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क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि महीने की सैलरी आते ही तब तो बहुत खुशी होती है, लेकिन 15–20 दिन बाद अकाउंट फिर खाली दिखने लगता है. खर्चे बढ़ते जा रहे हैं, सेविंग्स जैसे गायब हो गई हों. लेकिन चिंता मत कीजिए. कुछ छोटे-छोटे बदलाव आपकी पूरी मनी हैबिट बदल सकते हैं. ये 4 Money Rules इतने आसान हैं कि आप इन्हें आज से ही शुरू कर सकते हैं और आपको दो–तीन महीने में ही फर्क दिखने लगेगा.
आजकल हर किसी की उंगली ऑनलाइन शॉपिंग ऐप पर चलती रहती है. Amazon, Flipkart, Myntra खोलते ही मन करता है कुछ न कुछ खरीद लें. ऐसे में हम कई बार ऐसी चीजें भी कार्ट में डाल भी देते हैं, जिनकी हमें ज़रूरत होती ही नहीं.
48-Hour Cart Rule इसका बढ़िया इलाज है. यानी जो भी चीज पसंद आए, उसे कार्ट में डालो… लेकिन 48 घंटे तक खरीदो मत. दो दिन बाद जब आप दोबारा कार्ट खोलोगे तो 90% चांस है कि आप खुद ही कार्ट खाली कर दोगे. ये एक नियम आपकी फालतू खरीदारी पर रोक लगाता है और हर महीने 30–40% तक फिजूलखर्ची कम कर देता है.
हर महीने कोई न कोई जन्मदिन, एनिवर्सरी या छोटा-मोटा सेलिब्रेशन आता ही रहता है और इन पर खर्च अचानक बढ़ जाता है. कई बार गिफ्ट खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड स्वाइप करना पड़ता है या किसी से उधार लेना पड़ता है. इस समस्या का आसान उपाय है Gift Account.
अपनी सैलरी से हर महीने 2–3 हजार रुपए अलग निकालकर इस अकाउंट में डालते रहो. सालभर में अच्छा खासा फंड तैयार हो जाएगा. अब जब भी कोई खुशी का मौका आएगा, बिना तनाव और बिना उधार लिए गिफ्ट दे पाओगे. इससे बजट गड़बड़ भी नहीं होगा.
UPI ने जिंदगी आसान जरूर कर दी है, लेकिन यही आसान तरीका कई बार बजट बिगाड़ देता है. चाय की दुकान, समोसा, कैब से लेकर तमाम खर्चे दिनभर में होते हैं जो UPI से किए जाते हैं. ऐसे में हमें अंदाजा नहीं लगता कि हम कितना पैसा खर्च कर चुके हैं. इसी से बचने का तरीका है UPI Fast Rule.
हफ्ते में एक दिन तय कर लो कि आप उस दिन UPI बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करोगे, सिर्फ कैश यूज़ करोगे. कैश खर्च करते हुए हाथ खुद ही रुक जाता है, क्योंकि आपको तुरंत नुकसान महसूस होता है. इससे आपको ये पता रहेगा कि कैश कहां कितना खर्च हो रहा है और आप आसानी से अपने खर्च पर लगाम लगा पाएंगे.
ये सबसे दमदार नियम है. अगर आप 20,000 रुपए का कोई सामान खरीदना चाहते हैं तो पहले चेक करें कि क्या आपके अकाउंट में 40 हजार रुपए मौजूद हैं? अगर नहीं हैं, तो वो चीज मत खरीदो. खासकर EMI पर बिल्कुल मत खरीदो, क्योंकि EMI आसान दिखती है लेकिन ब्याज जोड़कर वही चीज आपको बहुत महंगी पड़ जाती है. ये नियम बड़े खर्चों जैसे फोन, लैपटॉप, बाइक, फ्रिज, टीवी जैसी तमाम बड़ी खरीदारी पर लागू होता है. इससे आप वही चीज खरीदते हो, जिसे आप सच में अफोर्ड कर सकते हो.