&format=webp&quality=medium)
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम.
अगर आप चाहते हैं कि बैंक बैलेंस के साथ-साथ हर महीने तय रकम खाते में आती रहे, तो पोस्ट ऑफिस की एक खास सरकारी स्कीम आपके काम की हो सकती है. इसमें न तो ज्यादा जोखिम है और न ही रोज बाजार देखने की झंझट. आइए समझते हैं कैसे.
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, जिसे MIS कहा जाता है, भारतीय डाक द्वारा चलाई जाने वाली एक सरकारी बचत योजना है. इसका मकसद निवेशकों को सुरक्षित निवेश के साथ नियमित मासिक आमदनी देना है. इस योजना में आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है और उस पर सरकार तय ब्याज देती है.
यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है जो रिटायरमेंट के बाद हर महीने खर्च के लिए स्थायी आय चाहते हैं या फिर रिस्क से दूर रहकर निवेश करना पसंद करते हैं.
इस योजना में 18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है. सिंगल अकाउंट के अलावा ज्वाइंट अकाउंट की भी सुविधा है, जिसमें अधिकतम तीन वयस्क मिलकर निवेश कर सकते हैं. बच्चों के नाम पर यह खाता सीधे नहीं खोला जाता, लेकिन अभिभावक के जरिए कुछ स्थितियों में निवेश संभव है.
पोस्ट ऑफिस MIS पर इस समय 7.40% सालाना ब्याज दिया जा रहा है. यह ब्याज सीधे आपके खाते में हर महीने भेजा जाता है. इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है. अच्छी बात यह है कि खाता खुलने के अगले महीने से ही ब्याज मिलना शुरू हो जाता है.
अब सबसे जरूरी सवाल है हर महीने ₹5,500 कैसे मिलेंगे? इसका जवाब सीधा और आसान है. अगर आप सिंगल अकाउंट खोलते हैं और इसमें अधिकतम ₹9 लाख की एकमुश्त रकम निवेश करते हैं, तो 7.40% सालाना ब्याज के हिसाब से आपको महीने के करीब ₹5,500 का ब्याज मिलेगा. यह रकम पूरी तरह तय होती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
| निवेश राशि | ब्याज दर | मासिक इनकम |
| ₹9,00,000 (Single) | 7.40% लगभग | ₹5,500 |
| ₹15,00,000 (Joint) | 7.40% लगभग | ₹9,250 |
अगर आप ज्वाइंट अकाउंट खोलते हैं, तो अधिकतम ₹15 लाख तक निवेश किया जा सकता है. इस स्थिति में हर महीने मिलने वाली ब्याज राशि बढ़कर करीब ₹9,250 हो जाती है. घर के खर्च चलाने या बुजुर्ग माता-पिता की नियमित जरूरतों के लिए यह एक मजबूत विकल्प बन जाता है.
इस स्कीम में आमतौर पर ब्याज मासिक आधार पर मिलता है, जो इसे खास बनाता है. हालांकि कुछ तकनीकी स्थितियों में तिमाही या वार्षिक भुगतान भी संभव है. पूरी रकम का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि खाता 5 साल की अवधि पूरी होने तक जारी रखा जाए.
• 1 से 3 साल में अकाउंट बंद करने पर 2% कटौती
• 3 से 5 साल में अकाउंट बंद करने पर 1% कटौती
अगर खाताधारक की मृत्यु मैच्योरिटी से पहले हो जाती है, तो खाता तुरंत बंद कराया जा सकता है. पूरी जमा राशि और अब तक का ब्याज नॉमिनी को दे दिया जाता है. इससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा बनी रहती है.
पोस्ट ऑफिस MIS खाता खोलना बेहद आसान है. नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाकर अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भरें और केवाईसी डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो जमा करें. न्यूनतम ₹1,000 से भी खाता शुरू किया जा सकता है.
यह योजना खासतौर पर रिटायर्ड कर्मचारियों, सीनियर सिटीजन, गृहिणियों और ऐसे निवेशकों के लिए है जो जोखिम से दूर रहकर तय मासिक आय चाहते हैं. अगर आप भी सुरक्षित भविष्य की सोच रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस MIS एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम क्या पूरी तरह सुरक्षित है?
A. हां, यह एक सरकारी बचत योजना है. इसमें निवेश की गई राशि और ब्याज दोनों की गारंटी भारत सरकार देती है, इसलिए इसे रिस्क-फ्री माना जाता है.
Q2 क्या इसमें हर महीने तय रकम मिलती है?
A. इस स्कीम में हर महीने निवेश की गई राशि पर तय ब्याज मिलता है. रकम ब्याज दर और निवेश की राशि पर निर्भर करती है.
Q3 ₹5,500 महीना कमाने के लिए कितना निवेश करना होगा?
A. लगभग ₹9 लाख का एकमुश्त निवेश करने पर मौजूदा 7.40% ब्याज दर के हिसाब से करीब ₹5,500 महीने की इनकम हो सकती है.
Q4 MIS स्कीम की अवधि कितनी होती है?
पोस्ट ऑफिस MIS की मैच्योरिटी अवधि 5 साल होती है. 5 साल पूरे होने पर आपको पूरा मूलधन वापस मिल जाता है.
Q5 क्या इसमें ज्वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं?
हां, इस स्कीम में ज्वाइंट अकाउंट की सुविधा है. अधिकतम तीन वयस्क मिलकर खाता खोल सकते हैं और इसमें ₹15 लाख तक निवेश किया जा सकता है.