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रिटायरमेंट के बाद की लाइफ को सेफ और टेंशन फ्री बनाने के लिए पहले से फाइनेंशियल प्लानिंग बनाना बेहद जरूरी होता है. जी हां प्राइवेट नौकरी को भी सरकार पेंशन स्कीमे दे रही हैं. ये बेस्ट स्कीमें ना केवल आपको रिटायरमेंट के बाद आर्थिक मजबूती देंगी, बल्कि टैक्स बचत में भी हेल्पफुल साबित होती हैं. तो अगर आप भी अपनी फ्यूचर की लाइफ को लेकर टेंशन हैं, तो ये 5 सरकारी पेंशन योजनाएं आपके लिए 'फाइनेंशियल संजीवनी' साबित हो सकती हैं. तो अभी से निवेश की शुरुआत करें.
सैलरीड क्लास के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF) और कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) रिटायरमेंट के बाद का एक बहुत ही मजबूत सहारा होता है. कर्मचारी की सैलरी का 12% हिस्सा EPF में जाता है, और उतनी ही रकम एम्प्लॉयर भी देता है, जिसमें से 8.33% EPS में जमा होता है. EPS से पेंशन का बेनेफिट्स उठाने के लिए कम से कम 10 साल नौकरी करना जरूरी है, जबकि अधिकतम पेंशनेबल सर्विस 35 साल तक मानी जाती है. हालांकि, पेंशन योग्य सैलरी की सीमा फिलहाल ₹15,000 है, जिससे अधिकतम ₹1250 प्रति माह की पेंशन मिल सकती है.
अगर आप रिटायरमेंट के लिए एक भरोसेमंद और किफायती पेंशन योजना की तलाश में हैं, तो फिर अटल पेंशन योजना (APY) आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है. यह सीनियर सिटीजन को आर्थिक सुरक्षा देने वाली स्कीम है. इसमें18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिक निवेश कर सकते हैं. 60 साल की उम्र के बाद आपको 1000 से 5000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिल जााएगी, तो इसके लिए हर महीने सिर्फ ₹42 से ₹210 तक का निवेश करना होता है.
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक धांसू ऑप्शन है, जिसे भारत सरकार ने 2004 में शुरू किया था. इसमें 60 साल की उम्र के बाद NPS से 60% राशि टैक्स फ्री निकाली जा सकती है, जबकि शेष 40% से आपको नियमित पेंशन मिलती है. टैक्स बचत के लिए यह स्कीम बेहद फायदेमंद है.
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई एक अहम पेंशन स्कीम होती है. वैसे इस स्कीम के जरिए 15,000 रुपए या उससे कम मासिक आय वाले को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने करीब ₹3,000 की पेंशन मिल सकती है.
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ESIC की ओर से संचालित एक योजना है. ये कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत आने वाले बीमित व्यक्तियों को बेरोजगारी की स्थिति में वित्तीय सहायता देती है. इसके तहत यदि कर्मचारी नौकरी से बाहर हो जाता है, तो उसे मैक्सिमम 3 माह तक मासिक वेतन का 50% बेरोजगारी भत्ता मिलता है. यह उन बीमित लोगों के लिए है, ESI अधिनियम, 1948 के तहत कवर किए गए हैं. जिन्होंने कम से कम 2 साल तक बीमा योग्य रोजगार किया है. इसमें बेरोजगारी से ठीक पहले की 12 महीनों में कम से कम 78 दिनों का योगदान दिया है. (नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
Q1. प्राइवेट नौकरी वालों के लिए कौन-सी पेंशन स्कीमें हैं?
A-NPS, APY, EPF और PMVVY जैसी स्कीमें उपलब्ध हैं.
Q2. अटल पेंशन योजना से कितनी पेंशन मिलती है?
A-₹1,000 से ₹5,000 तक मंथली पेंशन मिलती है.
Q3. क्या इन स्कीमों में टैक्स बचता है?
A-हां, सेक्शन 80CCD(1B) के तहत टैक्स छूट मिलती है.
Q4. प्राइवेट नौकरी वाले पेंशन कैसे पाएं?
A-NPS जैसी स्कीम में निवेश करके फिक्स पेंशन पाई जा सकती है.
Q5. रिटायरमेंट प्लानिंग कब शुरू करें?
A-जितनी जल्दी शुरुआत करें, उतना बेहतर रिटर्न मिलेगा.