'प्रीमियम वापस मिलेगा', इस झांसे में मत आना! एक्सपर्ट से जानें कौन सा वाला लाइफ इंश्योरेंस लें और किस से बचें?

कई लोग ऐसे लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीद लेते हैं, जिनमें मैच्योरिटी पर प्रीमियम वापस मिलने का वादा किया जाता है. लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ रिटर्न के लिए इंश्योरेंस लेना महंगा सौदा साबित हो सकता है. जानिए टर्म इंश्योरेंस, रिटर्न ऑफ प्रीमियम प्लान और सही चुनाव के पीछे की पूरी कहानी.
'प्रीमियम वापस मिलेगा', इस झांसे में मत आना! एक्सपर्ट से जानें कौन सा वाला लाइफ इंश्योरेंस लें और किस से बचें?

लाइफ इंश्योरेंस का पहला काम परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है, न कि निवेश पर रिटर्न कमाना. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

कोई लाइफ इंश्योरेंस लेते वक्त जब कोई एजेंट कहता है कि "अगर आपको कुछ नहीं हुआ तो आपका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा", तो यह ऑफर पहली नजर में काफी आकर्षक लगता है. लोगों को लगता है कि कम से कम उनका पैसा डूबेगा नहीं.

लेकिन यहीं पर ज्यादातर लोग इंश्योरेंस और निवेश (Investment) के बीच का फर्क भूल जाते हैं. लाइफ इंश्योरेंस का पहला काम परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है, न कि निवेश पर रिटर्न कमाना. इसे बारीकी से समझने के लिए जी बिजनेस ने टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन से बात की.

सबसे पहले जानें Term Insurance और Life Insurance (रिटर्न वाले) में फर्क क्या है?

जब भी कोई व्यक्ति पहली बार इंश्योरेंस लेने जाता है, तो उसे दो विकल्प सबसे ज्यादा सुनने को मिलते हैं- Term Insurance और Life Insurance. देखा जाए तो टर्म इंश्योरेंस भी एक तरह का लाइफ इंश्योरेंस ही है, लेकिन आज के वक्त में दोनों को अलग-अलग तरीके से पेश किया जाता है.

पहली नजर में दोनों एक जैसे लग सकते हैं, क्योंकि दोनों ही मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय सुरक्षा देते हैं. लेकिन असली अंतर तब समझ आता है जब आप प्रीमियम, मैच्योरिटी बेनिफिट, कवरेज और बचत जैसे पहलुओं को देखते हैं. यही वजह है कि सही विकल्प चुनना आपकी वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करता है.

Term Insurance क्या है?

Term Insurance एक ऐसा लाइफ इंश्योरेंस प्लान है जो निश्चित अवधि (जैसे 10, 20 या 30 साल) के लिए सुरक्षा देता है. अगर पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नामांकित व्यक्ति (Nominee) को Sum Assured मिलता है.

Term Insurance की खास बातें

  • कम प्रीमियम में बड़ा कवर
  • जोखिम से सुरक्षा
  • मैच्योरिटी बेनिफिट आमतौर पर नहीं
  • कैश वैल्यू नहीं बनती
  • परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए उपयुक्त

Life Insurance क्या हैं?

Life Insurance को मार्केट में टर्म इंश्योरेंस से अलग दिखाते हुए बेचा जाता है. यह सुरक्षा के साथ-साथ बचत या निवेश का फायदा भी देता है. इसमें प्रीमियम का एक हिस्सा इंश्योरेंस कवर के लिए और दूसरा हिस्सा बचत/निवेश के लिए इस्तेमाल होता है. कुछ लाइफ इंश्योरेंस प्लान में प्रीमियम वापस दिए जाने का ऑफर होता है.

