Calculation: क्रेडिट कार्ड बिल आया ₹20,000, चुकाए ₹19,500, बचे ₹500 पर कितनी Late Fees, कितना Interest? जानें RBI Rule

क्रेडिट कार्ड बिल में ₹500 की छोटी सी देरी भी पेनाल्टी और ब्याज का कारण बन सकती है. हालांकि RBI के नियम साफ कहते हैं कि Late Fee और Interest पूरे बिल पर नहीं, बल्कि सिर्फ बकाया रकम पर ही लगेगा. सही जानकारी और समय पर भुगतान से आप अनावश्यक नुकसान से बच सकते हैं.
Calculation: क्रेडिट कार्ड बिल आया ₹20,000, चुकाए ₹19,500, बचे ₹500 पर कितनी Late Fees, कितना Interest? जानें RBI Rule

सही जानकारी और थोड़ी सावधानी आपको बेवजह की पेनाल्टी से बचा सकती है. (प्रतीकात्मक)

RBI Rule: क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना जितना आसान लगता है, उतना ही महंगा यह तब हो जाता है जब समय पर बिल पेमेंट ना हो. बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर कुछ सौ रुपये लेट भी चुकाए तो क्या ही फर्क पड़ेगा, लेकिन हकीकत यह है कि महज ₹500 की देरी भी बड़ा नुकसान करा सकती है. हालांकि, यह ऐसा मामला है, जिसमें कई बार लोग ध्यान नहीं देते और उनके ज्यादा पैसे पेनाल्टी में चले जाते हैं. ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि क्या है रिजर्व बैंक का नियम.

जब आप क्रेडिट कार्ड का Minimum Due या Total Due तय तारीख तक नहीं चुकाते, तो बैंक आप पर Late Payment Fee लगाता है. यह फीस बैंक और बकाया राशि के हिसाब से तय होती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं Late Payment Fee और उस पर लगा ब्याज कैसे आपके लिए मुसीबत बन सकते हैं.

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मान लीजिए कि आपके क्रेडिट कार्ड बिल ₹20,000 है. अब आपने Due Date तक ₹19,500 चुका दिए, बस 500 रुपये नहीं चुकाए. अब ₹500 रह गए.. यही 'छोटी गलती' उतनी छोटी नहीं होती, जितनी लगती है.

कैसे लगती है Late Payment Fee?

आपका बकाया महज 500 रुपये है, तो रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार सिर्फ इतने ही अमाउंट के हिसाब से लेट फीस लगेगी, जो आमतौर पर 100 रुपये के करीब होगी. हालांकि, इस पर आपको जीएसटी भी चुकाना होगा. जिसके बाद आपका पूरा अमाउंट 18 फीसदी जीएसटी के साथ करीब 118 रुपये बन जाएगा.

अब Interest Charges, सबसे खतरनाक हिस्सा

क्रेडिट कार्ड पर ब्याज आमतौर पर 3%–3.5% प्रति महीना होता है. यानी सालाना 40% से भी ज्यादा हो सकता है. अब अगर आप महज महीने भर बाद पैसे चुकाते हैं, तो आपको लगभग 18 रुपये ब्याज चुकाना होगा.

इस तरह 100 (लेट फीस)+18 (जीएसटी)+18 (ब्याज)=136

credit card

अगर आपको लगता है कि 3.5 फीसदी प्रति महीने का मतलब सालाना 42 फीसदी ब्याज है, तो लगता है आपने कंपाउंडिंग को इग्नोर कर दिया. हर महीने के ब्याज पर भी आपको अगले महीने ब्याज चुकाना होगा, जिसके चलते यह कुल ब्याज 51 फीसदी तक हो जाएगा. वहीं लेट पेमेंट फीस और उस पर जीएसटी भी बढ़ती जाएगी, जो आपको भारी नुकसान कराएंगे.

रिजर्व बैंक का नियम क्या कहता है?

अगर आपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया (Total Amount Due) समय पर नहीं चुकाया, तो ब्याज-मुक्त अवधि (Interest Free Period) खत्म हो जाती है, यानी अब बैंक ब्याज ले सकता है. हालांकि, ये ब्याज पूरे बिल पर नहीं लगेगा. ब्याज सिर्फ उस रकम पर लगेगा जो भुगतान के बाद भी बाकी रह गई है,ना कि पूरे बिल की रकम पर.

उदाहरण के लिए अगर कुल बिल ₹20,000 था और आपने ₹19,500 चुका दिए, तो ब्याज सिर्फ बचे हुए ₹500 पर लगेगा, ₹20,000 पर नहीं.

Late Payment Fee भी सिर्फ बकाया रकम पर लगेगी. लेट पेमेंट फीस और देरी से जुड़े दूसरे चार्ज भी उसी रकम पर लगेंगे जो Due Date के बाद बाकी बची है, पूरे बिल पर नहीं. अगर रिफंड या रिवर्स ट्रांजेक्शन का फायदा मिलेगा तो उसे बकाया रकम से एडजस्ट किया जाएगा और ब्याज/चार्ज उसी हिसाब से कम होंगे.

बचने के आसान तरीके

  • हमेशा अपने क्रेडिट कार्ड का बिल पूरा चुकाएं, भले ही कहीं से उधार लेना पड़े.
  • Due Date से 2–3 दिन पहले पेमेंट करें, ताकि किसी टेक्निकल दिक्कत के चलते भी आपका नुकसान ना हो.
  • कभी भी सिर्फ '₹100–₹500 बाकी है' सोचकर इग्नोर न करें, ये भारी पड़ सकते हैं.
  • एक से ज्यादा कार्ड हैं तो Payment Reminder सेट करें, ताकि कोई भुगतान भूलें नहीं.

Conclusion

क्रेडिट कार्ड में देर से भुगतान करना नुकसानदायक जरूर है, लेकिन RBI के नियम कार्डधारकों को पूरी तरह असुरक्षित नहीं छोड़ते. अगर आपने आंशिक भुगतान कर दिया है, तो बैंक Late Fees और Interest पूरे बिल पर नहीं, बल्कि सिर्फ बची हुई रकम पर ही लगा सकता है. सही जानकारी और थोड़ी सावधानी आपको बेवजह की पेनाल्टी से बचा सकती है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 अगर ₹500 बाकी रह जाएं तो ब्याज पूरे बिल पर लगेगा?

A. नहीं, ब्याज सिर्फ बचे हुए ₹500 पर ही लगेगा.

Q2 Late Payment Fee किस रकम पर लगती है?

A. सिर्फ उस रकम पर जो Due Date के बाद बाकी रहती है.

Q3 क्या Partial Payment करने पर Interest Free Period खत्म हो जाता है?

A. हां, पूरा बिल न चुकाने पर ब्याज-मुक्त अवधि खत्म हो जाती है.

Q4 क्या रिफंड आने पर ब्याज कम हो सकता है?

A. हां, रिफंड या रिवर्स ट्रांजेक्शन बकाया रकम से एडजस्ट होते हैं.

Q5 Late Payment से सबसे बड़ा नुकसान क्या होता है?

A. पेनाल्टी के साथ-साथ CIBIL स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है.

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