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औमतौर पर निवेशकों का यही सपना होता है कि वो कम रकम लगाकर भी फ्यूचर के लिए करोड़ों का फंड बना लें. लेकिन फिर भी समझ में नहीं आता है कि ये कैसे संभव होगा और इसको कैसे पूरा किया जा सकता है. असल में सही प्लानिंग, धैर्य और खासकर कंपाउंडिंग को समझकर यह सपना हकीकत में बदला जा सकता है. जी हां अगर कोई निवेशक केवल एक बार ₹4 लाख का निवेश करता है और लंबे समय तक उसे बढ़ने का मौका देता है, तो यह रकम करोड़ों तक पहुंच सकती है.
लंप सम यानी एकमुश्त निवेश में पूरी राशि एक बार में लगाई जाती है. इसमें आपको हर मंथ किस्तें डालने की जरूरत नहीं होती है. जैसे ही आप इन्वेस्टमेंट करते हैं, आपका पैसा तुरंत काम करना शुरू कर देता है. असल में यह तरीका खासतौर पर तब फायदेमंद होता है जब बाजार नीचे हो या सही मौके पर निवेश किया जाए. जी हां कंपाउंडिंग का जादू यहां सबसे बड़ा रोल निभाता है. जितनी जल्दी आप निवेश करेंगे, उतना ज्यादा समय आपके पैसे को बढ़ने का मिल जाता है.
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असल में लंप सम निवेश में आप एक बार का फैसला लेते हैं, पैसा सीधे मार्केट से जुड़ता है, जिससे यह तेजी से बढ़ भी सकता है और शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव का असर भी झेलना पड़ सकता है, यानी कि साफ है मुनाफे के चांस भी ज्यादा है और रिस्क भी.
तुरंत फायदा: पूरी राशि शुरुआत से ही बाजार में काम करने लगती है.
ज्यादा कंपाउंडिंग पावर: पूरी राशि एक बार में लगाने से ब्याज पर ब्याज जल्दी बढ़ जाता है.
सिंपल और आसान: इसमें मंथली किस्तें याद रखने या बार-बार पैसा निकालने की झंझट नहीं होती है, बोनस या बड़ी रकम मिलने पर यह बेहतरीन ऑप्शन है.
मार्केट टाइमिंग:हाई स्तर पर इन्वेस्टमेंट करने से रिटर्न आने में वक्त लग सकता है, लेकिन सही समय पर किया निवेश बड़े मुनाफे ला सकता है.
रिस्क एक्सपोजर: पूरी राशि एक साथ निवेश करने से बाजार की गिरावट का असर भी सीधा दिख सकता है.
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तो मान लीजिए ₹4 लाख का एकमुश्त निवेश 12% सालाना कंपाउंडिंग रिटर्न देता है, तो यह इस तरह बढ़ेगा
10 साल बाद: कुल रकम ₹12.42 लाख
15 साल बाद: कुल रकम ₹21.89 लाख
20 साल बाद: कुल रकम ₹38.58 लाख
29 साल बाद: करीब ₹1.06 करोड़
मान लीजिए आपने ₹4 लाख एक बार में (लंपसम) निवेश कर दिए. यह पैसा हर साल 12% ब्याज से बढ़ता है. असल में यहां ब्याज सिर्फ मूलधन पर ही नहीं, बल्कि पहले से बने ब्याज पर भी जुड़ता है. इसे ही कंपाउंडिंग कहा जाता है.
समय के साथ पैसा कैसे बढ़ता है?
10 साल बाद – आपका पैसा लगभग ₹12.4 लाख हो जाएगा
15 साल बाद – यह बढ़कर ₹21.9 लाख तक पहुंच जाएगा
20 साल बाद – यह करीब ₹38.6 लाख हो जाएगा
29 साल बाद – यही पैसा ₹1.06 करोड़ बन जाएगा
₹4 लाख को ₹1 करोड़ बनाने का सफर आसान नहीं है और न ही यह रातों-रात संभव है, लेकिन धैर्य, अनुशासन और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से यह पूरी तरह मुमकिन है. जल्दी इन्वेस्टमेंट शुरू करना और लॉन्ग टर्म तक टिके रहना ही सफलता की असली कुंजी है.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
5 FAQs
Q1. क्या सिर्फ ₹4 लाख से करोड़ों का फंड बनाया जा सकता है?
हाँ, कंपाउंडिंग और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से यह संभव है.
Q2. कंपाउंडिंग क्या होती है?
कंपाउंडिंग का मतलब है निवेश पर मिला ब्याज भी आगे ब्याज कमाए, जिससे पैसा तेजी से बढ़े.
Q3. ₹4 लाख को ₹1 करोड़ बनने में कितना समय लगेगा?
लगभग 29 साल, अगर 12% सालाना औसत रिटर्न मिले तो.
Q4. इस तरह का निवेश कहाँ किया जा सकता है?
लंबे समय के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या अन्य हाई रिटर्न विकल्पों में.
Q5. क्या यह निवेश जोखिम भरा होता है?
हाँ, इक्विटी में उतार-चढ़ाव रहते हैं, लेकिन लंबे समय में जोखिम कम होकर अच्छे रिटर्न मिलते हैं.
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