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आज से 11 साल पहले, देश में करोड़ों लोग ऐसे थे जिनके पास अपना कोई बैंक अकाउंट नहीं था. वो बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह कटे हुए थे, जिससे न तो वो बचत कर पाते थे और न ही उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल पाता था. इसी तस्वीर को बदलने के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) की शुरुआत की गई. आज, 11 साल बाद, ये योजना वित्तीय समावेशन की दुनिया में एक क्रांति बनकर उभरी है.
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना ने वो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो कुछ साल पहले तक एक सपना लगते थे.
ये आंकड़े दिखाते हैं कि देश का गरीब से गरीब व्यक्ति भी अब बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा कर रहा है और बचत की आदत अपना रहा है.
इस योजना की सबसे बड़ी सफलता इसकी गांवों तक पहुंच और महिला सशक्तिकरण में छिपी है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, PMJDY डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का इस्तेमाल कर योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने, ऋण सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और बचत एवं निवेश बढ़ाने के प्रमुख माध्यमों में से एक रहा है. अब सरकार की सब्सिडी, पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों के जन धन खाते में आता है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है.
इस योजना के तहत 38 करोड़ RuPay कार्ड भी जारी किए गए हैं. इन कार्ड्स ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है. वित्त वर्ष 2024-25 में पीओएस (दुकानों पर मशीन) और ई-कॉमर्स पर RuPay कार्ड से होने वाले लेनदेन की संख्या बढ़कर 93.85 करोड़ हो गई है, जो 2017-18 में सिर्फ 67 करोड़ थी.
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार अब देश भर में 'संतृप्ति अभियान' (Saturation Campaigns) चला रही है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से छूट न जाए.
इन कैंपों में लोग नए जन धन खाते खोल सकते हैं, जनसुरक्षा योजनाओं (बीमा और पेंशन) के तहत नामांकन करा सकते हैं और अपने बैंक खातों में KYC और नॉमिनेशन को भी अपडेट करा सकते हैं.
जवाब: ये भारत सरकार की एक वित्तीय समावेशन योजना है, जिसका उद्देश्य देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधाओं, जमा खातों, प्रेषण, ऋण, बीमा और पेंशन तक आसान पहुंच प्रदान करना है.
जवाब: इस योजना के मुख्य लाभार्थी देश के गरीब, ग्रामीण आबादी और महिलाएं हैं, जो पहले बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे. आंकड़ों के अनुसार, 56% खाताधारक महिलाएं हैं और 67% खाते ग्रामीण क्षेत्रों में हैं.
जवाब: अगस्त 2025 तक, 56 करोड़ से अधिक जन धन खातों में कुल 2.68 लाख करोड़ रुपए जमा हैं.
जवाब: यह एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जन धन योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से छूट न जाए. यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा और इसके तहत हर ग्राम पंचायत में कैंप लगाए जाएंगे.
जवाब: जन धन खाते के साथ एक RuPay डेबिट कार्ड, 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर, और 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है. यह एक जीरो बैलेंस खाता है, यानी इसमें न्यूनतम शेष राशि रखने की कोई जरूरत नहीं है.