नौकरी नहीं, अब चाहिए मोटी Salary! कर्मचारियों की बढ़ी डिमांड, 29% लोग सैलरी से हैप्पी तो 81% को चाहिए और पैसे

भारत में केवल 29% कर्मचारी अपनी सैलरी से खुश हैं.ACCA की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती महंगाई के चलते 81% भारतीय कर्मचारी अगले 12 महीनों में इंक्रीमेंट की मांग करेंगे. मिलेनियल्स इस दौड़ में सबसे आगे हैं.तो जानिए क्यों भारतीय प्रोफेशनल अब अपनी 'टेक होम' सैलरी को लेकर इतने सख्त हैं.
नौकरी नहीं, अब चाहिए मोटी Salary! कर्मचारियों की बढ़ी डिमांड, 29% लोग सैलरी से हैप्पी तो 81% को चाहिए और पैसे

आज के टाइम में भारत में केवल 29% कर्मचारी अपनी सैलरी से खुश हैं  (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt) 

भारत में बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी मौजूदा सैलरी से हैप्पी नहीं हैं और आने वाले 12 महीनों में वेतन बढ़ोतरी की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं. यह जानकारी Association of Chartered Certified Accountants की एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आई है.

एनआई की वेबसाइट पर रिपोर्ट के मुताबिक भारत में केवल 29 प्रतिशत कर्मचारी ही अपनी मौजूदा सैलरी से हैप्पी हैं. वहीं बड़ी संख्या में लोग बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को लेकर चिंतित हैं.

महंगाई और टेक्नोलॉजी का डर

इस चौंकाने वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2026 में भी दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए 'महंगाई' काम से जुड़ी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बनी हुई है. भारतीय कर्मचारियों के लिए यह दूसरी सबसे बड़ी चिंता है.असल में भारत में सबसे बड़ा डर 'टेक्नोलॉजी की वजह से नौकरी चले जाना' है और उसके ठीक बाद बढ़ता खर्च (Cost of living) आता है.

81% कर्मचारी मांगेंगे इंक्रीमेंट

  • भारत में करीब 81% लोग अगले एक साल में अपने एम्प्लॉयर से सैलरी बढ़ाने की मांग करेंगे.
  • यह आंकड़ा साल 2025 (67%) के मुकाबले काफी बढ़ गया है.
  • यह 62% के वैश्विक औसत (Global Average) से भी कहीं ज्यादा है
  • यह दिखाता है कि बढ़ती महंगाई का असर अब लोगों के घर के बजट पर साफ दिखने लगा है

मिलेनियल्स सबसे आगे

आपको बता दें कि सैलरी बढ़ाने की मांग करने की सबसे ज्यादा इच्छा 'मिलेनियल्स' में देखी गई है, जिनमें से 90% लोग अगले एक साल में इंक्रीमेंट की मांग करेंगे. इसके मुकाबले Gen Z के 77% और 'जेन एक्स' (Gen X) के 75% लोग सैलरी बढ़ाने की मांग करने की योजना बना रहे हैं.

इंक्रीमेंट की उम्मीदें भी हैं ज्यादा

भारतीय कर्मचारियों की सैलरी को लेकर उम्मीदें ग्लोबल औसत से काफी अधिक हैं. भारत में करीब 68% कर्मचारी 10% से ज्यादा की बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि ग्लोबल स्तर पर यह औसत केवल 37% है। 10% से ज्यादा की बढ़त की उम्मीद रखने वालों में 'जेन एक्स' (76%) सबसे आगे हैं, इसके बाद 'जेन जेड' (60%) और 'मिलेनियल्स' (55%) का नंबर आता है.

कर्मचारियों के लिए Compensation सबसे अहम

  • कर्मचारियों के लिए Compensation यानी वेतन और फायदे अभी भी सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर बने हुए हैं.
  • युवा प्रोफेशनल ज्यादा Take Home Salary पर फोकस कर रहे हैं.
  • Mid-Career Professionals अब अच्छी सैलरी के साथ Meaningful Work को भी बराबर वैल्यू देने लगे हैं.

कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव

इस रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों पर अब बढ़ती Salary Expectations को संभालने का दबाव बढ़ रहा है. असल में कंपनियों को मुनाफे और कर्मचारियों को बनाए रखने की प्लानिंग के बीच बैलेंस बनाना पड़ रहा है.

सैलरी या काम? क्या है प्राथमिकता

आपको बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों के लिए पैसा (Compensation) सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर बना हुआ है. खासकर युवा प्रोफेशनल 'इन-हैंड सैलरी' पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं.हालांकि, जो लोग अपने करियर के बीच वाले पड़ाव पर हैं, वे अब सैलरी के साथ-साथ काम के महत्व को भी बराबर तवज्जो दे रहे हैं.तो अब कंपनियों के सामने चुनौती यह है कि वे बढ़ती सैलरी की मांग और अपनी प्रॉफिटेबिलिटी के बीच कैसे तालमेल बैठाती हैं.

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