हम सभी आने वाले कल को सुरक्षित रखने के लिए निवेश की प्लानिंग करते हैं. एक समय के बाद जब हम ज्यादा भाग-दौड़ करने लायक नहीं होते हैं तो ऐसे समय में रिटायमेंट समेत अन्य सेविंग्स हमारे काम आती हैं.यहां हम एक ऐसे ही फंड के बारे में बता रहे हैं जिसमें आपका पैसा समय के साथ-साथ बढ़ेगा और महफूज भी रहेगा.
1/7कम समय में ज्यादा मुनाफा चाहने वालों के लिए वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड यानी स्वैच्छिक भविष्य निधि (Voluntary Provident Fund) एक अच्छा ऑप्शन साबित होगा.
2/7भविष्य निधि (EPF) में आप जो अपनी मर्जी से इन्वेस्ट करते हैं वह पैसा Voluntary Provident Fund (VPF) में जाता है. यह ईपीएफ में किए जाने वाले 12 फीसदी निवेश से अलग होता होता है.
3/7वीपीएफ में केवल ईपीएफओ (EPFO) में रजिस्टर्ड कर्मचारी ही निवेश कर सकते हैं. आप अपनी कंपनी में वीपीएफ के लिए एक अलग से निवेश शुरू करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
4/7स्वैच्छिक भविष्य निधि में निवेश की एक सीमा तय होती है. यहां आप अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) का 100 फीसदी हिस्सा भी निवेश कर सकते हैं.
5/7वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड में निवेश पर कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जितना ब्याज मिलता है. इसकी ब्याज दरों में हर साल बदलाव किया जाता है.
6/7पीएफ की तरह स्वैच्छिक भविष्य निधि (Voluntary Provident Fund) में कंपनी की तरफ से कोई हिस्सेदारी नहीं होती है. इस फंड में कर्मचारी को भी अपनी इच्छा के मुताबिक निवेश करना होता है. इस मद में निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है.
7/7स्वैच्छिक भविष्य निधि (Voluntary Provident Fund) पूरी तरह से रिटायरमेंट प्लान है. इस फंड से पैसा केवल रिटायरमेंट पर ही निकाला जा सकता है.