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India Post की कमाई में बड़ा धमाका. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
देश के डाक विभाग India Post को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग की कमाई बढ़कर ₹15,373 करोड़ पहुंच गई है. सरकार का कहना है कि पार्सल सेवा, डिजिटल तकनीक और गांवों तक पहुंच बढ़ाने की वजह से यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
डॉ. पेम्मासानी ने DD India को दिए इंटरव्यू में कहा कि India Post के 170 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी वित्तीय उपलब्धियों में से एक है. उन्होंने बताया कि साल 2016 में विभाग की कमाई करीब ₹11,500 करोड़ थी. इसके बाद हर साल औसतन ₹200 से ₹300 करोड़ की बढ़ोतरी होती रही. लेकिन इस साल अकेले ₹2,100 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
सरकार के मुताबिक India Post की पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवा में करीब 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि पहले पार्सल कारोबार से करीब ₹600 करोड़ की कमाई होती थी. अब OTP डिलीवरी, SMS ट्रैकिंग, UPI भुगतान और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी से इसमें तेजी आई है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सिर्फ पार्सल सेवा से ₹10,000 करोड़ तक कमाई की संभावना है.
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डाक विभाग ने बड़े शहरों में 24 घंटे और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की है. सरकार के मुताबिक तेज डिलीवरी के लिए रूट में बदलाव किए गए और बड़े स्तर पर लोगों को इसके बारे में जानकारी दी गई.
India Post अब IT 2.0 योजना के तहत ₹5,800 करोड़ का निवेश कर रहा है. सरकार का लक्ष्य डाक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाना है. इसके तहत लोग घर बैठे बचत योजना और बीमा योजना खरीद सकेंगे, डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे और पैसा सीधे बैंक खाते में पा सकेंगे.
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि डाकघर बचत खाते पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जो कई बड़े बैंकों के मुकाबले ज्यादा है. सरकार का मानना है कि डिजिटल सुविधा बढ़ने के बाद ज्यादा लोग डाकघर की बचत योजनाओं से जुड़ेंगे.
India Post Payments Bank के जरिए हर साल करीब ₹45,000 करोड़ की सरकारी मदद लोगों तक पहुंचाई जा रही है. मोबाइल फोन, बायोमेट्रिक मशीन और प्रिंटर के साथ कर्मचारी गांवों तक जाकर बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सेवाएं दे रहे हैं.
सरकार ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अभी तक 3.8 करोड़ लड़कियों का नामांकन किया जा चुका है. इसके अलावा महिलाओं की बचत योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
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India Post अब अपने डाकघरों को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रहा है. शहरी इलाकों में हर डाकघर पर ₹60 से ₹70 लाख तक खर्च किए जा रहे हैं. यहां डिजिटल काउंटर और आधार अपडेट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. वहीं कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नए तरह के डाकघर बनाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें.
सरकार ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें लोगों से व्यवहार, सेवा देने के तरीके और नई तकनीक पर फोकस किया जा रहा है.