World's 5 weakest currency: भारतीय रुपया कई मुद्राओं के मुकाबले बेहद मजबूत है. कुछ देशों में ₹500 या ₹2000 की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. जानते हैं ऐसी 5 करेंसी जिनके सामने रुपया कहीं ज्यादा मूल्यवान साबित होता है.
1/7क्या आप जानते हैं कि भारतीय रुपया कुछ देशों की करेंसी के मुकाबले कितना ताकतवर है? असल में दुनिया में ऐसे कई देश हैं, जहां मात्र 500 या 2000 रुपए लेकर आप लखपति जैसा महसूस कर सकते हैं. कुछ ऐसे देश हैं जहां पर भारतीय रुपये की वैल्यू इतनी ज्यादा है कि आपकी छोटी बचत भी बड़ा खर्च करवा सकती है.
2/7ईरान का रियाल, वियतनाम का डोंग, सिएरा लियोन का लियोन, लाओस का किप और गिनी का फ्रैंक ऐसी कमजोर मुद्राओं में शामिल हैं.इन देशों में भारतीय रुपया यात्रियों को बेहतरीन खरीदारी शक्ति देता है और कम पैसों में शानदार यात्रा संभव हो जाती है.
3/7वैसे वियतनामी डोंग दुनिया की सबसे कमज़ोर मुद्राओं में गिनी जाती है.यहां आज 1 भारतीय रुपए के मुकाबले लगभग 300 डोंग मिलते हैं. मानते हैं कि सरकार जानबूझकर इसकी वैल्यू कम रखती है ताकि वियतनामी प्रोडक्शन विदेशी बाज़ारों में सस्ते रहें और निर्यात बढ़ सके.
4/7वैसे ईरानी रियाल लगातार दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में गिनी जाती है. 2025 के मध्य तक 1 भारतीय रुपया करीब 490-500 रियाल के बराबर हो सकता है.यानी कि यहां अगर आप 10,000 रुपए ले गए तो आपके पास 50 लाख रियाल हो सकते हैं. जी हां, ये वो देश है जहां की मुद्रा की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे कम मानी जाती है.
5/7वैसे इंडोनेशियाई रुपिया दुनिया की सबसे कम वैल्यू वाली करेंसी में से एक मानी जाती है. भारत का 1 रुपया यहां करीब 185 से 190 इंडोनेशियाई रुपिया के बराबर माना जा सकता है. इसके बावजूद इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कमजोर नहीं है.यहां रुपिया का मूल्य अभी भी आयात पर निर्भरता, अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और घरेलू वस्तुओं की कीमतों से प्रभावित होता है.वैसे साफ है कि यहां 5000 रुपयों में भारतीय लखपति महसूस कर सकते हैं.
6/7लाओस की करेंसी ‘किप’ को दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में गिना जाता है.असल में यहां भारत का 1 रुपया करीब 250 से 260 किप के बराबर हो जाता है. लाओस की अर्थव्यवस्था अभी भी विकासशील है और बड़ी हद तक कृषि और जलविद्युत पर निर्भर है.वैसे लाओस यात्रियों के लिए बेहद सस्ता और किफायती देश साबित होता है, जहां कम पैसों में शानदार अनुभव मिल सकता है.
7/7गिनी अफ्रीका का वह देश है जो बॉक्साइट और लौह अयस्क जैसे कीमती खनिजों से भरा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यहां की मुद्रा गिनी फ्रैंक बेहद कमजोर है. मानते हैं कि आज की स्थिति यह है कि केवल 1 भारतीय रुपये में करीब 100 गिनी फ्रैंक मिल जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता और मजबूत बुनियादी ढांचे की कमी मानी जाती है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)