Life Insurance की खास बातें

  • मृत्यु और मैच्योरिटी दोनों का फायदा
  • लंबी अवधि की वित्तीय योजना
  • कैश वैल्यू बन सकती है
  • लोन सुविधा उपलब्ध हो सकती है
  • प्रीमियम अपेक्षाकृत अधिक
  • बड़े कवर के लिए ज्यादा प्रीमियम

क्या रिटर्न ऑफ प्रीमियम (ROP) प्लान वास्तव में फायदे का सौदा है?

जवाब: हर किसी के लिए नहीं.

रिटर्न ऑफ प्रीमियम (ROP) प्लान में अगर पॉलिसी अवधि के दौरान कोई क्लेम नहीं आता, तो कंपनी आपके द्वारा जमा किया गया प्रीमियम वापस कर देती है. कुछ योजनाएं अतिरिक्त लाभ का भी दावा करती हैं. लेकिन इसके बदले आपको सामान्य टर्म प्लान की तुलना में ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है.

उदाहरण से समझिए

प्लानसालाना प्रीमियमकवर
साधारण टर्म प्लान₹12,000₹1 करोड़
Return of Premium प्लान₹20,000-₹25,000₹1 करोड़

यानी समान लाइफ कवर के लिए आपको कई सालों तक अतिरिक्त प्रीमियम देना पड़ सकता है.

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन के अनुसार, ऑनलाइन टर्म प्लान लेना ज्यादा समझदारी भरा विकल्प है. उनका मानना है कि सिर्फ प्रीमियम वापस पाने के लालच में महंगे इंश्योरेंस उत्पाद खरीदने से बचना चाहिए.

उनके अनुसार, टर्म इंश्योरेंस को निवेश नहीं, बल्कि एक सुरक्षा खर्च (Protection Cost) की तरह देखना चाहिए. यह पैसा आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए होता है.

सबसे बड़ा सवाल: अगर पैसा वापस नहीं मिलेगा तो टर्म प्लान क्यों लें?

यही वह मानसिकता है जो कई लोगों को गलत इंश्योरेंस चुनने पर मजबूर करती है.

जरा सोचिए-

  • क्या आप कार इंश्योरेंस इसलिए लेते हैं कि दुर्घटना हो जाए?
  • क्या हेल्थ इंश्योरेंस इसलिए खरीदते हैं कि अस्पताल में भर्ती होना पड़े?

नहीं.

आप यह सुरक्षा इसलिए खरीदते हैं, ताकि किसी बड़े जोखिम की स्थिति में आर्थिक नुकसान से बच सकें. लाइफ इंश्योरेंस का सिद्धांत भी बिल्कुल यही है.

टर्म प्लान बनाम रिटर्न ऑफ प्रीमियम प्लान

फीचरटर्म इंश्योरेंसReturn of Premium
प्रीमियमकमज्यादा
लाइफ कवरज्यादासमान
मैच्योरिटी बेनिफिटनहींप्रीमियम वापसी
निवेश रिटर्नलागू नहींसीमित
लागत प्रभावशीलताबेहतरकम

सही इंश्योरेंस ना चुनने के नुकसान

भारत में अभी भी बड़ी संख्या में लोग इंश्योरेंस को निवेश उत्पाद की तरह खरीदते हैं. इसका नतीजा यह होता है कि:

  • पर्याप्त लाइफ कवर नहीं मिल पाता
  • प्रीमियम महंगा हो जाता है
  • निवेश और सुरक्षा दोनों के लक्ष्य अधूरे रह जाते हैं
  • परिवार को जरूरत के समय पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती

सिर्फ टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस ना लें

अगर आपकी प्राथमिकता परिवार की सुरक्षा है, तो पहले पर्याप्त लाइफ कवर सुनिश्चित करें. अगर बजट सीमित है तो:

  • ज्यादा कवर वाला टर्म प्लान चुनें
  • निवेश अलग रखें
  • SIP, PF, PPF या अन्य निवेश विकल्प अलग से देखें
  • सिर्फ टैक्स बचाने के लिए पॉलिसी न खरीदें

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नया टैक्स सिस्टम आने के बाद क्या बदला?

