&format=webp&quality=medium)
अमीर बनने के लिए रॉबर्ट कियोसाकी ने लिए थे ये 10 बड़े फैसले, जिसके बाद वह बने अमीर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
एक रात, रॉबर्ट कियोसाकी अपने एक छोटे से अपार्टमेंट में बैठे थे. उनके जीवन में पिछले 10 साल उथल-पुथल भरे रहे थे और वे अपने रास्ते से भटक चुके थे. उस रात उन्होंने एक बड़ा फैसला किया कि वे अब अपने 'पुअर डैड' (असली पिता) के रास्ते पर नहीं, बल्कि अपने 'रिच डैड' (दोस्त के पिता) के बताए रास्ते पर चलेंगे. आज के समय में जब हमारे पास विकल्पों की भरमार है, लोग अक्सर अपने लक्ष्यों से भटक जाते हैं.
रॉबर्ट कियोसाकी ने अपने अनुभवों से ऐसे 10 महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में बताया है, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति अमीर बनने के अपने सफर को आसान और सुनिश्चित कर सकता है.
अमीर बनने की शुरुआत इस फैसले से होती है कि आप खुद पर दया करना बंद करें. कियोसाकी के रिच डैड कहते थे कि अमीर, गरीब और मध्यम वर्ग में सिर्फ एक ही अंतर होता है- वे कैसा लाइफस्टाइल चाहते हैं. आप किसी के भविष्य को उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों से जान सकते हैं.
गरीब मानसिकता के शब्द: "मुझे बस किराए के लिए पैसे मिल जाएं," या "अगली सैलरी तक के लिए कुछ रुपयों की जरूरत है." यह सोच सिर्फ Financial Survival पर टिकी होती है.
मध्यम वर्ग के शब्द: "हमारा घर हमारा सबसे बड़ा असेट है," या "मैं बस एक आरामदायक (Comfortable) जिंदगी चाहता हूं."
अमीर वर्ग के शब्द: "इस प्रॉपर्टी के लिए फाइनेंसिंग कहां से मिलेगी?" या "टैक्स बचाने के लिए इसे कॉर्पोरेशन के जरिए खरीदते हैं." अमीर लोग हमेशा 'असेट कॉलम' (Asset Column) यानी संपत्ति बनाने पर ध्यान देते हैं.
कियोसाकी कहते हैं कि गरीब होना एक मानसिक स्थिति (State of Mind) है जो हमेशा बनी रह सकती है, लेकिन 'ब्रोक' (पैसे न होना) एक अस्थायी स्थिति है. उन्होंने अपनी पत्नी किम के साथ 3 हफ्ते तक बेघर होने के बावजूद अमीर बनने का सपना नहीं छोड़ा. इसके लिए Be-Do-Have का फॉर्मूला जरूरी है- पहले अमीर जैसी सोच रखें (Be), फिर उनके जैसे काम करें (Do), तब जाकर आपके पास वह सब होगा जो अमीरों के पास होता है (Have).
दुनिया में पैसे से जुड़ी केवल दो ही समस्याएं होती हैं- पहली, पैसे का बहुत कम होना और दूसरी, पैसे का बहुत ज्यादा होना. ज्यादातर लोग सिर्फ पहली समस्या से वाकिफ हैं. रिच डैड ने सिखाया कि सिर्फ पैसा कमाना काफी नहीं है, बल्कि यह जानना जरूरी है कि उस पैसे से अपने लिए कैसे काम कराया जाए. अगर आप अमीर बनना चाहते हैं, तो आपको यह पहले से पता होना चाहिए कि जब आपके पास अतिरिक्त (Excess) पैसा आएगा, तो आप उसका क्या करेंगे, ताकि वह अतिरिक्त पैसा आपके लिए और पैसा बना सके.
अगर आपने अमीर बनने और 'बहुत ज्यादा पैसा होने' की समस्या को चुना है, तो आपके पास एक लिखित योजना होनी चाहिए. रिच डैड की योजना के कुछ बुनियादी नियम इस प्रकार थे:
आप अपनी बैंकिंग कहां से करते हैं, इससे आपकी वित्तीय स्थिति का पता चलता है.
गरीबों का बैंक: एक मोहरबंद दुकान या गिरवी रखने वाले (Pawn Shop) होते हैं, जहां वे अपनी घरेलू चीजें जैसे टीवी, घड़ी या गहने बहुत कम दामों पर गिरवी रखकर भारी ब्याज पर लोन लेते हैं.
मध्यम वर्ग का बैंक: पारंपरिक बैंक या क्रेडिट यूनियन होते हैं, जहां से वे आसानी से क्रेडिट कार्ड या होम लोन ले लेते हैं.
अमीरों का बैंक: अमीर लोग इन्वेस्टमेंट बैंकर्स, प्राइवेट कैपिटल, पेंशन फंड और स्टॉक मार्केट का इस्तेमाल करते हैं. वे बहुत बड़े पैमाने पर और बेहद कम ब्याज दरों पर फंड जुटाने में माहिर होते हैं.
अमीर लोग इसलिए और अमीर होते हैं, क्योंकि वे अपना समय दूसरे अमीर लोगों के साथ बिताते हैं. कियोसाकी को उनके जीवन के सबसे बेहतरीन इन्वेस्टमेंट टिप्स उनके अमीर दोस्तों से मिले हैं, न कि किसी ब्रोकर से. जो लोग सिर्फ सर्वाइवल या कंफर्ट चाहते हैं, वे आपकी अमीर बनने की चाहत को नहीं समझ पाएंगे और अनजाने में आपको नीचे खींचेंगे. अगर आप अपने आस-पास के लोगों को बदलना चाहते हैं, तो पहले अपनी फाइनेंशियल एजुकेशन को बढ़ाएं.
