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पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF, भारत में सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद निवेश योजनाओं में से एक है. टैक्स में छूट, आकर्षक ब्याज दर और सरकारी सुरक्षा के कारण लोग इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं. PPF का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है और माना जाता है कि इससे पहले पैसा निकालना संभव नहीं है. लेकिन क्या होगा अगर आपको मैच्योरिटी से पहले ही पैसों की सख्त ज़रूरत पड़ जाए? क्या ऐसा कोई तरीका है जिससे PPF खाते को 15 साल से पहले बंद किया जा सके? इस नियम से ज्यादातर लोग अनजान हैं.
क्या पीपीएफ को 15 साल से पहले बंद करवा सकते हैं, इसका जवाब है- हां, बिलकुल है! सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में PPF खाते को समय से पहले बंद करने (Premature Closure) की अनुमति दी है. लेकिन आप इसे अपनी मर्ज़ी से बंद नहीं कर सकते. इसके लिए आपको कुछ नियमों और शर्तों का पालन करना होगा.
यहां देखें Video: PPF अकाउंट का पैसा 15 साल से पहले चाहिए? जानिए सरकार का नियम और पूरा तरीका
सबसे पहली और सबसे अहम शर्त यह है कि आपका PPF खाता कम से कम 5 वित्त वर्ष पूरा कर चुका हो. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये 5 साल खाता खोलने की तारीख से नहीं, बल्कि उस वित्त वर्ष के अंत से गिने जाते हैं जिसमें खाता खोला गया था.
अगर आपने अपना खाता 1 जुलाई 2020 को खोला है, तो पहला वित्त वर्ष 31 मार्च 2021 को खत्म होगा. इस हिसाब से, आप 1 अप्रैल 2026 के बाद ही खाता बंद करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
5 साल पूरे होने के बाद भी आप सिर्फ नीचे दिए गए तीन में से किसी एक कारण के आधार पर ही खाता बंद कर सकते हैं. आपको इसका ठोस सबूत भी देना होगा.
अगर खाताधारक, उसके जीवनसाथी (पति/पत्नी) या उस पर आश्रित बच्चों को कोई जानलेवा बीमारी हो जाती तो उसके इलाज के खर्चों के लिए खाता बंद किया जा सकता है. इसके लिए आपको संबंधित डॉक्टर या अस्पताल से जारी मेडिकल रिपोर्ट जमा करनी होगी.
अगर खाताधारक या उसके आश्रित बच्चों को भारत या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च शिक्षा के लिए पैसों की ज़रूरत है, तो PPF खाता बंद कर सकते हैं. इसके लिए आपको एडमिशन कन्फर्मेशन लेटर और फीस की रसीद जैसे दस्तावेज़ देने होंगे.
अगर खाताधारक स्थायी रूप से किसी दूसरे देश में बस गया है और उसकी नागरिकता या निवास की स्थिति बदलकर NRI (अनिवासी भारतीय) हो गई है, तो वह अपना खाता बंद कर सकता है. इसके लिए पासपोर्ट, वीज़ा या नागरिकता से जुड़े दस्तावेज़ दिखाने होंगे.
अगर आप ऊपर दी गई शर्तों को पूरा करते हैं, तो भी आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि समय से पहले खाता बंद करने पर आपको ब्याज का नुकसान होता है. नियम के अनुसार, खाता खोलने की तारीख से लेकर खाता बंद करने की तारीख तक, आपको मिलने वाले ब्याज पर 1% की कटौती (पेनल्टी) की जाएगी.
मान लीजिए आपने 6 साल तक हर साल 1 लाख रुपये PPF में जमा किए और उस दौरान ब्याज दर 7.1% रही. अब आप छठे साल के अंत में उच्च शिक्षा के लिए खाता बंद करना चाहते हैं. बिना पेनल्टी के सामान्य ब्याज (7.1%): अगर आप पैसा नहीं निकालते, तो 6 साल में आपका कुल निवेश और ब्याज लगभग ₹7,97,000 होता. 1% पेनल्टी के साथ ब्याज (6.1%): समय से पहले बंद करने पर आपकी ब्याज दर हर साल के लिए 7.1% की जगह 6.1% मानी जाएगी. इस हिसाब से आपको लगभग ₹7,75,000 मिलेंगे.इसका मतलब, आपको लगभग ₹22,000 का ब्याज कम मिलेगा. यह 1% की पेनल्टी आपके पूरे जमा अवधि के ब्याज पर लगती है, न कि सिर्फ आखिरी साल के ब्याज पर, इसलिए यह नुकसान बड़ा हो सकता है.