&format=webp&quality=medium)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF को देश की सबसे सुरक्षित और टैक्स-फ्रेंडली निवेश स्कीम माना जाता है. लंबी अवधि में गारंटीड रिटर्न और टैक्स छूट की वजह से लाखों लोग इसमें निवेश करते हैं. लेकिन अक्सर लोग सिर्फ फायदे देखकर PPF अकाउंट खोल लेते हैं और इसके नियमों को ठीक से नहीं समझते. बाद में जब पैसों की जरूरत पड़ती है या बेहतर रिटर्न की उम्मीद होती है, तब पछताना पड़ता है. अगर आप भी PPF में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो पहले इन 5 जरूरी बातों पर जरूर गौर कर लें.
दूसरी कई सेविंग स्कीम्स में जॉइंट अकाउंट खोलने की सुविधा मिल जाती है, लेकिन PPF में ऐसा नहीं है. PPF अकाउंट सिर्फ सिंगल नाम पर ही खोला जा सकता है. हालांकि इसमें आप एक से ज्यादा नॉमिनी जरूर बना सकते हैं और उनके अलग-अलग हिस्से भी तय कर सकते हैं. अगर अकाउंट होल्डर की किसी वजह से मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को पूरी रकम निकालने का अधिकार होता है.
PPF में एक व्यक्ति सिर्फ एक ही अकाउंट खोल सकता है. अगर गलती से आपके नाम पर दो PPF अकाउंट खुल गए हैं, तो दूसरा अकाउंट वैध नहीं माना जाएगा. जब तक दोनों खातों को मर्ज नहीं किया जाता, तब तक उस पर ब्याज भी नहीं मिलेगा. ऐसे में निवेशक को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
PPF की ब्याज दर समय-समय पर सरकार तय करती है. अप्रैल 2019 से जून 2019 तक ब्याज दर 8% थी. इसके बाद इसे घटाकर 7.9% किया गया. जनवरी–मार्च 2020 में ब्याज दर 7.1% कर दी गई. तब से अब तक PPF की ब्याज दर 7.1% पर ही बनी हुई है. अगर आने वाले समय में ये और घटती है, तो बाजार में इससे ज्यादा रिटर्न देने वाले दूसरे विकल्प मौजूद हो सकते हैं.
PPF में आप एक साल में अधिकतम ₹1.5 लाख ही निवेश कर सकते हैं. अगर आपकी सैलरी ज्यादा है और आप इसमें बड़ा अमाउंट डालना चाहते हैं, तो ये संभव नहीं है. ऐसे निवेशकों को टैक्स बचाने और बेहतर रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड, NPS या दूसरी स्कीम्स की तरफ देखना पड़ता है.
PPF की मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है. अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ती है, तो पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं मिलती.
आंशिक निकासी: छठे फाइनेंशियल ईयर से संभव है.
प्रीमैच्योर क्लोजर: सिर्फ कुछ खास स्थितियों में ही 15 साल से पहले अकाउंट बंद किया जा सकता है, जैसे-
अगर मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जाता है, तो ब्याज दर से 1% काटकर रकम दी जाती है.
PPF उन लोगों के लिए बेहतर है जो लंबी अवधि तक पैसा लॉक करके सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं. लेकिन जिन लोगों को फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए या ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है, उनके लिए ये स्कीम सीमित साबित हो सकती है.
नहीं, PPF में जॉइंट अकाउंट की सुविधा नहीं है.
फिलहाल PPF की ब्याज दर 7.1% सालाना है.
नहीं, एक व्यक्ति सिर्फ एक ही PPF अकाउंट खोल सकता है.
आंशिक निकासी छठे साल से और पूरा पैसा 15 साल बाद मिलता है.
हां, लेकिन सिर्फ मेडिकल, पढ़ाई या विदेश शिफ्ट होने जैसी खास स्थितियों में.