अक्सर लोग Cibil Score पर ध्यान नहीं देते, जिससे वह खराब हो जाता है. इसके चलते उन्हें Loan मिलने में दिक्कत होती है. हर बैंक लोन देने से पहले आपका सिबिल चेक करता है, ताकि वह ये समझ सके कि आप लोन समय से चुका पाएंगे या नहीं. आइए जानते हैं ऐसे 7 फैक्टर्स के बारे में, जिनके चलते सिबिल स्कोर खराब हो सकता है.
1/8यह एक तीन अंकों की संख्या है या यूं कहें कि स्कोर है. इसकी रेंज 300 से लेकर 900 अंकों तक होती है. यह आपके लोन लेने की योग्यता को दिखाता है. आपके पुराने लोन, क्रेडिट कार्ड के बिल आदि के आधार पर यह संख्या तय होती है. अगर आप अपने सारे कर्जों और कार्ड बिल को चुकाते रहते हैं तो आपका सिबिल स्कोर बेहतर होता जाता है, जबकि अगर आप कोई डिफॉल्ट करते हैं तो आपका सिबिल स्कोर खराब होता जाता है. आइए जानते हैं ऐसी 7 वजहें, जिनकी वजह से सिबिल स्कोर खराब हो जाता है.
2/8अगर पहले से ही आपका कोई लोन चल रहा है और आप उसकी कोई ईएमआई मिस कर देते हैं, तो इसका सीधा असर आपके सिबिल पर पड़ता है. इससे सिबिल स्कोर घटता है. अगर आप ज्यादा ईएमआई मिस करते हैं या लोन ही डिफॉल्ट कर देते हैं तो आपका सिबिल इतना खराब हो जाएगा कि आपको कोई बैंक लोन नहीं देगा. हर बैंक को यह डर रहेगा कि आप उसका लोन नहीं चुकाएंगे, जिससे उसे नुकसान हो सकता है.
3/8अगर आपने कोई बड़ा लोन लिया हुआ है तो इससे भी आपके सिबिल पर असर पड़ता है. यह दिखाता है कि आपके ऊपर पहले से ही बहुत सारा कर्ज है, जिसे चुकाना बाकी है. ऐसे में अगर बैंक आपको और कर्ज दे देते हैं तो शायद आप उसे ना चुका पाएं. यही वजह है कि होम लोन लेने के बाद लोगों का सिबिल स्कोर कम हो जाता है.
4/8कई बार एक शख्स लोन लेने के लिए अलग-अलग बैंकों में अप्लाई करता है और जिस बैंक से उसे कम ब्याज दर पर लोन मिलता है, वहां से कर्ज ले लेता है. ध्यान रहे, अगर आपने कई बैंकों में लोन की एप्लिकेशन डाली है, तो हर बैंक की तरफ से आपका सिबिल स्कोर चेक किया जाएगा और ये हार्ड इन्क्वायरी के तहत होता है. बता दें जब कोई बैंक या NBFCs आपका क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं तो इसे हार्ड इन्क्वायरी कहते हैं. वहीं जब आप खुद से ऑनलाइन सिबिल चेक करते हैं तो उसे सॉफ्ट इन्क्वायरी कहा जाता है. हार्ड इन्क्वायरी से आपका सिबिल स्कोर घटने लगता है.
5/8अगर आप क्रेडिट कार्ड से कोई बड़ी खरीदारी करते हैं या बहुत ज्यादा खरीदारी करते हैं तो इसका सिबिल स्कोर पर असर पड़ता है. इससे आपके क्रेडिट कार्ड का यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ जाता है, जो आपके सिबिल स्कोर को घटाता है. आपको अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30 फीसदी से कम ही शॉपिंग के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, वरना आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है.
6/8अगर आप बार-बार क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो इससे भी आपके सिबिल पर असर पड़ता है. यह ठीक वैसा ही है, जैसे आप लोग के लिए अप्लाई करते हैं तो सिबिल प्रभावित होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें भी हार्ड इन्क्वायरी होती है, जिससे सिबिल घटता है. हालांकि, यह अस्थाई होता है और कुछ समय में ही सिबिल फिर से ठीक हो जाता है.
7/8अगर आप कोई क्रेडिट कार्ड बंद करते हैं तो इससे भी आपका सिबिल प्रभावित होता है. जब कोई क्रेडिट कार्ड बंद होता है तो आपकी कुल लिमिट घटती है, जिसके चलते आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ जाता है. इस रेश्यो के बढ़ने का सिबिल स्कोर पर उल्टा असर होता है और वह घट जाता है.
8/8अगर आप किसी लोन को समय से पहले बंद करते हैं तो इसका भी आपके सिबिल पर असर पड़ता है. बैंक की तरफ से सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दो तरह के लोन दिए जाते हैं. अगर आपने सिक्योर्ड लोन लिया और उसे समय से पहले बंद कराते हैं तो उससे आपका सिबिल थोड़ा घट सकता है. हालांकि, यह अस्थाई होता है और कुछ ही समय में वह फिर ठीक हो जाता है.