पुराने समय में कई लोग टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस आधारित निवेश योजनाएं लेते थे. लेकिन नई टैक्स व्यवस्था के बाद केवल टैक्स लाभ के आधार पर महंगी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का तर्क काफी कमजोर हो गया है. इसलिए अब फोकस होना चाहिए कि पहले सुरक्षा बाद में निवेश.

इंश्योरेंस एजेंट की कौन सी बात से सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

कई बार ग्राहकों को यह समझाया जाता है कि "प्रीमियम वापस मिल जाएगा, इसलिए नुकसान नहीं होगा." लेकिन अक्सर यह नहीं बताया जाता कि:

  • इसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम देना पड़ रहा है
  • वास्तविक रिटर्न बहुत सीमित हो सकता है
  • महंगे प्रीमियम के कारण आप कम लाइफ कवर ले रहे हैं

इसलिए किसी भी पॉलिसी को खरीदने से पहले कुल लागत और वास्तविक फायदों की तुलना जरूर करें.

सही टर्म इंश्योरेंस चुनने के 5 आसान स्टेप

Step 1: अपनी सालान आय का आकलन करें

आमतौर पर 10-15 गुना आय के बराबर कवर पर विचार किया जाता है.

Step 2: परिवार की जिम्मेदारियां जोड़ें

EMI, बच्चों की पढ़ाई और अन्य वित्तीय लक्ष्य देखें.

Step 3: पर्याप्त टर्म कवर चुनें

कम प्रीमियम में ज्यादा सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए.

Step 4: निवेश और इंश्योरेंस को अलग रखें

दोनों का उद्देश्य अलग है.

Step 5: ऑनलाइन तुलना जरूर करें

एक से अधिक कंपनियों के प्लान देखें.

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फाइनेंशियल प्लानिंग का मूल सिद्धांत कहता है कि सुरक्षा और निवेश को अलग-अलग रखना अधिक प्रभावी होता है. जैसे व्यक्तिगत वित्त में इमरजेंसी फंड अलग बनाया जाता है ताकि संकट के समय निवेश न तोड़ना पड़े, उसी तरह इंश्योरेंस का मुख्य उद्देश्य भी सुरक्षा होना चाहिए, रिटर्न कमाना नहीं.

Conclusion

टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग उसे निवेश उत्पाद मान लेते हैं. "प्रीमियम वापस मिलेगा" सुनने में आकर्षक लगता है, लेकिन इससे अक्सर प्रीमियम बढ़ जाता है और लागत भी ज्यादा हो जाती है. अगर आपका लक्ष्य परिवार को मजबूत वित्तीय सुरक्षा देना है, तो पर्याप्त कवर वाला अच्छा टर्म प्लान आमतौर पर ज्यादा व्यावहारिक विकल्प माना जाता है. निवेश के लिए अलग रणनीति बनाना बेहतर हो सकता है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या टर्म इंश्योरेंस में पैसा वापस मिलता है?

साधारण टर्म प्लान में आमतौर पर मैच्योरिटी बेनिफिट नहीं मिलता.

Q2 क्या सिर्फ टैक्स बचाने के लिए लाइफ इंश्योरेंस लेना चाहिए?

सिर्फ टैक्स बचत के लिए पॉलिसी खरीदना उचित नहीं माना जाता.

Q3 कितना लाइफ कवर होना चाहिए?

यह आपकी आय, देनदारियों और परिवार की जरूरतों पर निर्भर करता है. आमतौर पर यह आपकी सालाना कमाई का करीब 12-15 गुना होना चाहिए.

Q4 क्या निवेश और इंश्योरेंस अलग रखने चाहिए?

अधिकांश फाइनेंशियल प्लानर्स सुरक्षा और निवेश को अलग रखने की सलाह देते हैं.

Q5 Term Insurance और Life Insurance में सबसे बड़ा अंतर क्या है?

Term Insurance केवल जोखिम सुरक्षा देता है, जबकि Life Insurance सुरक्षा के साथ बचत या निवेश का फायदा भी दे सकता है.

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