पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) की मांग को लेकर 20 साल से चले आ रहे विरोध और आंदोलन को समाप्त करने के मकसद से सरकार की ओर से उतारी गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) यानी यूपीएस (UPS) का काफी विरोध हो रहा है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इसमें बहुत सारी खामियां हैं. इसकी सबसे बड़ी खामी तो वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के एक जवाब से निकलकर आई है जो इसकी तमाम अच्छाइयों पर भारी पड़ गई है.
1/7UPS की सबसे बड़ी खामी वीआरएस के मामले में सामने आती है. अगर कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनता है तो उसे पेंशन कब से मिलेगी. ये सवाल जब वित्त सचिव टीवी सोमनाथन से पूछा गया तो उनका जवाब था कि आप रिटायर चाहे जब हों, यूपीएस के तहत पेंशन सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने के बाद ही मिलेगी.
2/7रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली इस पेंशन स्कीम में इस खामी के चलते बड़ी मुश्किल सामने आएगी. दरअसल देश में तमाम विभागों में रिटायरमेंट की अवधि अलग-अलग है. विश्वविद्यालयों में रिटायरमेंट की आयू 65 साल है. कुछ विभागों में 60 वर्ष तो कुछ में 58 वर्ष है. ऐसे में अगर व्यक्ति 58 वर्ष में रिटायर हो जाए तो पेंशन के लिए उसे दो साल का इंतजार करना होगा. वहीं अगर कोई कर्मचारी 50 साल की उम्र पर वीआरएस लेते हैं तो आपको यूपीएस के तहत पेंशन पाने के लिए 10 साल तक इंतजार करना होगा.
3/7इस मामले में कर्मचारी संगठन का कहना है कि 25 साल में नौकरी लेने वाला युवक अगर 50 की आयु में नौकरी के 25 साल पूरे करके VRS लेना चाहे, तो उसके पास यूपीएस के तहत पेंशन लेने का कोई विकल्प 10 सालों तक नहीं होगा. इस बात की क्या गारंटी कि अगले 10 तक वो जिंदा भी रहेगा या नहीं. ऐसे में सरकार को इस स्कीम की सबसे बड़ी खामी को दूर करने की जरूरत है और इसमें वीआरएस लेने वाले के लिए भी पेंशन लेने की व्यवस्था बनानी चाहिए.
4/7इस स्कीम के तहत 10 साल की नौकरी करने पर 10 हजार रुपए न्यूनतम पेंशन तय की गई है, जबकि 25 साल की नौकरी पर पेंशन का कैलकुलेशन दूसरे फॉर्मूले से होगा. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद जो पेंशन दी जाएगी वो उनके सेवा वर्षों और औसत इनकम पर आधारित होगी.
5/7UPS पेंशन फंड में सरकार की तरफ से 18.5 प्रतिशत योगदान किया जाएगा. जबकि कर्मचारी का योगदान सिर्फ 10% होगा. इसमें फैमिली पेंशन का भी प्रावधान है. कर्मचारी की मौत के बाद फैमिली पेंशन के तौर पर कर्मचारी के पेंशन का 60 फीसदी दिया जाएगा.
6/7UPS में रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि का प्रावधान किया है, जिसका कैलकुलेशन कर्मचारी के हर 6 महीने की सेवा पर मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 10वें हिस्से के तौर पर किया जाएगा. साथ ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम के जरिए सरकारी कर्मचारियों को इंफ्लेशन इंडेक्सेशन का भी फायदा मिलेगा. इसमें पेंशन कैलकुलेशन महंगाई राहत (DR) को भी जोड़ा जाएगा.
7/7सरकारी कर्मचारी एनपीएस या यूपीएस में से कोई भी स्कीम चुन सकते हैं. अगर किसी कर्मचारी ने एक बार UPS के तहत लाभ लेने का फैसला कर लिया, तो वह NPS में फिर से नहीं लौट सकता है.