FD से बनेंगे अमीर या RD बनाएगा धनवान? आपकी कमाई को कौन करेगा डबल? जानें कब और कैसे चुनें अपना 'मनी पार्टनर'!

FD और RD दोनों ही बचत व निवेश के बेहतरीन विकल्प हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी कमाई और जरूरतों पर निर्भर करता है. जानें कौन-सा विकल्प आपको अमीर बनाएगा और कब चुनें सही 'मनी पार्टनर'.
FD से बनेंगे अमीर या RD बनाएगा धनवान? आपकी कमाई को कौन करेगा डबल? जानें कब और कैसे चुनें अपना 'मनी पार्टनर'!

निवेशक अक्सर कंफ्यूज रहते हैं कि एफडी और आरडी में से कहां पैसा लगाया जाए और दोनों में से कौन उनको फ्यूचर में ज्यादा मालामाल कर सकता है. असल में दोनों की ऑप्शन को निवेश के लिहाज से बेस्ट और सेफ माना जाता है.फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करें या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प हैं, जिनमें गारंटीड रिटर्न मिलता है. लेकिन इनके बीच कई अंतर हैं, जो इन्हें अलग-अलग फाइनेंशियल टारगेट के लिए बेस्ट बनाते हैं.


रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में निवेश

आरडी में निवेशक हर महीने एक तय रकम जमा करते हैं और इसकी अवधि 6 महीने से लेकर 10 साल तक हो सकती है.इस स्कीम में मैच्योरिटी पर मूलधन और ब्याज एक साथ मिलते हैं. आरडी में ब्याज दर बैंक और निवेश की अवधि पर निर्भर करती है और यह तरीका उन लोगों के लिए बेहतर है, जिनकी आमदनी नियमित है और वे धीरे-धीरे पूंजी बनाना चाहते हैं.

उदाहरण: मान लें कि अगर आप हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं और 3 साल तक 6.5% ब्याज दर पर निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर लगभग ₹1.99 लाख मिलेंगे (जिसमें ब्याज भी शामिल है).

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश

FD में निवेशक एकमुश्त रकम को फिक्स टाइमिंग के लिए जमा करते हैं. यह अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक हो सकती है. इस पर फिक्स ब्याज मिलता है, और सीनियर सिटीजन को एक्स्ट्रा ब्याज दर का लाभ मिल जाता है.FD उन निवेशकों के लिए बेहतर है जिनके पास एक साथ बड़ी राशि निवेश करने के लिए उपलब्ध हो.

उदाहरण: अगर आप ₹2 लाख को 3 साल के लिए 7% ब्याज पर FD में लगाते हैं, तो मैच्योरिटी पर लगभग ₹2.46 लाख मिलेंगे.

कब चुनें FD और कब RD?

RD चुनें: तो अगर आपकी इनकम फिक्स है लेकिन एकमुश्त बड़ी राशि निवेश करने की क्षमता नहीं है. यह छुट्टियों, गैजेट खरीदने जैसे छोटे या मीडियम टर्म गोल्स के लिए बढ़िया है.
FD चुनें: अगर आपके पास सरप्लस फंड है और आप स्थिर, लंबे समय के रिटर्न चाहते हैं,असल में यह रिटायरमेंट, इमरजेंसी फंड जैसे टारगेट के लिए बेस्ट है.

FD और RD के बीच का अंतर

FD और RD दोनों ही बैंक और पोस्ट ऑफिस की लोकप्रिय सेविंग स्कीमें हैं, लेकिन इन दोनों में कुछ अहम अंतर होते हैं.असल में RD यानी Recurring Deposit में निवेशक हर महीने तय राशि जमा करते हैं, जबकि FD यानी Fixed Deposit में एकमुश्त राशि निवेश करनी होती है. वहीं, RD की अवधि 6 महीने से 10 साल तक होती है, वहीं FD की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक तय की जा सकती है.बात दें कि दोनों योजनाओं में आंशिक निकासी करने पर पेनल्टी लगती है. साथ ही RD उन लोगों के लिए सही है जो नियमित रूप से बचत करना चाहते हैं, जबकि FD उन निवेशकों के लिए बेहतर है जिनके पास एक साथ एक्स्ट्रा फंड मिलता है.

आपको बता दें कि FD और RD दोनों ही अलग-अलग जरूरतों के लिए उपयुक्त इन्वेस्टमेंट ऑप्शन हैं.RD नियमित बचत करने वालों के लिए बेहतर है और FD उन लोगों के लिए जो एकमुश्त निवेश कर स्थिर रिटर्न चाहते हैं.तो फिर समझदारी इसी में है कि आप अपने वित्तीय लक्ष्यों और कैश फ्लो को ध्यान में रखते हुए इन दोनों निवेशों का संतुलित मिश्रण बनाएं.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)


5 FAQs (हिंदी में)

Q1. FD और RD में क्या फर्क है?
FD में एकमुश्त राशि निवेश करनी होती है जबकि RD में हर महीने किस्तों में निवेश किया जाता है.

Q2. FD और RD पर ब्याज दरें कितनी होती हैं?
यह दरें बैंक या पोस्ट ऑफिस पर निर्भर करती हैं, सामान्यत: 6% से 8% तक होती हैं.

Q3. कौन-सा निवेश जल्दी डबल करता है – FD या RD?
यह ब्याज दर और समय अवधि पर निर्भर करता है। लंबे समय में FD और RD दोनों ही अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.

Q4. FD में पैसे निकालने की सुविधा कब मिलती है?
FD की परिपक्वता (maturity) पर पूरी राशि निकाली जा सकती है। प्रीमैच्योर विड्रॉल पर पेनल्टी लग सकती है.

Q5. RD किन लोगों के लिए बेहतर है?
जिन्हें हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करनी हो, उनके लिए RD बेहतर विकल्प है.
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