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रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोगों की सबसे बड़ी चिंता होती है—आगे की जिंदगी के लिए पैसों का इंतज़ाम कैसे किया जाए.असल में नौकरी के बाद सैलरी तो बंद हो जाती है, लेकिन खर्चे और जिम्मेदारियां पहले जैसे ही रहते हैं.तो फिर ऐसे में आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी शानदार योजना के बारे में बता रहे हैं, जो खासतौर पर सीनियर सिटीजन के लिए बनाई गई है.असल में इस योजना का नाम है सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS).
जी हां यह योजना पोस्ट ऑफिस द्वारा खास रूप से संचालित की जाती है और 60 सालों या उससे अधिक एज के लोगों के लिए मौजूद है.जबकि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि को आप इस स्कीम में निवेश कर हर महीने स्थिर आय का इंतज़ाम कर सकते हैं.
अगर आप एकमुश्त ₹30 लाख इस स्कीम में जमा करते हैं, तो आपको सालाना करीब ₹2,46,000 ब्याज मिल सकता है.
यह ब्याज हर तीन महीने (तिमाही) में आपके खाते में आता है.
₹2,46,000 को 4 तिमाहियों में बांटने पर
हर तिमाही = ₹61,500
यानी हर महीने औसतन करीब ₹20,500 की आमदनी
इस तरह वरिष्ठ नागरिक बिना किसी जोखिम के नियमित मंथली इनकम पा सकते हैं.
तो अगर आप इस स्कीम में ब्याज को हर तिमाही निकालने की बजाय स्कीम में ही रहने देते हैं, तो आपका निवेश समय के साथ और मजबूत होता जाएगा.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
5 FAQs
Q1. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में कौन निवेश कर सकता है?
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति इस स्कीम में खाता खोल सकते हैं, सुपरएनुएटेड कर्मचारी 55 वर्ष की आयु के बाद भी कर सकते हैं.
Q2. इस स्कीम में ब्याज दर कितनी मिलती है?
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम पर वर्तमान में 8.2% वार्षिक ब्याज दिया जाता है.
Q3. इस स्कीम में कितनी राशि निवेश की जा सकती है?
न्यूनतम ₹1,000 से खाता खुलता है और अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश किया जा सकता है.
Q4. इस स्कीम की मियाद कितनी है?
इसकी परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है, जिसे आगे 3 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है.
Q5. क्या इस स्कीम पर टैक्स लाभ मिलता है?
हाँ, इस स्कीम में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है.
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