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1 करोड़ रुपए आज के समय में भी काफी लगता है. ऐसी तमाम स्कीम्स हैं जिसमें निवेश करने से आप 1 करोड़ का फंड भी जमा कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए 15, 20 या 30 साल की लंबी अवधि के लिए निवेश करना होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप 30 साल में 1 करोड़ की रकम जोड़ भी लें तो वो आपके लिए कितनी पर्याप्त रहेगी? 30 साल बाद इस 1 करोड़ की असली वैल्यू कितनी रहेगी?
30 साल बाद ये रकम आपकी कितनी जरूरतें पूरी कर पाएगी. महंगाई यानी इंफ्लेशन हर साल चीजों की कीमतें बढ़ाती है और आपके पैसों की असली ताकत कम कर देती है. यहां समझिए असल में 30 साल बाद ये पैसा कितना काम आएगा और निवेशक को किस तरह से अपनी रणनीति बनानी चाहिए.
महंगाई का सीधा सा मतलब है समय के साथ चीजों का महंगा होना, या यूं कहें कि आपके पैसे की खरीदने की क्षमता (Purchasing Power) का कम हो जाना. उदाहरण के लिए- जो समोसा 20 साल पहले 5 रुपए का मिलता था, आज 15-20 रुपए का है. जो पेट्रोल 30 साल पहले 15 रुपए लीटर था, आज 100 रुपए के पार है.चीजें वही हैं, लेकिन उन्हें खरीदने के लिए अब आपको ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं. यही महंगाई है.
चलिए, अब उस सवाल पर आते हैं कि 30 साल बाद आपके 1 करोड़ रुपए की असली कीमत क्या होगी. इसके लिए हम 'फ्यूचर वैल्यू' का फॉर्मूला इस्तेमाल करते हैं और 6% की औसत महंगाई दर मानकर चलते हैं.
जी हां, आपने सही पढ़ा. 30 साल बाद का 1 करोड़ रुपया, आज के सिर्फ 17.41 लाख रुपए के बराबर होगा. इसका मतलब है कि जो लाइफस्टाइल, जो घर, जो गाड़ी आप आज 17-18 लाख रुपए में मेंटेन कर सकते हैं, 30 साल बाद उसी लाइफस्टाइल के लिए आपको 1 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. तो, क्या आप सच में करोड़पति कहलाएंगे? शायद नहीं.
अब सवाल यह है कि अगर मुझे 30 साल बाद आज के 1 करोड़ रुपए के बराबर की ताकत वाला पैसा चाहिए, तो मेरा लक्ष्य क्या होना चाहिए.
यानी, 30 साल बाद आज के करोड़पति के बराबर की जिंदगी जीने के लिए आपको लगभग 5.74 करोड़ रुपए का फंड बनाना होगा. अब आपका सिर चकरा गया होगा कि यह कैसे होगा.
घबराएं नहीं, इसका भी समाधान है. आपको बस अपने निवेश की रणनीति में थोड़ा बदलाव करना होगा.
अगर आपका फंड 12% का रिटर्न दे रहा है और महंगाई 6% है, तो आपकी असली कमाई सिर्फ 6% ही है. हमेशा ऐसे निवेश चुनें जो महंगाई से कहीं ज्यादा रिटर्न दे सकें, जैसे कि इक्विटी म्यूचुअल फंड.
यह महंगाई को मात देने का सबसे शक्तिशाली तरीका है. इसका मतलब है कि आप हर साल अपनी SIP की रकम में अपनी सैलरी बढ़ोतरी के साथ-साथ 10% से 15% या अपनी क्षमतानुसार वृद्धि करते हैं.
जवाब: ये वो रिटर्न है जो आपको महंगाई दर को घटाने के बाद असल में मिलता है. उदाहरण के लिए, अगर आपकी FD 7% का रिटर्न दे रही है और महंगाई 6% है, तो आपका रियल रेट ऑफ रिटर्न सिर्फ 1% है.
जवाब: नहीं, ये घट-बढ़ सकती है. हमने 6% का आंकड़ा लंबी अवधि के औसत के तौर पर लिया है ताकि एक अनुमान लगाया जा सके.
जवाब: लंबी अवधि में, इक्विटी म्यूचुअल फंड को महंगाई को मात देने के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से इन्होंने FD या गोल्ड से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है.
जवाब: स्टेप-अप SIP का मतलब है कि आप हर साल अपनी SIP की रकम को एक निश्चित प्रतिशत (जैसे 10%) से बढ़ाते हैं. इससे आपका निवेश तेजी से बढ़ता है और आप अपने वित्तीय लक्ष्य तक जल्दी पहुंच सकते हैं.
जवाब: सबसे पहले यह तय करें कि आज की तारीख में आपको अपने लक्ष्य के लिए कितने पैसे चाहिए (मान लीजिए 1 करोड़). फिर ऑनलाइन 'फ्यूचर वैल्यू कैलकुलेटर' का इस्तेमाल करके देखें कि 6% महंगाई दर के हिसाब से 30 साल बाद इस 1 करोड़ की कीमत कितनी होगी (लगभग 5.74 करोड़). अब आपका नया लक्ष्य 5.74 करोड़ होना चाहिए, न कि 1 करोड़.