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कहा जाता है कि बुढ़ापे पर पैसा ही सबसे बड़ी ताकत होता है. अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में आपके पास पैसों की ताकत बनी रहे और आपको किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत न पड़े, तो इसके लिए समय रहते फाइनेंशियल करने की जरूरत है. यहां जानिए ऐसी स्कीम्स के बारे में जो Old Age में आपको काफी अच्छा-खासा फंड भी देंगी और आपके लिए हर महीने इनकम का इंतजाम भी कर सकती हैं.
SIP+SWP स्ट्रैटेजी बुढ़ापे में आपके लिए एकमुश्त रकम और हर महीने की इनकम, दोनों का इंतजाम कर सकते हैं. SIP में हर महीने निर्धारित राशि म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं और इस पर रिटर्न के साथ लंबे समय में बड़ा अमाउंट इकट्ठा करते हैं. SWP में निर्धारित राशि आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट होती है. SWP की राशि म्यूचुअल फंड यूनिट्स बिकने से आपको मिलती है. SIP+SWP स्ट्रैटेजी के तहत आप अपनी नौकरी के दौरान एसआईपी में 20 से 30 सालों तक के लिए निवेश करें. इससे आप काफी अच्छा फंड तैयार कर सकते हैं.
इसके बाद जब रिटायर हो जाएं तो आपको सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान यानी SWP का विकल्प चुनना होगा. SWP में रिटर्न अनुमान 8 फीसदी के आसपास माना जाता है. SWP में, आप अपनी जरूरतों के अनुसार विद्ड्रॉल अमाउंट और उसके लिए अवधि यानी 10 साल, 20 साल या ज्यादा का विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि लेकिन ये इनकम तब तक ही होगी, जब तक आपके पास फंड है. फंड खत्म हुआ तो SWP बंद हो जाएगा. अगर 20 साल तक सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल करने के बाद आपका इन्वेस्टड अमाउंट अगर बचता है तो आप SWP प्लान को आगे के लिए एक्सटेंड कर सकते हैं या फिर उस रकम को निकालकर कहीं और इस्तेमाल कर सकते हैं.
NPS यानी National Pension System एक सरकारी स्कीम है जिसे लोगों की रिटायरमेंट लाइफ को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है. कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में निवेश कर सकता है और बुढ़ापे पर अच्छी खासी एकमुश्त रकम के साथ पेंशन का इंतजाम कर सकता है. NPS मार्केट बेस्ड स्कीम है, इसलिए इसका रिटर्न निश्चित नहीं होता, लेकिन लॉन्ग टाइम में इसके जरिए काफी अच्छा रिटर्न कमाया जा सकता है. एनपीएस में निवेश की गई कुल राशि का 60 फीसदी आप 60 साल के होने के बाद एकमुश्त ले सकते हैं यानी ये रकम एक तरह से आपका रिटायरमेंट फंड होता है. जबकि कम से कम 40 फीसदी हिस्सा आपको एन्युटी के तौर पर इस्तेमाल करना होता है. इसी एन्युटी से आपको पेंशन मिलती है. आपको कितनी पेंशन मिलेगी, ये आपकी एन्युटी पर निर्भर करता है.
अगर आप प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और हर महीने ईपीएफ में कॉन्ट्रीब्यूट करते हैं तो इसके जरिए भी आप अच्छे खासे रिटायरमेंट फंड और पेंशन का इंतजाम कर सकते हैं. ईपीएफओ में जमा पैसा दो हिस्सों में बंटता है, एक ईपीएफ और दूसरा पेंशन फंड. अगर आप लगातार 10 साल तक ईपीएफ में योगदान कर देते हैं तो रिटायरमेंट के बाद आप पेंशन पाने के हकदार बन जाते हैं. आपके पेंशन का अमाउंट आपके पेंशन फंड में कॉन्ट्रीब्यूशन के आधार पर तय की जाती है. ईपीएफओ से अच्छा-खासा रिटायरमेंट फंड जोड़ने के लिए आप वीपीएफ के जरिए अपने योगदान को बढ़ा सकते हैं.