PPF का ‘15-5-5-5’ नियम क्या है? इसी रणनीति के दम पर कामयाब लोग बना लेते हैं ₹1.5 करोड़, आप भी जानिए

PPF को सिर्फ 15 साल की स्कीम समझना इसकी असली ताकत को कम आंकना है. अगर कोई निवेशक 15-5-5-5 नियम अपनाकर इसे 30 साल तक जारी रखता है तो कंपाउंडिंग का फायदा कई गुना बढ़ सकता है. यही वजह है कि कई वित्तीय विशेषज्ञ PPF को लंबी अवधि की सुरक्षित निवेश रणनीति के रूप में देखते हैं.
PPF का ‘15-5-5-5’ नियम क्या है? इसी रणनीति के दम पर कामयाब लोग बना लेते हैं ₹1.5 करोड़, आप भी जानिए

PPF अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है. (प्रतीकात्मक फोटो)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को आमतौर पर लोग 15 साल की स्कीम मानते हैं. लेकिन असल में PPF का असली फायदा तब मिलता है जब इसे लंबी अवधि तक जारी रखा जाए.

इसी रणनीति को समझाने के लिए कई वित्तीय विशेषज्ञ ‘15-5-5-5’ नियम की बात करते हैं.

इसका मतलब है कि PPF की शुरुआती 15 साल की अवधि के बाद इसे 5-5 साल के तीन अतिरिक्त चरणों में बढ़ाया जा सकता है.

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यानी कुल अवधि हो सकती है:

15 साल + 5 साल + 5 साल + 5 साल = 30 साल

लंबी अवधि में यही एक्सटेंशन कंपाउंडिंग की ताकत को कई गुना बढ़ा देता है.

PPF की शुरुआती अवधि 15 साल क्यों होती है?

PPF अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है. इस दौरान निवेशक हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकता है.

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत है:

  • सरकारी गारंटी
  • टैक्स फ्री रिटर्न
  • लंबी अवधि की कंपाउंडिंग

15 साल पूरे होने पर निवेशक के पास दो विकल्प होते हैं:

  • अकाउंट बंद कर देना
  • इसे आगे बढ़ाना

अक्सर यहीं लोग गलती कर देते हैं.

15 साल बाद क्या होता है?

15 साल की मैच्योरिटी के बाद PPF अकाउंट को 5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है.

यह एक्सटेंशन दो तरह से हो सकता है:

1. योगदान जारी रखते हुए

निवेशक हर साल निवेश जारी रख सकता है.

2. बिना नए निवेश के

अकाउंट में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा.

यहीं से शुरू होता है 15-5-5-5 का फॉर्मूला.

‘15-5-5-5’ नियम कैसे काम करता है?

अगर कोई निवेशक PPF अकाउंट को लगातार बढ़ाता है तो उसकी कुल अवधि 30 साल तक हो सकती है.

चरणअवधि
पहला चरण15 साल
दूसरा चरण+5 साल
तीसरा चरण+5 साल
चौथा चरण+5 साल

यानी कुल निवेश अवधि:

30 साल

और कंपाउंडिंग का असली फायदा भी इतने लंबे समय में ही दिखाई देता है.

अगर 30 साल निवेश करें तो कितना फंड बन सकता है?

मान लीजिए कोई निवेशक हर साल ₹1.5 लाख निवेश करता है और औसत ब्याज दर करीब 7.1% रहती है.

निवेश अवधिकुल निवेशअनुमानित फंड
15 साल₹22.5 लाख₹40 लाख
20 साल₹30 लाख₹66 लाख
25 साल₹37.5 लाख₹1 करोड़
30 साल₹45 लाख₹1.5 करोड़

यह उदाहरण दिखाता है कि समय जितना बढ़ता है, कंपाउंडिंग उतनी मजबूत होती जाती है.

PPF में लंबी अवधि क्यों जरूरी है?

PPF ऐसी स्कीम है जिसमें रिटर्न धीरे-धीरे बढ़ता है. इसलिए इसमें जल्दी पैसा निकालने के बजाय लंबी अवधि तक निवेश करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

लंबी अवधि के तीन फायदे हैं:

  • कंपाउंडिंग का असर बढ़ता है
  • टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है
  • सुरक्षित रिटायरमेंट फंड बन सकता है

PPF निवेश में लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?

कई लोग PPF अकाउंट 15 साल बाद बंद कर देते हैं.

जबकि वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कोई निवेशक इसे 25 या 30 साल तक जारी रखे, तो रिटायरमेंट के समय एक मजबूत फंड तैयार हो सकता है.

यही वजह है कि ‘15-5-5-5’ नियम को लंबी अवधि की PPF रणनीति माना जाता है.

PPF किन लोगों के लिए बेहतर है?

यह स्कीम खास तौर पर इन निवेशकों के लिए उपयोगी मानी जाती है:

  • नौकरीपेशा लोग
  • सुरक्षित निवेश चाहने वाले
  • लंबी अवधि की रिटायरमेंट योजना बनाने वाले
  • टैक्स बचत करने वाले निवेशक

आखिर में काम की बात

PPF को सिर्फ 15 साल की स्कीम समझना इसकी असली ताकत को कम आंकना है.

अगर कोई निवेशक 15-5-5-5 नियम अपनाकर इसे 30 साल तक जारी रखता है तो कंपाउंडिंग का फायदा कई गुना बढ़ सकता है.

यही वजह है कि कई वित्तीय विशेषज्ञ PPF को लंबी अवधि की सुरक्षित निवेश रणनीति के रूप में देखते हैं.

FAQs

Q. PPF का ‘15-5-5-5’ नियम क्या है?
A. यह PPF की 15 साल की अवधि के बाद 5-5 साल के तीन एक्सटेंशन का फॉर्मूला है.

Q. क्या PPF अकाउंट 30 साल तक चलाया जा सकता है?
A. हां, 15 साल के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है.

Q. PPF में अधिकतम कितना निवेश किया जा सकता है?
A. एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख निवेश किया जा सकता है.

Q. PPF पर ब्याज कितना मिलता है?
A. सरकार हर तिमाही ब्याज दर तय करती है, फिलहाल यह करीब 7.1% है.

Q. PPF का पैसा टैक्स फ्री होता है?
A. हां, निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स छूट मिलती है.

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