PPF में निवेशकों की छोटी सी ये चूक कराती है हजारों-लाखों का नुकसान, ‘5th Date Rule’ से धुरंधर भी अनजान!

PPF में 5 तारीख का नियम आपकी कमाई पर सीधा असर डालता है. जानें क्यों 5 तारीख से पहले निवेश करना जरूरी है, इसमें ब्‍याज कैसे कैलकुलेट होता है और देर से पैसा डालने पर कितना नुकसान होता है. पीपीएफ निवेशकों के लिए ये नियम समझना बेहद जरूरी है ताकि मैच्योरिटी पर मिलने वाला रिटर्न अधिकतम हो सके.
PPF में निवेशकों की छोटी सी ये चूक कराती है हजारों-लाखों का नुकसान, ‘5th Date Rule’ से धुरंधर भी अनजान!

भारत में Public Provident Fund (PPF) लंबी अवधि की सबसे भरोसेमंद बचत योजनाओं में से एक है. लेकिन बहुत से निवेशकों को इसका एक नियम पता ही नहीं होता और वो है “5th Date Rule”. ये एक छोटा सा नियम आपके ब्याज पर बड़ा असर डाल देता है और कई बार आपको हजारों-लाखों रुपये का नुकसान करा देता है. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.

PPF में 5 तारीख का नियम क्या है?

पीपीएफ में हर महीने का ब्याज 5 तारीख को खाते में मौजूद बैलेंस के आधार पर कैलकुलेट होता है. मतलब अगर आप 5 तारीख से पहले पैसा जमा करते हैं, तो आपको उस पूरे महीने का ब्याज मिलता है, लेकिन अगर पैसा 5 तारीख के बाद जमा होता है, तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलता है. सामान्‍य शब्‍दों में समझें तो निवेश करने की टाइमिंग सीधे रिटर्न को प्रभावित करती है.

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आप हर महीने ₹10,000 पीपीएफ में जमा करते हैं. अगर आप अप्रैल के महीने का पैसा 6 तारीख को जमा करते हैं तो उस पैसे पर अप्रैल में कोई ब्‍याज नहीं मिलेगा. ब्याज की गणना अगले महीने से शुरू होगी. अगर 7.1% ब्याज दर के हिसाब से कैलकुलेट करें तो लगातार 15 साल तक ये गलती दोहराने पर करीब ₹1,00,000 से ज्यादा ब्याज का नुकसान हो सकता है.

PPF की ब्याज दर कितनी है?

सरकार हर तिमाही पीपीएफ की ब्याज दर तय करती है. इस समय PPF का ब्याज 7.1% प्रति वर्ष है. वैसे तो पीपीएफ 15 साल में मैच्‍योर होती है, लेकिन आप चाहें तो इस स्‍कीम को 5-5 साल के ब्‍लॉक में एक्‍सटेंड भी करवा सकते हैं. ये एक्‍सटेंशन आप कितनी बार भी करवा सकते हैं.

PPF में टैक्स का फायदा

PPF वैसे Exempt-Exempt-Exempt कैटेगरी में आता है. इसका मतलब है कि इसमें तीन तरह टैक्स छूट मिलती है. पहला - हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आपको धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी. दूसरा- निवेश पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होगा और तीसरा- 15 साल की मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर भी कोई टैक्स नहीं देना होता है.

FAQs

Q1. क्या PPF में ब्याज रोजाना के बैलेंस पर मिलता है?

नहीं. ब्याज हर महीने की 5 तारीख को मौजूद बैलेंस पर मिलता है.

Q2. अगर मैं हर महीने SIP की तरह ऑटो-डेडक्शन लगाऊं तो डेट क्या होनी चाहिए?

ऑटो डेबिट की तारीख 1 से 5 के बीच ही रखें.

Q3. क्या साल में एक बार पैसा जमा करना बेहतर है?

हां. अप्रैल में 1–5 तारीख के बीच एक बार में पूरी रकम डालना सबसे ज्यादा रिटर्न देता है.

Q4. क्या 5 तारीख को पैसा डालने पर पूरा फायदा मिलेगा?

हां. 5 तारीख को जमा हुआ पैसा भी उसी महीने का ब्याज दिलाता है.

Q5. क्या 5 तारीख का नियम फिक्स्ड है या बदला जा सकता है?

ये नियम स्थायी है और सालों से PPF में यही ब्याज गणना पद्धति चल रही है.

Add Zee Business as a Preferred Source