एक सफल बिजनेस या मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने में समय लगता है. यह किसी नौकरी जैसा नहीं है जहां महीने के अंत में सैलरी मिल जाए. बिजनेस में हो सकता है कि आपको सालों तक कोई कमाई न हो. यही कारण है कि 90% बिजनेस पहले 5 सालों में फेल हो जाते हैं, क्योंकि उनके पास अनुभव और कैपिटल (पूंजी) की कमी होती है. इसलिए अपनी रेगुलर नौकरी के साथ पार्ट-टाइम बिजनेस शुरू करें और उसे बढ़ने का समय दें.
1975 में कियोसाकी के पास सिर्फ 700 डॉलर की सेविंग्स थी, जबकि उनके दोस्त माइक के पास करोड़ों डॉलर थे. शुरुआत में वे निराश हुए, लेकिन फिर उन्होंने माइक से जलने के बजाय उसे अपना मेंटॉर (गुरु) माना. बड़े सपने देखना इसलिए जरूरी है क्योंकि वे आपको जीवन जीने की ऊर्जा, जुनून, प्रेरणा और रचनात्मकता देते हैं. अपने सपनों के बारे में लोगों से बात करें और उनकी आलोचना को अपनी जिद में बदल लें.
अगर आपको भविष्य में बड़ी वित्तीय छलांग लगानी है, तो पहले अपने आज के फालतू खर्चों और गतिविधियों को समेटना होगा. कियोसाकी ने अपनी कॉलेज लाइफ और वियतनाम युद्ध के दौरान पैसों को लेकर काफी लापरवाही बरती थी. लेकिन जब उन्होंने अमीर बनने का फैसला किया, तो उन्होंने क्लब जाना, टीवी देखना और कई खेल खेलना बंद कर दिया. उन्होंने अपना पूरा फोकस सिर्फ पढ़ाई और एक ही काम पर लगा दिया. आगे बढ़ने के लिए खुद को अनुशासित करना पहला कदम है.
छोटे बिजनेस या सिर्फ एक प्रॉपर्टी के निवेश में दिक्कत यह होती है कि सारा काम आपको खुद ही करना पड़ता है, क्योंकि मैनेजमेंट को सैलरी देने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते. लोग अक्सर थककर इसे छोड़ देते हैं. अगर आप असल में वित्तीय आजादी चाहते हैं, तो आपको बड़ा सोचना होगा. उदाहरण के लिए, सिर्फ 1-2 घर किराए पर देने के बजाय 20 प्रॉपर्टीज का लक्ष्य रखें, ताकि आप एक प्रोफेशनल मैनेजर रख सकें और खुद फ्री हो सकें. रिच डैड कहते थे, "आप जितना बड़ा एसेट बनाएंगे, आपको उतना ही कम काम करना पड़ेगा और आप उतना ही ज्यादा पैसा कमाएंगे."
अमीर बनने का सबसे बड़ा रहस्य है- उदारता. अगर आप लालची या कंजूस बने रहेंगे, तो आपको अमीर बनने में बहुत लंबा समय लगेगा. कियोसाकी ने हमेशा इस बात पर ध्यान दिया कि वे कैसे कम पैसों में ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए बेहतर काम कर सकते हैं और अपनी वेल्थ को दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं. जो लोग सिर्फ अपने लिए काम करते हैं, उनकी तुलना में बड़े स्तर पर लोगों की मदद करने वाले बिजनेस ओनर्स हमेशा ज्यादा अमीर और खुश रहते हैं.

रॉबर्ट कियोसाकी के ये 10 फैसले हमें सिखाते हैं कि अमीर बनना कोई संयोग नहीं, बल्कि हर दिन लिए जाने वाले सही फैसलों और अनुशासित सोच का परिणाम है. अपनी मानसिकता को बदलने, सही लोगों का साथ चुनने और संपत्तियां (Assets) बनाने पर ध्यान केंद्रित करके कोई भी व्यक्ति वित्तीय स्वतंत्रता के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 रॉबर्ट कियोसाकी के अनुसार गरीब और ब्रोक (Broke) होने में क्या अंतर है?
गरीब होना एक परमानेंट मानसिक स्थिति है, जबकि ब्रोक होना पैसों की एक अस्थायी (Temporary) कमी को दर्शाता है.
Q2 'Be-Do-Have' फॉर्मूले का वित्तीय सफलता में क्या महत्व है?
अमीर बनने के लिए पहले अमीर जैसी सोच रखनी होगी (Be), फिर वैसे काम करने होंगे (Do), तब जाकर संपत्ति हासिल होगी (Have).
Q3 रिच डैड के अनुसार अतिरिक्त (Excess) पैसे का क्या करना चाहिए?
अतिरिक्त पैसे को बैंक में छोड़ने या फालतू खर्च करने के बजाय उसे तुरंत नए एसेट्स बनाने में रीइन्वेस्ट करना चाहिए.
Q4 छोटे बिजनेस के शुरुआती 5 सालों में फेल होने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
बिजनेस के फेल होने का मुख्य कारण वित्तीय अनुभव की कमी और बिजनेस के पूरी तरह सेट होने से पहले ही उससे घर के खर्चे निकालना है.
Q5 अमीर बनने के सफर में 'उदारता' या शेयर करने का क्या नियम है?
आप अपने बिजनेस या निवेश के जरिए जितने ज्यादा लोगों की समस्याओं को हल करेंगे और वैल्यू शेयर करेंगे, आप उतने ही बड़े अमीर बनेंगे.