं ज्यादा है.
कैलकुलेशन देखकर लगता है कि SIP ही बेस्ट है, लेकिन फैसला इतना आसान नहीं है. ये आपकी जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है.
अगर आप बिल्कुल भी जोखिम नहीं लेना चाहते और एक गारंटीड, टैक्स फ्री रिटर्न चाहते हैं, तो आंख बंद करके SSY चुनें. बेटी की पढ़ाई या शादी के लिए एक तय रकम आपको मिलेगी ही मिलेगी, इसकी गारंटी है.
अगर आप थोड़ा जोखिम ले सकते हैं और लंबी अवधि में महंगाई को मात देकर एक बहुत बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो SIP आपके लिए है. इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं है, लेकिन वेल्थ बनाने की क्षमता बहुत ज्यादा है.
समझदारी इसी में है कि आप किसी एक को न चुनें. अपने निवेश को बांट दें. आप अपनी बेटी के लिए एक SSY अकाउंट भी खोलें और एक SIP भी शुरू करें. SSY में आप वो पैसा लगाएं जिससे आप बेटी की पढ़ाई जैसे जरूरी लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करना चाहते हैं. SIP में निवेश करके आप उसके बड़े सपनों, जैसे विदेश में पढ़ाई या एक बड़ा वेल्थ फंड बनाने के लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं. इस तरह आप गारंटीड रिटर्न का फायदा भी उठाएंगे और बाजार की तेजी से अपने फंड को कई गुना बढ़ाने का मौका भी नहीं चूकेंगे.
नहीं. SSY एक सरकार समर्थित योजना है, इसलिए इसमें आपका मूलधन और ब्याज 100% सुरक्षित है.
आप कभी भी अपनी SIP बंद कर सकते हैं. आपका अब तक का जमा पैसा उसी फंड में लगा रहेगा और उस पर रिटर्न मिलता रहेगा. आप चाहें तो उस पैसे को निकाल भी सकते हैं.
ब्याज की गणना सालाना होती है और वो हर साल आपके SSY खाते के बैलेंस में जोड़ दिया जाता है. इसे कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है.
हां, बिल्कुल. ये एक बहुत ही अच्छी स्ट्रैटजी है. आप SSY में अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना और SIP में अपनी क्षमता के अनुसार कितना भी निवेश कर सकते हैं.
नहीं. SIP का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. ये 12% से कम, ज्यादा या कुछ समय के लिए निगेटिव भी हो सकता है. 12% एक लंबी अवधि का औसत अनुमान है जो कई अच्छे फंड्स ने दिया है.